Fri Sep 25, 2026 | 08:57 AM IST

शिशु की छाती (ब्रेस्ट) में गांठ के क्या कारण हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें इससे छेड़छाड़ करने पर होने वाले खतरे

नवजात शिशुओं के ब्रेस्ट में गांठ या सूजन होना क्या सामान्य समस्या है? चलिए एक्सपर्ट से जानते हैं इस बारे में-
शिशु की छाती (ब्रेस्ट) में गांठ के क्या कारण हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें इससे छेड़छाड़ करने पर होने वाले खतरेशिशु की छाती (ब्रेस्ट) में गांठ के क्या कारण हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें इससे छेड़छाड़ करने पर होने वाले खतरे

नवजात शिशुओं में कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलाव होते हैं। शिशुओं में होने वाले कुछ बदलावों को देखकर माता-पिता खुश होते हैं। तो वहीं, कुछ ऐसे बदलाव होते हैं, जो माता-पिता को परेशानी में डाल देती है। इन बदलावों में से एक है शिशु के ब्रेस्ट में गांठ। क्या आपने कभी शिशुओं के ब्रेस्ट में सूजन या गांठ देखी है? क्या यह एक सामान्य समस्या है? किन कारणों से शिशुओं के ब्रेस्ट में गांठ होता है? आज हम इन सारे सवालों के जबाव नोएडा स्थित न्यू हॉस्पिटल के पीडियाट्रिशियन डॉक्टर विकास कुमार अग्रवाल (Neo Hospital Pediatrician Doctor Vikas Kumar Aggarwal) से जानेंगे। चलिए जानते हैं डॉक्टर से नवजात शिशुओं के ब्रेस्ट में गांठ के बारे में विस्तार से-

क्या यह एक नॉर्मल समस्या है?

इस बारे में डॉक्टर विकास कुमार अग्रवाल का कहना है कि शिशुओं के ब्रेस्ट में गांठ (baby Breast Swelling) बनना एक नॉर्मल समस्या है। जन्म के 3 से 4 दिन बाद अगर आप शिशु के ब्रेस्ट में यह बदलाव देख रहे हैं, तो घबराएं नहीं। यह अपने आप ठीक हो जाता है। अगर यह परेशानी बढ़ती नजर आए, तो इसे छेड़ने की कोशिश न करें। शिशुओं में यह बदलाव नजर आने पर डॉक्टर से संपर्क करें। 

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शिशुओं के ब्रेस्ट को ज्यादा छूने से होने वाले खतरे?

डॉक्टर का कहना है कि शिशुओं के ब्रेस्ट में हुए सूजन को छेड़ें नहीं। अगर आप बार-बार उनके ब्रेस्ट को छूते या फिर सिंकाई करते हैं, तो इससे पस और इंफेक्शन बढ़ने का खतरा रहता है। जो पूरे शरीर में फैल सकता है। ऐसा करने से और भी गंभीर परेशानियां हो सकती हैं, इसलिए कोशिश करें कि शिशुओं के ब्रेस्ट को ज्यादा छूएं नहीं। अगर आप ज्यादा सिंकाई करते हैं, तो ब्रेस्ट की सूजन बढ़ सकती है। इसलिए कभी भी शिशु के ब्रेस्ट से दूध निकालने की कोशिश न करें। अगर समस्या बढ़ रही है, तो आप डॉक्टर से संपर्क करके इस समस्या का हल निकाल सकते हैं। अगर आप  शिशु के ब्रेस्ट को ज्यादा छेड़ेंगे, तो मेस्टाइटिस होने का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टर का कहना है यह एक नॉर्मल समस्या है, जो कुछ दिन में बैठ जाता है।

शिशुओं के ब्रेस्ट में गांठ या सूजन होने के कारण

डॉक्टर विकास अग्रवाल बताते हैं कि यह एक हार्मोनल समस्या है। इसके लिए माता-पिता को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। चलिए जानते हैं शिशुओं के शरीर में गांठ होने के कारण-

हार्मोनल परिवर्तन

महिलाएं गर्भावस्था के दौरान कई हार्मोनल बदलावों से गुजरती हैं। यह हार्मोनल बदलाव कभी-कभी गर्भ में पल रहे शिशुओं को भी प्रभावित कर सकता है। मां के शरीर में हुए हार्मोनल बदलाव के कारण शिशुओं के निप्पल में सूजन हो सकती है। इसलिए घबराएं नहीं। 

रासायनिक परिवर्तन

गर्भ में पल रहा शिशु कभी-कभी मां के शरीर से कुछ केमिकल्स को अवशोषित कर सकता है, जो मां के ब्लड में मौजूद होता है। हालांकि, जन्म के बाद जब यह केमिकल्स की आपूर्ति बंद हो जाती है, तो कुछ समय बाद शिशुओं के ब्रेस्ट में हुआ सूजन कम हो जाता है।

गर्भवती महिला के शरीर में हुआ बदलाव

जैसे-जैसे महिलाओं की डिलीवरी डेट नजदीक आती है। वैसे-वैसे उनका ब्रेस्ट स्तनपान के लिए तैयार होता है। ये परिवर्तन गर्भ में पल रहे शिशु को भी प्रभावित कर सकता है। इस वजह से कभी-कभी शिशुओं का स्तन भी दूध का स्त्राव करने लगता है। इस समस्या को विच मिल्क कहते हैं। यह अपने आप ठीक होने वाली परेशानी है।

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डॉक्टर से कब करें परामर्श

  • अगर शिशुओं के ब्रेस्ट की गांठ कम नहीं हो रही है, तो इस स्थिति में आपको डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। 
  • यदि शिशु को ब्रेस्ट में गांठ के साथ-साथ तेज बुखार हो रहा है, तो इस स्थिति में आपको डॉक्टर के पास जाना जरूरी है। 
  • अगर ब्रेस्ट में सूजन के साथ-साथ किसी तरह की लाली या फिर खुजली जैसी समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से फौरन संपर्क करें। 

ध्यान रखें कि शिशुओं के निप्पल में गांठ होना एक सामान्य समस्या है। यह गांठ कुछ दिन में बैठ जाता है। इसलिए ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। अगर गांठ नहीं बैठ रहा है, तो आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। लेकिन इसे ज्यादा छेड़-छाड़ करने से बचें। 

Image Credit - Pixabay

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Kishori Mishra

Kishori Mishra

सब एडिटर

जागरण न्यू मीडिया (Only My Health) में बतौर सब एडिटर काम कर रही किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया में 4 साल का अनुभव है। किशोरी को हेल्थ के साथ-साथ करियर और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों की अच्‍छी समझ है। वह पिछले 4 वर्षों से इन विषयों पर लेख लिखती आ रही हैं। किशोरी ने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से हिन्दी जर्नजिल्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है।

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    Aug 06, 2021 00:00 IST

    Published By : Kishori Mishra

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