मजबूत हड्डियां चाहिए तो रोज करें ये 4 योगासन, एक्सपर्ट से जानें फायदे और करने का तरीका

योग करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे कंधा, जांघ, घुटना, रीढ़ आदि की हड्डियां मजबूत होती हैं। योग की वजह से हड्डियों के रोग से बचा जा सकता है।

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: Jul 26, 2021Updated at: Jul 26, 2021
मजबूत हड्डियां चाहिए तो रोज करें ये 4 योगासन, एक्सपर्ट से जानें फायदे और करने का तरीका

बढ़ती उम्र के साथ-साथ हड्डियों की कमजोरी बढ़ने लगती है। तो वहीं, सही खानपान न होने की वजह से कम उम्र में भी हड्डियों की कमजोरी की समस्या हो जाती है। वर्तमान समय में लोग घरों में कैद हैं, ऐसे में सूरज की रोशनी से भी रूबरू नहीं हो पा रहे हैं, जिस वजह से हड्डियों की परेशानियां और बढ़ने लगी हैं। इनोसेंस योगा की योग एक्सपर्ट भोली परिहार का कहना है कि  हड्डियों की मजबूती के लिए योग जरूरी है। योग के माध्यम से हडिडयों और मांसपेशियों को मजबूत बनाया जा सकता है। भोली परिहार का यह भी कहना है कि हड्डियों को मजबूत करने के लिए विटामिन डी और कैल्शियम युक्त भोजन खाना भी जरूरी है। साथ ही साथ सन बाथ (sun bath) लें। सूरज की किरणों से हमें विटामिन डी3 मिलता है और जोड़ों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। योग एक्सपर्ट भोली परिहार से जानते हैं कि वे कौन से योगासन हैं जो मजबूत हड्डियों के लिए जरूरी हैं।

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हडिडयों की मजबूती के लिए योगासन

1. उत्कटासन (chair pose)

इस आसन को लगातार 15-20 बार करने से हमारे घुटने लचीले बनते हैं। साथ ही साथ यह हमारी घुटने, जांघ व कमर की हड्डी को मजबूती प्रदान करता है। इस आसन को रोज करने से शरीर के कई अन्य रोग भी दूर होंगे जैसे जोड़ों में दर्द दूर होगा और जांघों की मांसपेशियां मजबूत होंगी। जांघ की मांसपेशियां मजबूत होने से सारा दबाव हड्डियों पर नहीं पड़ता और हड्डियां मजबूत होती हैं। 

करने का तरीका

  • दोनों पैरों को जोड़कर सावधान अवस्था में खड़े हो जाएं।
  • दोनों हाथों को जांघों से चिपका लें।
  • कमर, गर्दन को बिल्कुल सीधा रखें।
  • सांस भरते हुए अपने हाथों को खोलकर आसमान की ओर उठाएं। 
  • हथेलियों का रुख एक-दूसरे हाथ की तरफ होगा।
  • सांस छोड़ते हुए घुटनों को धीरे-धीरे मोड़ते हुए चेयर पोज में आ जाएं।
  • जिस प्रकार हम कुर्सी पर बैठते हैं उस प्रकार की आकृति बनेगी। 
  • सामान्य सांसें लेते हुए हाथों को नीचे करते हुए पैरों को सीधा करते हुए सावधान अवस्था में आ जाएं। 
  • इस आसन को 15-20 बार दोहराएं।

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सावधानियां

  • जिन लोगों को अर्थराइटिस की समस्या है, वे लोग अपने पीछे कुर्सी को रखें और कुर्सी के सहारे आसन करें। 
  • जिन लोगों को घुटने में इंजरी है, वे लोग सावधानी से करें।

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2. कुंभकासन (plank pose)

कुंभकासन करने से हमारे कंधे के जोड़ मजबूत होते हैं। साथ ही साथ हमारी कोहनी व कलाई की हडिड्यां भी मजबूत होती हैं। यदि आप रोजाना कुंभकासन का अभ्यास करते हैं तो आपको कभी भी अपने कंधों से संबंधित कोई परेशानी नहीं होगी। यह आसन हमारी रीढ की हड्डी मजबूत होती है। जब हम कुंभाकासन करते हैं तो हमारी हिप्स और पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं जिससे रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। रीढ़ की हड्डी पर किसी भी तरह का दबाव नहीं जाएगा, अगर मांसपेशियां मजबूत हैं। 

