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प्रेग्नेंसी में ज्यादा चिंता (Anxiety) क्यों खतरनाक है? डॉक्टर से जानें इसके खतरे, लक्षण और बचाव के उपाय

प्रेगनेंसी के दौरान अक्सर महिलाओं को एंग्जायटी की समस्या हो सकती है। ऐसे में जानते हैं लक्षण, कारण और बचाव के उपाय...

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Jan 27, 2022Updated at: Jan 27, 2022
प्रेग्नेंसी में ज्यादा चिंता (Anxiety) क्यों खतरनाक है? डॉक्टर से जानें इसके खतरे, लक्षण और बचाव के उपाय

गर्भावस्था के दौरान अक्सर महिलाओं को अपने शरीर में कई बदलाव देखने को मिलते हैं। वहीं इसका असर उनके स्वभाव और मूड पर भी पड़ता है। वहीं जैसे-जैसे महिलाओं का पेट बढ़ता है वैसे वैसे उनकी नींद, उनकी दिनचर्या, रोजमर्रा के कार्य आदि भी प्रभावित होना शुरू हो जाते हैं, जिसके कारण अक्सर महिलाएं तनाव, चिंता या एंग्जाइटी की समस्या का सामना करती हैं। आज हम बात कर रहे हैं प्रेगनेंसी के दौरान एंग्जाइटी की समस्या हो जाना। एंग्जाइटी की समस्या तनाव और शरीर में आने वाले बदलाव के कारण हो सकती है। हालांकि इसके पीछे कई और भी कारण हो सकते हैं जिन पर हमारा आज लेख आधारित है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि गर्भावस्था के दौरान एंग्जाइटी की समस्या होने के पीछे क्या क्या कारण हो सकते हैं। साथ ही लक्षण और बचाव के बारे में भी जानेंगे। इसके लिए हमने गेटवे ऑफ हीलिंग साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी (Dr. Chandni Tugnait, M.D (A.M.) Psychotherapist, Lifestyle Coach & Healer) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे...

गर्भावस्था के दौरान एंग्जाइटी होने के कारण

1 - प्रेगनेंसी से संबंधित जब महिलाओं को कोई जानकारी नहीं होती है और ऐसे समय में जब वह प्रेग्नेंट हो जाए तो उन्हें एंग्जायटी का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर पर 18 से 25 की उम्र के बीच में यदि महिलाएं प्रेगनेंट हो जाती हैं तो नॉलेज की कमी के कारण महिलाएं एंग्जाइटी का सामना कर सकते हैं।

2 - प्रेगनेंसी के दौरान अक्सर महिलाओं को भरपूर सपोर्ट की जरूरत होती है वहीं जब उसका पार्टनर अन्य कामों में व्यस्त होता है या महिलाओं को सपोर्ट नहीं मिल पाता है तब भी एंग्जायटी की समस्या के शिकार हो सकती हैं।

3 - यदि महिला के परिवार में पहले किसी महिला को प्रेगनेंसी के दौरान एंग्जायटी की समस्या हुई है तो हो सकता है कि उस महिला को भी एंग्जायटी की समस्या हो जाए। इसे आंशिक तौर पर देखा जा सकता है।

4 - कभी-कभी एंग्जायटी फाइनेंसियल समस्याओं के कारण हो सकती है। जब एक नई जिम्मेदारी आने को होती है तो अक्सर पेरेंट्स के मन में आर्थिक स्थिति से जुड़े सवाल भी आते हैं इसके कारण एंग्जायटी की समस्या हो सकती है।

5 - जैसा कि हमने पहले भी बताया शरीर में बदलाव के कारण भी महिलाओं को एंग्जायटी की समस्या हो सकती है।

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प्रेगनेंसी के दौरान एंग्जाइटी के लक्षण

प्रेगनेंसी के दौरान जब महिलाओं को एंग्जायटी की समस्या होती है तो कई लक्षण नजर आ सकते हैं। यह लक्षण इस प्रकार हैं-

1 - जब महिलाएं एंग्जाइटी की समस्या से ग्रस्त हो जाती हैं तो उनकी हार्टबीट तेज हो जाती है और उन्हें घबराहट जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

2 - एंजाइटी के कारण अक्सर महिलाओं को नींद की समस्या हो जाती है। वह ना भरपूर नींद ले पाती हैं और अनिद्रा के कारण वे तनाव भी महसूस कर सकती हैं।

