एडिनोमायोसिस रोग क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और घरेलू उपचार

पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉट्स और पेड़ू में दर्द की समस्या एडिनोमायोसिस हो सकती है। जानें इसके लक्षण और घरेलू उपचार।

Monika Agarwal
अन्य़ बीमारियांWritten by: Monika AgarwalPublished at: Apr 09, 2022Updated at: Apr 09, 2022
एडिनोमायोसिस रोग क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और घरेलू उपचार

एडिनोमायोसिस महिलाओं में होने वाली एक मेडिकल स्थिति है जिसमें एंडोमेट्रियल टिश्यूज यूट्रस की अंदरूनी दीवार में बनना शुरू हो जाता है। इससे यूट्रस की दीवार मोटी हो जाती है। इसके कारण ब्लीडिंग का फ्लो तेज हो जाता है और हैवी पीरियड्स देखने को मिलते हैं। यह समस्या आमतौर पर प्रजनन वाली उम्र की महिलाओं में यानी 25 से 40 तक की उम्र में देखने को मिल सकती है। इस स्थिति में महिलाओं को कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जिन्हें पहचानकर समय पर इलाज कराना जरूरी है। अगर समस्या सामान्य है तो आप इसे कुछ घरेलू उपायों से भी ठीक कर सकती हैं।

एडिनोमायोसिस के लक्षण (Symptoms Of  Adenomyosis in Hindi)

पेट का फूलना

पेट में दबाव

पेट में दर्द और मरोड़

मासिक धर्म के दौरान ब्लड क्लॉट्स

इंटरकोर्स के दौरान दर्द

पीरियड्स के बीच में स्पॉटिंग

हैवी और ज्यादा समय तक पीरियड के दौरान ब्लीडिंग

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एडिनोमायोसिस के लक्षणों को कम करने के घरेलू उपाय

मसाज

पेट पर अरोमा थेरेपी मसाज करने से ब्लड फ्लो में सुधार आता है और इससे मासिक दर्द में भी थोड़ी राहत मिलती है।

किसी भी एसेंशियल ऑयल की 6 बूंद ले लें।

साथ ही एक चम्मच नारियल तेल भी लें।

इन दोनों को एक दूसरे में मिला दें।

दो मिनट के लिए इस मिश्रण से अब अपने पेट की मसाज करें।

इसे रात भर ऐसे ही छोड़ दें।

अगर साफ भी करना है तो कम से कम आधे घंटे के बाद।

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हीटिंग पैड

इससे पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो बढ़ता है जिसके कारण प्रेशर से थोड़ी राहत मिल सकती है। इससे यूट्रस में होने वाले दर्द से भी थोड़ी निजात पाई जा सकती है।

इसके लिए आपको केवल एक हीटिंग पैड की जरूरत होगी।

इसे अपने लोअर बेली भाग में रखें और 5 मिनट के लिए यहीं रहने दें।

अब इसे हटा दें और फिर से दोहराएं।

इसे रोजाना दो से तीन बार जरूर करें।

कैस्टर ऑयल

इसमें रिसिनोलिक एसिड होता है जिसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसका प्रयोग करने से पेट पर आने वाली सूजन और दर्द में कमी आ सकती है।

इस थेरेपी में आपको केवल कैस्टर ऑयल और हॉट वॉटर बॉटल की जरूरत है।

थोड़ा सा कैस्टर ऑयल अपने पेट पर लगा लें।

अब 15 से 20 मिनट तक अपने पेट पर हॉट वॉटर बॉटल को रख लें।

इसे रोजाना एक या दो बार करें।

हल्दी

हल्दी में मौजूद करक्यूमिन में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह गुण दर्द कम करने में और सूजन खत्म करने में सहायक हो सकते हैं।

इसके लिए एक चम्मच हल्दी और एक कप दूध की आवश्यकता होगी।

दूध को गर्म करके उसमें हल्दी मिला लें और उसे पी जाएं।

इस मिश्रण का रोजाना सेवन करें।

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अदरक

अदरक में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इससे आने वाली सूजन खत्म हो सकती है।

इसके लिए एक चम्मच अदरक लें और उसे एक कप पानी में मिला कर एक बार उबाल दें।

इसे थोड़ा सा पीने लायक बनाने के लिए इसमें शहद भी मिला सकते हैं।

अब इसे छान लें और पी जाएं।

इस ड्रिंक को रोजाना 3 से 4 बार पी सकते हैं।

एलोवेरा

इसमें काफी आराम देने वाले और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो एडिनोमायोसिस स्थिति के लक्षणों से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। एक कप फ्रेश एलोवेरा जूस ले लें और उसे ताजा ताजा पी जाएं। रोजाना इस जूस का सेवन कम से कम दो बार करें।

कैल्शियम और मैग्नीशियम

मासिक साइकिल में इस स्थिति से जुड़े दिखने वाले लक्षण ठीक होने में यह दोनों ही तत्व काफी मदद कर सकते है। इसके लिए आपको  कैल्शियम और मैग्नीशियम की जरूरत होगी। इन सप्लीमेंट्स का सेवन करने के अलावा इन से युक्त खाद्य पदार्थों जैसे दूध, चीज, दही, साल्मन आदि का सेवन कर सकते हैं।

इस स्थिति में आपको ज्यादा से ज्यादा सब्जियां जैसे पत्ता गोभी, पालक, खीरा, गाजर ,बींस, मटर,दालें, ओट्स, मसाले, हल्दी, धनिया, जीरा ,सौंफ, अंगूर पपीता नाशपाती सेब बादाम एलोवेरा व्हीटग्रास अखरोट आदि का सेवन फायदेमंद हो सकता है। यही नहीं आपको रोजाना एक्सरसाइज करनी चाहिए और ज्यादा प्रोसेस्ड फूड और कैफीन के सेवन से बचना चाहिए। 

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