सोते समय शिशुओं को ज्यादा पसीना आने के हो सकते हैं कई कारण, जानें इससे बचाव के लिए आसान टिप्स

क्या सोते समय शिशुओं का अधिक पसीना आना सामान्य है? चलिए जानते हैं इसके कारण और बचाव

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraUpdated at: Aug 10, 2021 13:19 IST
सोते समय शिशुओं को ज्यादा पसीना आने के हो सकते हैं कई कारण, जानें इससे बचाव के लिए आसान टिप्स

बच्चे को किसी भी तकलीफ में देखना माता-पिता के लिए बहुत ही दुखदायी होता है। ऐसे में माता-पिता हर वो संभव करते हैं, जिससे बच्चों की तकलीफ को दूर किया जा सके। रात में अचानक आंख खुले और आप देखें कि आपका बच्चा पसीने से भीगा हुआ है, तो कैसा अनुभव करेंगे? बच्चे को पसीने में भीगा हुआ देखकर ज्यादातर माता-पिता परेशान हो जाते हैं। उन्हें चिंता होने लगती है आखिर उनके बच्चों को इतना ज्यादा पसीना क्यों आ रहा है? अगर आपके बच्चे के साथ भी ऐसा हो रहा है, तो चिंता न करें। आज हम आपको इस लेख में इसी विषय के बारे में बताने जा रहे हैं। चलिए जानते हैं आपके मन में उठे सभी सवालों के जबाव-

क्या नींद में बच्चों को पसीना आना है सामान्य?

नोएडा स्थित न्यू हॉस्पिटल के पीडियाट्रिशियन डॉक्टर विकास कुमार अग्रवाल (Neo Hospital Pediatrician Doctor Vikas Kumar Aggarwal) बताते हैं कि अधिकतर बच्चों को सोते समय पसीना आता है। यह एक सामान्य बात है। लेकिन अगर आपके बच्चे को सोते समय काफी ज्यादा पसीना आ रहा है, तो यह संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं। इसलिए अगर आपके बच्चे में इस तरह के लक्षण नजर आ रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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किन कारणों से बच्चों को सोते समय आता है पसीना?

सोते समय पसीना आने का सामान्य कारण

शारीरिक गतिविधि

बच्चे गहरी नींद में सोते हैं, तो उन्हें काफी ज्यादा पसीना आता है। डॉक्टर का कहना है कि बच्चे बड़ों के जितना करवट नहीं बदलते हैं। ऐसे में शिशु एक ही स्थिति में लंबे समय तक सोता है। एक ही स्थिति में लंबे समय तक सोने की वजह से शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जिसके कारण उनके शरीर में काफी ज्यादा पसीना आता है। 

कमरे का तापमान

आपके रूम के अधिक तापमान की वजह से भी बच्चे को अधिक पसीना आ सकता है। 

कंबल

अधिकतर पेरेंट्स को लगता है कि रात को बच्चे को सर्दी लग सकती है, इसलिए वे उन्हें कंबल ओढ़ाकर सुलाते हैं। इसकी वजह से बच्चे के शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जिसके कारण आपके बच्चे को अधिक पसीना आ सकता है। 

स्वेद ग्रंथि

शिशुओं के पसीने की ग्रंथि वयस्कों के विपरीत होती है। उनके पसीने की ग्रंथि उनके सिर के करीब स्थित होती है। जिसके कारण रात के समय उनके सिर पर काफी ज्यादा पसीना दिखता है। रात में अधिकतर बच्चे अपने सिर की स्थिति ज्यादा नहीं बदलते हैं, जिसके कारण उनके सिर पर ज्यादा पसीना आता है।

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सोते समय पसीना आने का असामान्य कारण

अगर आपके शिशु को अधिक पसीना आता है, तो इसके असामान्य कारण हो सकते हैं। चलिए जानते हैं इस बारे में-

जन्मजात हृदय रोग

अगर आपका शिशु जन्म से ही हृदय रोग से पीड़ित है, तो उसे असामान्य रूप से पसीना आ सकता है। हृदय रोग शिशु को तब होता है, जब वह मां के गर्भ में होता है। इस तरह के शिशु को खाना खाते समय और खेलते समय काफी ज्यादा पसीना आ सकता है। 

SIDS के कारण

एसआईडीएस (Sudden Infant Death Syndrome) के कारण शिशु के शरीर में काफी ज्यादा गर्मी उत्पन्न होने लगती है। जिसके कारण उनके शरीर में अत्यधिक पसीना दिखता है। 

इसके अलावा हाइपरहाइड्रोसिस और नींद अश्वसन की वजह से आपके शिशु को काफी ज्यादा पसीना आ सकता है।

सोते समय शिशु को पसीना आने से कैसे करें बचाव

कुछ आसान तरीकों से आप सोते समय पसीना आने की समस्या को रोक सकते हैं। चलिए जानते हैं इस बारे में-

कमरे का तामपान नियंत्रित रखें - कमरे का तापमान सामान्य रूप से रखें। 

बच्चे को हाइड्रेट रखें - सोने से पहले शिशुओं को अधिक से अधिक पानी पिलाकर सुलाएं। 

बच्चों को पहनाएं सही कपड़े - रात को सोते समय शिशुओं को हल्के-फुल्के कपड़े पहनाकर सुलाएं। 

सोते समय शिशुओं को अगर ज्यादा पसीना आए, तो अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। ताकि शिशुओं को आगे होने वाले खतरे से बचाया जा सके।

Image Credit - Pixabay

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