क्या आप भी सूप, ग्रैवी और अन्य डिशेज में करते हैं कॉर्न स्टार्च का प्रयोग? जानें सेहत के लिए इसके नुकसान

कॉर्न स्टार्च भले ही मक्के (कॉर्न) से बनता है, लेकिन ये सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। जानें कॉर्न स्टार्च से होने वाले नुकसान।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavUpdated at: Aug 31, 2020 14:00 IST
क्या आप भी सूप, ग्रैवी और अन्य डिशेज में करते हैं कॉर्न स्टार्च का प्रयोग? जानें सेहत के लिए इसके नुकसान

कॉर्न स्टार्च दुनियाभर में एक पॉपुलर इंग्रीडिएंट है, जिसका इस्तेमाल बहुत सारी डिशेज बनाने में किया जाता है। सूप, सॉस, सब्जियों की ग्रैवी को गाढ़ा बनाने में, फ्राइड और रोस्टेड फूड्स को मैरिनेट करने आदि में कॉर्न स्टार्च खूब प्रयोग होता है। इसके अलावा भी कई देशों की डिशेज में इस कॉर्न स्टार्च का प्रयोग होता है। दूसरी सभी खाने की चीजों की तरह कॉर्न स्टार्च का सेवन भी सेहत और शरीर को प्रभावित करता है। चूंकि कॉर्न सेहत के लिए फायदेमंद होता है और इस कॉर्न स्टार्च को भी कॉर्न से ही बनाया जाता है, इसलिए लोग इसके फायदों को लेकर कंफ्यूज होते हैं। लेकिन सच्चाई ये है कि कॉर्न स्टार्च का प्रयोग सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। आइए आपको बताते हैं इसका कारण।

corn starch side effects

कॉर्न स्टार्च में कौन से पोषक तत्व होते हैं?

कॉर्न स्टार्च मक्के से ही बनाया जाता है, इसलिए इसमें पोषक तत्व तो होते हैं, लेकिन इसकी प्रॉसेसिंग के दौरान ज्यादातर पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसलिए कॉर्न स्टार्च में कैलोरीज और कार्ब्स तो ज्यादा होते हैं, जबकि उसके मुकाबले पोषक तत्व कम होते हैं। एक कप कॉर्न स्टार्च (130 ग्राम) में लगभग 490 कैलोरीज होती हैं और 120 ग्राम कार्ब्स होते हैं। इसमें विटामिन्स, प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स बहुत कम होते हैं। यही कारण है कि कॉर्न स्टार्च को सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।

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ब्लड शुगर बढ़ा सकता है कॉर्न स्टार्च

कॉर्न स्टार्च में कार्बोहाइड्रेड होता है, जिसके कारण इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है। हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजें खाने से ब्लड शुगर बढ़ता है। इसलिए कॉर्न स्टार्च का प्रयोग डायबिटीज के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। सिर्फ डायबिटीज ही नहीं, स्वस्थ लोग भी अगर ज्यादा मात्रा में कॉर्न स्टार्च का सेवन कर लें, तो उन्हें परेशानी हो सकती है। ब्लड शुगर बढ़ने का दूसरा कारण यह भी है कि इस कॉर्न स्टार्च में फाइबर भी नहीं होता है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक कॉर्न स्टार्च का प्रयोग ज्यादा मात्रा में करता रहे, तो उसे टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है।

हार्ट के लिए भी है नुकसानदायक

कॉर्न स्टार्च एक तरह से कॉर्न फ्लोर (मक्के का आटा) ही है, लेकिन इसे रिफाइन कर दिया जाता है। रिफाइनिंग के दौरान इसकी बहुत ज्यादा प्रॉसेसिंग होती है, जिसमें मक्के में पाए जाने वाले बहुत सारे पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। स्टडीज बताती हैं कि इस तरह के रिफाइंड कार्ब्स का सेवन करने से हार्ट पर बुरा असर होता है। इसके कारण कोरोनरी आर्टरी डिजीज (हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर) आदि का खतरा बढ़ता है। इस तरह के फूड्स के सेवन से इंसुलिन का लेवल बढ़ता है, ट्राईग्लिसराइड्स बढ़ते हैं और गुड कोलेस्ट्रॉल कम होता है, जिससे हार्ट के साथ-साथ दूसरी कई बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है।

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तो क्या कॉर्न स्टार्च का सेवन नहीं करना चाहिए?

बहुत थोड़ी मात्रा में अगर किया जाए, तो कॉर्न स्टार्च को फूड्स में इस्तेमाल किया जा सकता है। आप एक बार में 1-2 चम्मच कॉर्न स्टार्च का प्रयोग सूप, सॉस, मैरिनेशन आदि में कर सकते हैं। लेकिन रेगुलर इसका सेवन न करें। इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि कॉर्न स्टार्च के साथ कुछ हेल्दी चीजें मिलाकर ही इसका सेवन करें, ताकि ये शरीर का ब्लड शुगर अचानक न बढ़ाए। जैसे सूप बना रहे हैं तो इसमें ढेर सारी सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स आदि डालें। सॉस बना रहे हैं, तो इसका सेवन हेल्दी चीजों के साथ करें आदि।

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