Hand Yoga Poses: हाथ के बल करें ये 3 योगासन, कई समस्याएं होंगी दूर

Yoga Asanas on Hand in Hindi: जिस तरह आप पेट और पीठ के बल योग करते हैं, उसी तरह हाथों के बल भी योग किया जा सकता है। जानें हाथ के बल किए जाने वाले आसन-

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Sep 14, 2022Updated at: Sep 14, 2022
Hand Yoga Poses: हाथ के बल करें ये 3 योगासन, कई समस्याएं होंगी दूर

Hand Yoga Poses in Hindi: योग करना संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। योग करने से शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहा जा सकता है। जो लोग नियमित रूप से योग करते हैं, वे योग न करने वाले लोगों की तुलना में अधिक स्वस्थ रहते हैं। सभी लोग अलग-अलग तरह से योग करना पसंद करते हैं। कुछ लोग मेडिटेशन करते हैं, तो कुछ प्राणायाम करना पसंद करते हैं। वहीं कुछ लोगों को पेट के बल आसन करना पसंद होता है, तो कुछ लोगों को पीठ के बल आसन करना अच्छा लगता है। इसके अलावा हाथों के बल भी योग किया जा सकता है। जी हां, हाथों के बल योग करना संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। हाथों के बल योगासन करने से रक्त प्रवाह बेहतर होता है। इससे शरीर का संतुलन अच्छा होता है। साथ ही दिमाग और मन भी शांत होता है। लेकिन आप सोच रहे होंगे कि आखिर हाथ के बल किए जाने वाले आसन कौन-से हैं (Yoga Asanas on Hand in Hindi)?  या फिर हाथ के बल योग करने से क्या-क्या फायदे मिलते हैं (Hand Yoga Poses Benefits in Hindi)? आइए, इस बारे में जानते हैं-

1. चक्रासन

चक्रासन हाथों के सहारे किए जाने वाले आसनों में से एक है। इसे व्हील पोज भी कहा जाता है। चक्रासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती है। साथ ही यह पाचन को भी बेहतर बनाता है। चक्रासन बॉडी को फ्लैक्सिबल बनाने में मदद कर सकता है। अगर आप मोटापे से परेशान हैं, तो चक्रासन करना लाभकारी हो सकता है। चक्रासन बैली फैट को कम करने में असरदार हो सकता है।

चक्रासन कैसे करें-

  • चक्रासन करने के लिए सबसे पहले योग मैट पर पीठ के बल लेट जाएं। 
  • अपने दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ लें और तलवों को जमीन पर रखें। इस दौरान अपने दोनों पैरों के बीच में थोड़ा गैप रखें।
  • इसके बाद अपनी हथेलियों को सिर के पास जमीन पर रखें। अब तलवों और हथेलियों को जमीन पर टिकाकर रखें।
  • फिर हाथों और पैरों को सीधा रखते हुए कमर, पेट और छाती को ऊपर उठाएं। सिर को पीछे की तरफ से कमर की ओर ले जाने की कोशिश करें। 
  • इस स्थिति में सांस रोककर कुछ देर रुकें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं। 
  • आप इस आसन का अभ्यास 3-5 बार कर सकते हैं।

2. चतुरंग दंडासन

चतुरंग दंडासन का अभ्यास भी हाथों के बल पर किया जाता है। इसलिए इसे भी हाथों के बल किए जाने वाले आसनों में से एक माना जाता है। इस आसन को करने से पेट, कमर, पीठ और पैरों की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। इसके साथ ही इस आसन को करने से शरीर के दर्द को भी कम करने में मदद मिल सकती है। इस आसन के नियमित अभ्यास से मन और दिमाग शांत होता है। 

चतुरंग दंडासन कैसे करें-

  • चतुरंग दंडासन करने के लिए सबसे पहले योग मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
  • अपने पैरों को सीधा रखें और उंगुलियों को जमीन पर टच करें। 
  • इसके बाद अपनी दोनों हथेलियों को कंधों के साथ जमीन पर रखें। 
  • फिर अपने हाथों पर पूरा वजन डालते हुए शरीर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।
  • इस स्थिति में सिर्फ आपकी हथेलियां और पैरों की उंगलियां जमीन को टच करेंगी। 
  • इस अवस्था में गहरी सांस लें और छोड़ें। 
  • 30-60 सेकेंड तक चतुरंग दंडासन की पोजिशन में रहें। आप इस आसन को 3-5 बार दोहरा सकते हैं।

3. अधोमुख श्वानासन

अधोमुख श्वानासन भी हाथों के बल किए जाने वाले आसनों में से एक है। आप फिट और हेल्दी रहने के लिए इस आसन का नियमित अभ्यास कर सकते हैं। अधोमुख श्वानासन करने से आपको दिमाग और मन शांत होगा। साथ ही चिंता और तनाव से भी राहत मिलेगी। इस आसन को करने से शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है। इससे पाचन भी मजबूत बनता है और शरीर का संतुलन बना रहता है।

अधोमुख श्वानासन कैसे करें-

  • अधोमुख श्वानासन करने के लिए सबसे पहले जमीन पर एकदम सीधे खड़े हो जाएं। अपने दोनों पैरों के बीच 2-3 फीट का गैप रखें।
  • इसके बाद अपने दोनों हाथों को आगे की तरफ नीचे जमीन पर ले जाएं। हथेलियों को जमीन पर रखें और हाथों को बिल्कुल सीधा रखें। 
  • अपने दोनों पैरों को बिल्कुल सीधा रखें और कूल्हों को ऊपर की तरफ उठाएं।
  • आपकी कमर और पीठ नीचे की तरफ बिल्कुल सीधा होगा। अब इस स्थिति में सांस लें और छोड़ें।
  • आप इस पोजिशन में कुछ देर रुक सकते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ सकते है। 
  • आप अधोमुख श्वानासन को 3-5 बार दोहरा सकते हैं।

Hand Yoga Poses in Hindi: अगर आप हाथ के बल कुछ योगासन करना चाहते हैं, तो इसके लिए चक्रासन, चतुरंग दंडासन और अधोमुख श्वानासन का अभ्यास कर सकते हैं। लेकिन शुरुआत में इन आसनों को एक्सपर्ट की देखरेख में ही करें।

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