3 - महिलाओं के दिमाग में बच्चे के जन्म को लेकर नकारात्मक विचार आने शुरू हो जाते हैं। उनके मन में कई सवाल उठते हैं जैसे कि अपने बच्चे का ख्याल रख पाएंगे या नहीं? क्या डिलीवरी के दौरान बच्चे को कोई नुकसान तो नहीं पहुंचेगा।

4 - कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान एंग्जायटी होने पर सांस लेने में तकलीफ की समस्या भी देखी गई है।

5 - जब स्थिति गंभीर हो जाती है तो प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को पैनिक अटैक की स्थिति का भी सामना करना पड़ सकता है।

प्रेगनेंसी के दौरान एंग्जाइटी से छुटकारा पाने के उपाय

ऊपर बताए गए कारणों के आधार पर यहां कुछ उपचार दिए गए हैं, जिनकी मदद से महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान एंग्जाइटी की समस्या से राहत पा सकती हैं। यह उपाय निम्न प्रकार हैं-

1 - मेडिटेशन करना - प्रेगनेंसी के दौरान यदि महिलाओं को एंग्जायटी की समस्या हो जाए तो इसे दूर करने में मेडिटेशन महिलाओं के बेहद काम आ सकता है। मेडिटेशन करने से ना केवल मन को शांति मिल सकती है बल्कि महिलाओं का दिमाग भी नकारात्मक विचारों से दूर रह सकता है। ऐसे में महिलाओं को मेडिटेशन का सहारा लेना चाहिए।

2  -कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी - कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी के माध्यम से भी महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान एंग्जाइटी की समस्या से बच सकती हैं। बता दें कि इस थेरेपी में लक्षण को कम करने के साथ-साथ समाधान निकाला जाता है। यह थेरेपी कई सेशंस में होती है। ऐसे में परिस्थिति के हिसाब से एक्सपर्ट थेरेपी का चयन करते हैं।

3 - नींद की जरूरत - जैसा कि आपने पहले भी बताया महिलाओं को एंजाइटी के दौरान नींद की समस्या हो जाती है। वहीं नींद की समस्या के कारण भी महिलाओं को एंग्जायटी हो सकती है। ऐसे में नींद पर नकारात्मक प्रभाव महिलाओं पर और बच्चे की सेहत पर पड़ सकता है। महिलाओं को प्रेगनेंसी की तरह भरपूर नींद लेने की जरूरत है।

4 - संतुलित आहार का सेवन - कभी-कभी एंग्जायटी शरीर में जरूरी पोषक तत्व की कमी के कारण भी हो सकती है। ऐसे में महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान जरूरी पोषक तत्व का सेवन करना चाहिए, जिससे ना केवल शरीर में ऊर्जा बनी रहे बल्कि बच्चे का स्वास्थ्य भी सही रह सके।

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5 - प्रेगनेंसी के दौरान बच्चे से जुड़े और मां के शरीर में आने वाले बदलावों से जुड़े चीजों के बारे में पढ़ सकती हैं। इससे भी एंग्जायटी की समस्या कम हो सकती है।

6 - यदि आपका पार्टनर किसी अन्य काम में व्यस्त है तो आप खुद का सपोर्ट सिस्टम में नहीं है। इसके लिए आप किसी परिवार वाले दोस्त की मदद भी ले सकती हैं।

7 - प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को भरपूर आराम करने की भी जरूरत होती है। ऐसे में ज्यादा काम से भी महिलाओं के शरीर में एंग्जायटी का स्तर बढ़ सकता है।

8 - अपनी दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियों को जोड़ना भी एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। यदि महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान शारीरिक गतिविधियां करती हैं तो इससे बच्चे के साथ महिलाओं की शारीरिक और मानसिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

9 - प्रेगनेंसी के दौरान यदि एंग्जायटी की समस्या बढ़ती जा रही है तो ऐसे में डॉक्टर से महिलाओं के बेहद काम आ सकते हैं। एक्सपर्ट की मदद से महिलाएं न केवल अपनी परिस्थिति का आंकलन कर सकती है बल्कि इस स्थिति से बाहर भी आ सकती हैं।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि प्रेगनेंसी के दौरान एंग्जायटी की समस्या होने पर महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में ऊपर बताए गए लक्षण महिलाओं को नजर आए तो तुरंत एक्सपर्ट से संपर्क करने की जरूरत है। वही इस लेख में बताए गए उपचार महिलाओं के बेहद काम आ सकते हैं। यदि परिस्थिति बढ़ती जा रही है तो ऐसे में महिलाओं को एक्सपर्ट की राय लेनी जरूरी है।

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