Coronavirus: स्‍कूल-कॉलेज के दोबारा खुलने पर जरूर बरतें ये 5 सावधानी, विशेषज्ञों ने दी सलाह

स्‍कूल और कॉलेज खुलने के साथ कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने के लिए विशेषज्ञों ने छात्रों के लिए कुछ जरूरी जानकारी साझा की है।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Jun 03, 2020Updated at: Jun 03, 2020
Coronavirus: स्‍कूल-कॉलेज के दोबारा खुलने पर जरूर बरतें ये 5 सावधानी, विशेषज्ञों ने दी सलाह

कोरोना वायरस संकट के बीच कुछ राज्‍यों की सरकारें स्‍कूल-कॉलेजों की परीक्षाएं आयोजित कराने पर विचार कर रही हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्‍या बच्‍चे स्‍कूलों में सावधानी बरतेंगे? दिल्‍ली में चह रहे डिजिटल कोविड-19 परफेक्ट हेल्थ मेले में इस मुद्दे पर विस्‍तार से चर्चा की गई, जिसमें विशेषज्ञों ने अपनी राय दी। 

दरअसल, हेल्थ मेले के तीसरे दिन विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के 200 से अधिक छात्रों ने कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इस दौरान छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए कई मौके मिले जिनमें सिंगिंग और डांस से लेकर COVID इनोवेशन और स्लोगन राइटिंग जैसी प्रतियोगिताएं शामिल थीं।

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यह पहली बार है कि भारत को एक स्वस्थ और रोग मुक्त राष्ट्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध एक प्रमुख राष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (HCFI) ने PHM को ऑनलाइन आयोजित किया है। यह कार्यक्रम भय मुक्त जीवन को लेकर जनता को शिक्षित करने के लिए भी आयोजित किया गया था कि क्या सावधानियां और प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए। इसमें बेहतर इम्यूनिटी का निर्माण, मास्क पहनना, होम क्वारेंटाइन सहित अन्य चीजों के अलावा कई उपाय शामिल हैं। इस दौरान कोरोना के साथ जीवन जीने, संस्थानों को फिर से खोलने, और उठाए जाने वाले उपायों पर तमिलनाडु के 1000 से अधिक स्कूल शिक्षकों के साथ बातचीत भी हुई।

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इस बारे में बताते हुए, पद्मश्री अवार्डी, डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, "हम स्पेनिश फ्लू के बाद एक और महामारी से गुजर रहे हैं जो कि 100 साल पहले हुआ था। इन सभी वर्षों में कई बीमारियों से राहत मिली है। इसलिए यह समझना अनिवार्य है कि हमें कोरोनोवायरस के साथ रहना है और उससे डरना नहीं है। बच्चों से बच्चों में इस वायरस के ट्रांसमिशन की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। उदाहरण के लिए, चीन में 14 दिनों में लगभग 6.5 मिलियन लोगों का परीक्षण किया गया। प्रत्येक 1 रोगसूचक मामले के लिए, 30 स्पर्शोन्मुख मामले होंगे। स्कूलों और अन्य संस्थानों के मामले में भी यह सच है। 10 से कम उम्र के बच्चों में घातक परिणाम अभी शून्य हैं। स्कूलों और कॉलेजों को जल्दी या बाद में जब भी शुरू हों, यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए कि कोई ट्रांसमिशन न हो।"

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स्कूल और कॉलेजों को दोबारा शुरू करने को लेकर कुछ सुझाव 

आपस में बातचीत न करें। अगर बातचीत करें तो दोनों पक्ष मास्क पहने रहें और 10 मिनट से कम समय तक ही बातचीत करें;यदि आप एक कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आएं तो घबराएं नहीं या फिर आपकी लंबाई से छोटे बच्चे आपको गले लगाएं तो पैनिक न हों।

शिक्षक छात्रों के सामने न बैठें। स्टाफ मीटिंग के दौरान भी, प्रिंसिपल पर्याप्त दूरी बनाए रखने के लिए दोनों तरफ शिक्षकों को बैठाएं और खुद केंद्र में बैठ सकते हैं। इस दौरान मास्क पहने रहें।

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एसी का उपयोग करने से बचें। यदि आपको चाहिए, तो सेंट्रलाइज्ड या विंडो एसी का उपयोग करें। यह एक हाई पेडस्टल पर होना चाहिए ताकि हवा किसी भी वायरस को न ले जाए। 

अगर आप एसी के सामने बैठे हैं तो आपके और एसी के बीच किसी और को नहीं बैठना चाहिए। अगर एसी के बिना काम नहीं चल सकता है तो एक एयर प्यूरीफायर रखें जो हर घंटे हवा को साफ कर सकता है।

केवल एक व्यक्ति या शिक्षक को ब्लैकबोर्ड का उपयोग करे। बच्चों को कुछ भी दोहराने के लिए न कहें और उन्हें चुप रहने और सुनने के लिए प्रोत्साहित करें। लंच ब्रेक के दौरान भी, उन्हें अपने-अपने स्थानों पर बैठने और खाने के लिए प्रोत्साहित करें तो बेहतर है।

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