पीरियड्स में हार्मोनल बदलावों के बावजूद, महिलाओं में होती है ये 4 सुपर पॉवर

महिलाओं के शरीर में पीरियड्स कई बार मूड स्विंग की समस्या होती है। इसके अलावा, महिलाएं कुछ ऐसी एनर्जी महसूस करती हैं जो उनके लिए फायदेमंद है।

सम्‍पादकीय विभाग
महिला स्‍वास्थ्‍यWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Jan 13, 2020
पीरियड्स में हार्मोनल बदलावों के बावजूद, महिलाओं में होती है ये 4 सुपर पॉवर

महिलाओं के शरीर में पीरियड्स के दौरान बहुत सारे हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसके कारण वे काफी परेशान रहती हैं। ऐसे में मूड स्विंग(बदलना) होना, थकान महसूस करना और चिड़चिड़ापन होना सामान्य है। कई महिलाओं के पेट दर्द होने और क्रेप्स आने की शिकायत भी रहती है। इस दौरान महिलाओं को किसी भी खुशबू का एहसास जल्दी होने लगता है। इसके बावजूद, महिलाओं में कई सारी सुपर पावर आने लगती हैं, जिससे वे किसी भी काम को करने की ताकत महसूस करती हैं। साधारण दिनों के मुकाबले, पीरियड्स के दिनों में महिलाएं ज्यादा अच्छा और क्रियेटिव काम करने लगती हैं। इस साइकिल में 4 फेज (phase) होते हैं और इसी कारण से शरीर में अलग-अलग बदलाव महसूस होते हैं। 

पहला फेज- क्रिएटिव पावर

creative

ये आपने भी महसूस किया होगा कि कई बार पीरियड्स के दिनों में आप ज्यादा अच्छा काम करती हैं, और ज्यादा क्रिएटिविटी करने की ओर झुकती हैं। पीरियड्स में आपके शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर शांत रहता है। पूरे महिने में महिलाएं काम करने में आलस महसूस करती हैं, बल्कि उन्हें पीरियड्स के दिनों में ज्यादा काम करने का मन करता है। ऐक्टिंग और डांस जैसे काम करने में महिलाओं का खूब मन लगता है। इन दिनों महिलाएं किसी भी चैलेंज को पूरा कर लेती हैं और वो ज्यादा एनर्जी महसूस करती हैं।

इसे भी पढ़ें: 21 साल से पहले लड़कियों को नहीं कराने चाहिए ये 2 मेडिकल टेस्ट, गलत परिणाम बना सकते हैं बीमार

दूसरा फेज- कम्युनिकेशन स्किल्स

पीरियड्स में, आपके टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन हर महीने 3-4 दिनों के लिए, अपने ज्यादा स्तर पर होते हैं। जब आप किसी से बात करती हैं, तो बहुत सारी ऐसी बातें होती हैं, जिन्हें आप नहीं कह पाती हैं। लेकिन पीरियड्स के दौरान आप ज्यादा अच्छी तरह बात-चीत कर पाती हैं और किसी से भी बात करने की खूबी आने लगती है। सबके सामने बोलने, नए दोस्त बनाने या नौकरी के लिए इंटरव्यू देने का, आपके लिए यह बहुत अच्छा समय होता है। इस दौरान आपका मानसिक तनाव भी कम रहता है। 

तीसरा फेज- काम जल्दी करना

work

ये सबसे ज्यादा लंबा फेज होता है, ये पीरियड्स के अंत में होता है, इसमें आपको कोई भी काम जल्दी खत्म करने का मन करता है। इस दौरान आप अपने काम के लिए काफी सीरियस हो जाती हैं और अच्छी तरह से पूरा भी करती हैं। घर का काम हो या ऑफिस का आप अच्छी तरह पूरा करती हैं, इन दिनों आप ज्यादा एक्टिव और सहनशील रहती हैं। अपनी पेंटिंग, लेखन या कोडिंग पर काम करना आपको अधिक पसंद आता हैं। 

इसे भी पढ़ें: पीरियड के दर्द से हैं परेशान तो खाने में शामिल करें ये 5 मिनरल, एक्सपर्ट से जानें फायदे

चौथा फेज- आभास और प्रतिबिंब

ये पीरियड्स शुरु होने के कुछ दिनों पहले महसूस होता है। इसमें आपको पहले से ही कुछ चीजों के बारे में एहसास होने लगता है, इसे गट फीलिंग भी कहा जाता है। अगर कोई काम आप करने जा रही हैं, तो इसका परिणाम क्या हो सकता है, ये अंदाजा आपको बिल्कुल सही तरह से होने लगता है। इस दौरान आप अपनी लाइफ से जुड़े कई एहम फैसले लेने लगती हैं। आपको क्या काम किस तरह से मैनेज करना है, इसके बारे में अच्छा सोचने की शक्ति महसूस करती हैं। इस तरह की पावर का इस्तेमाल आप बेहतर तरह से कर सकती हैं, लेकिन आपको अपने मूड स्विंग का ध्यान रखना चाहिए इसके कारण आप गलत फैसले न लें। 

Read More Articles On womens Health In Hindi

Disclaimer