क्या प्रेग्नेंसी में इंटरमिटेंट फास्टिंग कर सकते हैं? एक्सपर्ट से जानें इससे जुड़ी जरूरी बातें और सावधानियां

प्रेगनेंसी के दौरान हेल्दी डाइट का सेवन करना जरूरी है। लेकिन अगर आप इंटरमिटेंट फास्टिंग कर रही हैं तो आपके इस बारे में जानना चाहिए। 

Monika Agarwal
महिला स्‍वास्थ्‍यWritten by: Monika AgarwalPublished at: Jan 23, 2022Updated at: Jan 23, 2022
क्या प्रेग्नेंसी में इंटरमिटेंट फास्टिंग कर सकते हैं?  एक्सपर्ट से जानें इससे जुड़ी जरूरी बातें और सावधानियां

पहले तो आप यह जान लें कि इंटरमिटेंट फास्टिंग उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो अपने बढ़े हुए वजन को कम करना चाहते हैं। इसलिए इस फास्टिंग के दौरान 12 से 16 घंटे की फास्टिंग की जाती है। जिसमें में दिन के कुछ घंटों (12-8) में खाया-पिया जाता है और कुछ घंटों (12-16) में कुछ नहीं खाया जाता। क्या इस फास्टिंग को प्रेग्नेंसी के दौरान करना सुरक्षित है या इससे कुछ रिस्क जुड़े हुए हैं? अगर आप गर्भवती हैं तो किसी भी डाइट को अपनाने से पहले आप अपना और बच्चे के स्वास्थ्य का ख्याल करें। इंटरमिटेंट फास्टिंग में वैसे भी कार्बोहाइड्रेट्स, फाइबर और प्रोटीन पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। 

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एक्सपर्ट के अनुसार

मदरहुड हॉस्पिटल में सीनियर आब्सट्रिशियन एंड गायनोकोलॉजिस्ट डॉ मनीषा रंजन के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह की खाने पर पाबंदी या फास्टिंग आदि सही नहीं। इस डाइट में अधिक घंटों तक भूखा रहना पड़ता है तो यह डाइट आपके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होगी। अगर आप लाइफस्टाइल या खान पान की आदतों में कुछ बदलाव भी कर रही हैं तो भी आपको अपने डॉक्टर की सलाह पर ही ऐसा करना चाहिए। यदि आप इंटरमिटेंट फास्टिंग करना भी चाहती है तो उसे इस तरह से भी प्लान कर सकती है कि सप्ताह में 5 दिन खाएं और 2 दिन फास्टिंग रखें। दरअसल जो महिलाएं इस समय डाइटिंग या फिर खान पान में रोक लगाती हैं उनको गैस्टेशनल डायबिटीज और लेबर के समय दिक्कत आदि जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। 

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प्रेग्नेंसी के दौरान इंटरमिटेंट फास्टिंग से क्या क्या रिस्क जुड़े हैं?

प्रेग्नेंसी के समय आपको केवल अपने लिए ही नहीं बल्कि बच्चे की पौष्टिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भी खाना खाना होता है। अगर इस समय आप सुझाई गई डाइट से कम मात्रा में खाना खाती हैं या खान पान पर रोक लगाती हैं, तो पौष्टिक खामियां देखने को मिल सकती हैं। आयरन की कमी, एनीमिया आपकी और आपके बच्चे की सेहत को प्रभावित कर सकते हैं। इससे आपके बच्चे का पैदा होने पर सामान्य से कम वजन हो सकता है। चौथे महीने से मां को पहले महीने से अधिक एनर्जी की आवश्यकता होती है और अगर आप डाइटिंग करती हैं तो इस समय सांस ले पाने में दिक्कतें हो सकती हैं।

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अगर आपने प्रेग्नेंसी से पहले इंटरमिटेंट फास्टिंग की हो तो क्या करें?

अगर आप प्रेगनेंट होने से पहले इंटरमिटेंट फास्टिंग करती आ रही हैं तो इस समय भी आपको वजन अधिक बढ़ने का डर जरूर होगा। लेकिन डॉक्टरों की माने तो इस समय हेल्दी रूप से थोड़ा वजन बढ़ना आवश्यक होता है। अगर अब भी आप इंटरमिटेंट फास्टिंग इस समय जारी रखना चाहती हैं तो अपने डॉक्टर से एक बार सलाह जरूर लें लें और उनसे अपनी सेहत की सारी जानकारियां जरूर शेयर करें।

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प्रेग्नेंसी के दौरान वजन नियंत्रित कैसे करें?

अगर आप प्रेग्नेंसी के दौरान भी हेल्दी और फिट रहना चाहती हैं तो इसके लिए जरूरी नहीं है कि आपको किसी तरह की डाइट आदि की ही जरूरत है। आप को रोजाना कितनी कैलोरीज़ का सेवन कर रही हैं, इस बात पर ध्यान रखने की जरूरत है। दूसरी तिमाही में महिलाओं को पहली तिमाही से 340 से 450 कैलोरीज़ की अधिक जरूरत होती है। इस ज़रूरत को आप हेल्दी और पौष्टिक खाना खा कर पूरी कर सकती हैं। इसके साथ ही खाने को अच्छे से पचाने के लिए और अपने वजन को नियंत्रण में रखने के लिए थोड़ी बहुत एक्सरसाइज भी कर सकती हैं। लेकिन पूरी सावधानी के साथ और केवल वही एक्सरसाइज करें जो प्रेगनेंट महिलाओं के लिए उपयुक्त हैं।

इस अवस्था में आपको इस अनुभव को पूरी तरह एंजॉय करना चाहिए न कि डाइटिंग आदि से शरीर पर और अधिक स्ट्रेस डालना चाहिए। हालांकि डिलीवरी होने के बाद आप अपने वजन को नियंत्रण में लाने के लिए इस प्रकार के प्रयास कर सकती हैं।

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