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HIV एक गंभीर बीमारी है, जो आपके इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है। यह एक तरह का वायरस है, जो आगे चलकर एड्स का कारण बन सकता है। एड्स एक ऐसी बीमारी है, जिसका कोई इलाज नहीं है। ऐसे में एड्स से बचने का एक ही तरीका है इसे लेकर जागरूकता होना। HIV यानी ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस रेट्रोवायरस परिवार का एक हिस्सा है, जो लेन्टिवायरस है। यह इंफेक्शन समय बढ़ाने के साथ बढ़ते समय के साथ एड्स बन जाता है।यह वायरस आपके इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है और शरीर में मौजूद CD4 सेल्स को खत्म करने का काम करता है। ऐसे में लोगों के बीच AIDS को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 1 दिसंबर को वर्ल्ड एड्स डे मनाया जाता है। आइए जानते हैं इस साल विश्व एड्स दिवस के लिए क्या थीम निर्धारित की गई है और इस दिन का क्या महत्व है और इतिहास के बारे-
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विश्व एड्स दिवस का इतिहास - History Of World Aids Day in Hindi
विश्व एड्स दिवस की शुरुआत साल 1987 में की गई थी। WHO के पब्लिक इनफार्मेशन ऑफिसर, जेम्स डब्ल्यू. बन और थॉमस नेटर ने इस दिन की शुरुआत की थी। बता दें कि पहली बार विश्व एड्स दिवस 1 दिसंबर 1988 को मनाया गया था। इस दिन को मनाने के लिए 1 दिसंबर का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि यह पश्चिमी मीडिया-कवर के लिए एक बेहतर दिख था, अमेरिकी चुनाव के बाद और क्रिसमस छुट्टियों से पहले। शुरुआत में इस दिन को मनाने का उद्देश्य HIV/AIDS के बारे में जागरूकता फैलाना, जानकारी शेयर करना और इंफेक्शन से पीड़ित मरीजों को सपोर्ट करना था, लेकिन बाद में विश्व स्तर पर इसे हर साल मनाने के उद्देश्य से मनाने का फैसला लिया गया। साल 1996 तक WHO ही इस दिन को मनाता था, लेकिन उसके बाद UNAIDS (संयुक्त राष्ट्र HIV/एड्स कार्यक्रम) ने इस दिन को मनाने का फैसला किया। 1997 में UNAIDS ने विश्व एड्स अभियान (World AIDS Campaign, WAC) की शुरुआत की, जिससे एड्स-जागरूकता का काम सिर्फ एक दिन तक सीमित न रहे, बल्कि साल भीर चलता रहे। ऐसे में 1988 से लेकर आज तक विश्व एड्स दिवस हर साल 1 दिसंबर को मनाए जाने लगा।
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विश्व एड्स दिवस 2025 की थीम - World AIDS Day 2025 Theme
वर्ल्ड एड्स डे मनाने के लिए हर साल एक अलग थीम तय की जाती है। ऐसे में साल 2025 में विश्व एड्स डे के लिए “रुकावटों पर काबू पाना, AIDS के जवाब में बदलाव लाना” थीम तय की गई है। इस थीम का उद्देश्य उन चुनौतियों को पहचानना है और उन पर काम करना है, जो HIV और AIDS की लड़ाई में सामने आ रही हैं, जैसे फंडिंग में कमी, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में समस्याएं, इलाज और रोकथाम में कमी आदि। यह थीम हमें यह याद दिलाती हैं कि HIV/AIDS से लड़ाई सिर्फ इंफेक्शन रोकने या मरने वालों की संख्या कम करने तक सीमित नहीं है। इसलिए, 2025 की थीम न सिर्फ जागरुकता बढ़ाने पर जोर देती है, बल्कि पूरी AIDS प्रतिक्रिया प्रणाली को सुधारने और उनमें सुधार करने पर फोकस करता है।
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विश्व एड्स दिवस का महत्व - Significance Of World AIDS Day
एड्स एक ऐसी बीमारी है, जिससे लोग आज भी डरते है और किसी भी व्यक्ति को बताने में शर्म महसूस करते हैं। विश्व एड्स डे के जरिये लोग इस बारे में जान पाते हैं कि HIV इंफेक्शन कैसे होता है, उसे कैसे रोका जा सकता है, और इससे पीड़ित मरीजों को कैसे सम्मान और सहयोग दिया जा सकता है। कई बार HIV-पॉजिटिव लोगों के साथ भेदभाव, कलंक और सामाजिक अलगाव किया जाता है। इस दिन लोग एक साथ मिलकर, एक दूसरे को सपोर्ट करते हैं, जिससे संक्रमितों को पहचान, सम्मान और मदद आसानी से की जा सकती है।
निष्कर्ष
1988 में शुरू हुआ विश्व एड्स दिवस आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना अपनी शुरुआत के दौरान थी। इस साल की थीम हमें यह याद दिलाती है कि AIDS से लड़ाई सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि लगातार चलने वाली और हर स्तर की चुनौतियों से जुड़ी है।
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Nov 30, 2025 17:17 IST
Published By : Katyayani Tiwari