करने का तरीका

  • दोनों पैरों को आलती-पालती मारकर अपने मैट पर बैठ जाएं।
  • अपने शरीर को प्लैंक करने के लिए तैयार करें।
  • इसमें सबसे पहले दोनों हाथों से मुट्ठी बनाकर, 10 बार क्लॉक वाइज और 10 बार एंटी-क्लॉक वाइज घुमाएं।
  • अपने दोनों हाथों को अपने सामने मैट पर रख दें। दोनों हाथों के बीच में कंधे के बराबर गैप होगा। 
  • धीरे-धीरे अपने घुटनों को पीछे से उठाते हुए पंजे के बल आते हुए कुंभक आसन में आएं। 
  • इस आसन में सारा दबाव हमारे हाथ, पेट, हिप्स और जांघ पर होगा।
  • 15-20 सेकेंड होल्ड करें और वापस आ जाएं और विश्राम करें। 
  • धीरे-धीरे काउंट को बढ़ाते हुए 1 मिनट तक ले जाएं।  

सावधानी

  • जिन लोगों को अतिरिक्त लोअर बैक पेन या बहुत ज्यादा कमर में दर्द है तो किसी की देखरेख में करें। 
  • यदि आपको फ्रोजन शोल्डर है तो भी किसी की देखरेख में करें। 
  • यदि आपको हाथ में किसी भी प्रकार की इंजरी है तो प्लैंक न करें। 
  • अगर आपके पैरों की उंगलियों में किसी भी प्रकार का फ्रैक्चर है तो भी इसे अवोइड करें।

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3. पूर्वोत्तानासन (Upward plank pose)

इस आसन को करने से हमारे शरीर के किसी एक हिस्से पर यह आसन काम नहीं करता है। यह हमारे शरीर की सभी मांसपेशियों व हड्डियों को मजबूत करने का काम करता है। सर्वांगासन करने से गर्दन पर सकारात्मक दबाव पड़ता है। जिस वजह से गर्दन की मांसपेशियां व हड्डियां मजबूत होती हैं। यह आसन हमारे कंधे और छाती की हड्डी को भी मजबूत करता है। यह हमारी लोअर बैक और स्पाइन, रीढ़ की हड्डी, जांघ, घुटना और पिंडलियों को मजबूत करता है। यदि आप इस आसन का अभ्यास कर लेते हैं तो इससे आप एनर्जेटिक व स्वस्थ महसूस करते हैं। 

करने का तरीका

  • दोनों पैरों को सामने की ओर खोलते हुए दंडासन में बैठ जाएं। 
  • दोनों हाथों को हिप्स के बगल में रख लें। 
  • उंगलियों का रुख अंदर की ओर होगा। 
  • कमर, गर्दन को सीधा करते हुए, पंजों को बाहर की तरफ खींच दें।
  • बॉडी के बीच वाले हिस्से को सांस भरते हुए ऊपर की ओर उठाएं। 
  • साथ वहीं रहेंगे व पंजों को लगातार जमीन की ओर खींचें। 
  • इस अवस्था में 10-15 सेकेंड होल्ड करें। इस आसन को 15-20 बार दोहराएं। और विश्राम करें।
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सावधानी

  • जिन लोगों को फ्रोजन शोल्डर है, वे इस आसन को किसी की देखरेख में करें। 

4. ताड़ासन क्रिया (Palm Tree pose)

इस आसन को करने से आपके शरीर की लगभग सभी मांसपेशियां मजबूत व शरीर के सभी जोड़ों में लचीलापन लाता है। यह आसन हमारी हड्डियों की घनत्व को बढ़ाता है। साथ ही साथ एंकल व पंजों की हड्डियों को अतिरिक्त मजबूत करता है, जिसके कारण हम बिना थके  ज्यादा देर तक चल पाते हैं। यह आसन पूरी बॉडी को फायदा करता है। 

करने का तरीका

  • सावधान अवस्था में खड़े हो जाएं। पंजों को आपस में जोड़ लें। 
  • दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में इंटरलॉक कर लें। सांस भरते हुए अपनी एड़ियों व हाथों को आसमान की ओर खीचें व सांस छोड़ते हुए हाथों को व एड़ियों को नीचे ले आएं। 
  • इस क्रिया को 30-35 बार दोहराएं। धीरे से अपने हाथों को नीचे लाएं। पैरों को खोलकर कुछ देर विश्राम करें। 

योग करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे कंधा, जांघ, घुटना, रीढ़ आदि की हड्डियां मजबूत होती हैं। योग की वजह से हड्डियों के रोग से बचा जा सकता है।  

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