Fri Sep 11, 2026 | 09:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vijay Singhal , Dermatologist

Back Combing: कंघी करने का ये तरीका बालों को बढ़ाने में है मददगार, एक्सपर्ट से जानें कैसे और कितनी देर करें?

Back combing benefits: कंघी तो हम सभी लोग करते हैं लेकिन बहुत कम लोग बैक कॉम्बिंग के बारे में जानते हैं। दरअसल, ये बालों के लिए एक प्रकार का योग है जिसे करना आपका ब्लड सर्कुलेशन तेज करने के साथ कई समस्याओं से बचा सकता है।

Back combing benefits: कंघी करना हमारे हेयर केयर रूटीन का हमेशा से हिस्सा रहा है। कंघी बालों को सुलझाने और सवारने के लिए हम करते हैं लेकिन इसके पीछे एक साइंस ये भी है कि कंघी करने से बालों की बनावट पर भी फर्क पड़ता है। कंघी के दांत जब हमारे स्कैल्प पर चलते हैं तो इससे ब्लड सर्कुलेशन में तेजी आती है और बालों के पोर्स खुलते हैं। इस तरह खुले पोर्स बालों को पोषण पहुंचाते हैं और जड़ों की मजबूती देते हैं। इसकी वजह से बालों का झड़ना कम होता है और इसकी ग्रोथ अच्छी होती है लेकिन आज हम बात करेंगे बैक कॉम्बिंग के बारे में। दरअसल, कंघी करने का ये तरीका बालों की सेहत के लिए कुछ अलग ही तरीके (Back Combing Benefits in Hindi) से काम करता है। कैसे, जानते हैं इस बारे में Dr. Vijay Singhal, Unit Head & Senior Consultant, Dermatology, Sri Balaji Action Medical Institute से।

बैक कॉम्बिंग क्या है?

Dermatologist Vijay Singhal बताते हैं कि बैककॉम्बिंग, जिसे टीजिंग या रैचेटिंग भी कहते हैं, एक तकनीक है जिसमें बारीक दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करके बालों को सिरों से जड़ों की ओर धीरे से या बेढंगे ढंग से खींचा जाता है। इस तकनीक बालों की स्टाइलिंग के लिए नहीं होता बल्कि बालों की सेहत सही रखने के लिए होता है।

इसे भी पढ़ें: ह्यूमिडिटी से हो सकता है डैंड्रफ, जानें बालों की सेहत के ल‍िए इसके 5 नुकसान 

बैक कॉम्बिंग करने का तरीका

बैक कॉम्बिंग करने का तरीका (backcombing kaise karen) काफी आसान होता है। सबसे आसान ये है कि किसी एक जगह पर बैठ जाएं और बालों को आगे करके झूक जाएं। फिर एक कंघी लें बालों को पीछे से आगे की ओर कंघी करें। दूसरा तरीका ये है कि सूखे या हल्के नम बालों में सेक्शन में बांट लें। एक बारीक दांतों वाली कंघी या उलझे बालों को सुलझाने वाली कंघी लें और बालों के हर सेक्शन को पीछे की ओर से आगे की ओर कंघी करें।

back_combing_benefits

बैक कॉम्बिंग कितनी देर करें?

डर्मेटोलॉजिस्ट विजय सिंघल की मानें (How to backcomb Short hair) तो रोज 2 से 3 मिनट आराम से बैठकर आपको अपने बालों की बैक कॉम्बिंग करनी चाहिए। आप इसे सुबह या शाम को कर सकते हैं। सबसे अच्छा तरीका ये है कि जब भी आप बालों को कंघी करने जाएं, 2 मिनट एक्सट्रा रखकर इस काम करें। इसके अलावा बालों को चंपी करते वक्त भी आप बैक कॉम्बिंग कर सकते हैं।

बैक कॉम्बिंग के फायदे

बैक कॉम्बिंग करने के फायदे (Back Combing Benefits in Hindi) कई हैं लेकिन सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसमें जब आप उल्टा (How backcombing work for hair at home) कंघी चलाते हैं तो एक प्रकार की गर्मी पैदा होती है जो कि लंबे समय से यूंही पड़े बेजान बालों में जान लाने का काम करती है। इससे ब्लड सर्कुलेशन में तेजी आने के साथ स्कैल्प में नमी बनी रहती है जिससे बालों की ग्रोथ अच्छी होती है और बाल घने रहते हैं। बैककॉम्बिंग बालों में तुरंत घनापन ला सकती है। यह हेयरस्टाइल में बनावट और कसाव ला सकता है इसलिए भी जिनके बाल ज्यादा पतले हैं या झड़ रहे हैं उन्हें इस प्रकार से कंघी करने की सलाह दी जाती है। इतना ही नहीं इससे डैमेज बालों की संख्यान में भी कमी आती है और बालों के टैक्सचर को बेहतर बनाने में मदद करती है।

इसे भी पढ़ें: कमजोर और झड़ते बालों का कारण बन सकते हैं ये 5 हेयर ट्रीटमेंट, बरतें सावधानी 

ध्यान देने वाली बातें

अगर बैककॉम्बिंग जोर से या जरूरत से ज्यादा की जाए, तो बालों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे बाल उलझ सकते हैं और कर्ली बाल टूट सकते हैं। बैककॉम्बिंग सभी प्रकार के बालों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकती, खासकर कमजोर या क्षतिग्रस्त बालों के लिए, ऐसे में आपको मोटी दांत वाली कंघी का इस्तेमाल करना चाहिए वो भी बालों को थोड़ा गीला करके। इस तरह कोमलता और सही तकनीकों का इस्तेमाल करके, बैककॉम्बिंग हेयरस्टाइल में वॉल्यूम, टेक्सचर और नाटकीयता जोड़ने का एक उपयोगी तरीका हो सकता है।

Read Next

ग्रीन टी की मदद से हेयर स्कैल्प को मजबूत बनाना हुआ आसान, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताए तरीके

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 19, 2025 12:05 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Oct 19, 2025 12:05 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Oct 19, 2025 12:05 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Vijay Singhal

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content