कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर WHO ने जताई चिंता और दिए सुझाव, जानें क्या वैक्सीन से होगा बचाव?

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर चिंता जताते हुए बचाव के सुझाव दिए हैं, जानें इस वैरिएंट पर वैक्सीन का कितना होगा असर?

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jun 28, 2021Updated at: Jun 28, 2021
कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर WHO ने जताई चिंता और दिए सुझाव, जानें क्या वैक्सीन से होगा बचाव?

कोरोनावायरस (Coronavirus) का नया डेल्टा प्लस वैरिएंट (Delta Plus Variant) पूरे विश्व में तेजी से फैल रहा है। इस नए वैरिएंट को पहले से अधिक खतरनाक माना जा रहा है। दुनियाभर के कई देशों में डेल्टा प्लस वैरिएंट का संक्रमण फैल चुका है। भारत में भी कोरोना के इस नए वैरिएंट डेल्टा प्लस के तमाम मामले अलग-अलग राज्यों में पाए गए हैं। एक तरफ जहां कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और इसके बीच ही डेल्टा प्लस वैरिएंट के संक्रमण का फैलना वैज्ञानिकों की चिंता का विषय बन गया है। कोरोना के इस नए वैरिएंट के खतरे को देखते हुए दुनियाभर में इस पर रिसर्च चल रहे हैं, कहा जा रहा है कि यह नया वैरिएंट वैक्सीन के असर को भी कम कर सकता है। ऐसे में इस वैरिएंट को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन भी लगातार लोगों को हिदायतें दे रहा है। कोरोना के इस नए वैरिएंट के प्रभाव और उससे बचाव को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से लोगों को हिदायत दी गयी है। नए वैरिएंट पर वैक्सीन के असर को लेकर भी बाते कही गयी हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर WHO की तरफ से क्या बाते कही गयीं। 

डेल्टा प्लस वैरिएंट क्यों है 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न'? (Why Delta Plus Variant is 'Variant of Concern'?)

भारत में कोरोनावायरस के नए स्वरुप डेल्टा प्लस वैरिएंट को 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न' घोषित किया गया है। बताया जा रहा है कि कोरोना का यह संस्करण पहले से अधिक घातक और तेजी से फैलने वाला है। डेल्टा प्लस वैरिएंट, डेल्टा वैरिएंट से 60 गुना अधिक तेजी से लोगों को संक्रमित कर सकता है और इस पर इलाज या वैक्सीन का असर भी पिछले वैरिएंट की तुलना में कम होता है। यही कारण है कि इस नए डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है। ICMR ने भी इस वैरिएंट को लेकर चिंता जताते हुए कहा था कि, "कोरोनावायरस के डेल्टा वैरिएंट का नया रूप डेल्टा प्लस पहले की तुलना में अधिक घातक और असरदार है। इस वैरिएंट में तेजी से फैलने की क्षमता है और यह इलाज या वैक्सीन के असर को भी कम करने में सक्षम है।" चूंकि भारत में डेल्टा वैरिएंट को ही दूसरी लहर का कारण माना गया है, दूसरी लहर में डेल्टा वैरिएंट के संक्रमण ने जो रूप दिखाया है उसे देखकर आगे आने वाली लहर की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बचाव के लिए दी ये सलाह (WHO Advice on Covid Prevention)

Coronavirus-Delta-Plus-Variant-WHO

कोरोनाविरस के नए स्वरूप डेल्टा प्लस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन काफी सक्रिय है। WHO की तरफ से इसे लेकर समय-समय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की जा रही है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि मेलिता वुजनोविक के डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर अहम जानकारी दी है। उन्होंने एक शो में इस वैरिएंट को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सिर्फ वैक्सीन से ही इस वैरिएंट के संक्रमण से बचाव संभव नहीं है। मेलिता वुजनोविक के मुताबिक कोरोनाविरस के डेल्टा प्लस संस्करण से लड़ने के लिए टीके के साथ फेस मास्क और सामाजिक दूरी जैसे सुरक्षा उपायों का विशेष पालन करना चाहिए। उन्होनें डेल्टा प्लस वैरिएंट पर बात करते हुए कहा है कि अगर हम लोग सिर्फ वैक्सीन के भरोसे रहे तो शायद एक बार फिर से लॉकडाउन की स्थिति से गुजरना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना के बदलते स्वरूप को देखते हुए बचाव के लिए जरूरी सभी नियमों का पालन करने में ही लोगों की भलाई है।

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डेल्टा प्लस वैरिएंट पर वैक्सीन का असर (Vaccine Efficacy on Covid Delta Plus Variant)

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विश्व स्वास्थ्य संगठन के रूस में प्रतिनिधि मेलिता वुजनोविक ने एक शो के दौरान कोरोनावायरस के नए डेल्टा प्लस वैरिएंट से बचाव के लिए सभी एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी है। वहीं भारत में स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी लोगों को इस खतरनाक वैरिएंट से बचने के लिए टीकाकरण के साथ मास्क और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करने को कहा है। बीते शुक्रवार को केंद्र सरकार की तरफ से जानकारी देते हुए ICMR के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा था कि इस नए वैरिएंट पर कोरोना वैक्सीन का कितना असर हो रहा है इसको लेकर विस्तृत जानकारी अगले 7 से 10 दिनों में मिल जाएगी। उन्होनें मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा था कि डेल्टा प्लस से पहले मिले सभी वैरिएंट पर कोरोना की वैक्सीन कारगर रही है और डेल्टा प्लस को लेकर अभी भी शोध चल रहा है। हमें लैब के रिपोर्ट्स का इंतजार है जिसके आने के बाद ही सही जानकारी मिल पायेगी। हालांकि ICMR की तरफ से कहा गया है कि वैक्सीन के असर को लेकर अब तक आये नतीजे सकारात्मक हैं।

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डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर भारत की स्थिति (Coronavirus Delta Plus Variant in India)

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भारत में कोरोनावायरस के नए संस्करण डेल्टा प्लस के कई मामले आये हैं, जिसके बाद सरकार और वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गयी है। केंद्र सरकार की तरफ से जानकारी देते हुए बताया गया है कि देश में 45 हजार सैंपल की जांच करने के बाद डेल्टा प्लस वैरिएंट के 52 मामले 12 राज्यों से मिले हैं। इन मामलों में सबसे ज्यादा मामले देश के महाराष्ट्र राज्य से हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित एक मरीज की मौत भी हुई है। भारत में कोरोना की दूसरी लहर की स्थिति अब धीरे-धीरे थम रही है। अब तक देश में कुल 3.02 करोड़ से अधिक कोरोना के मामले सामने आये हैं और कोरोना संक्रमण की वजह से अब तक कुल 3,96,730 लोगों की मौत हुई है। देश में कोरोना से ठीक हुए कुल मरीजों की संख्या 2,93,09,607 है और सक्रिय मामलों की संख्या 5,72,994 है। इन सबके बीच देश में टीकाकरण अभियान भी तेजी से चल रहा है। 

डेल्टा प्लस वैरिएंट के लक्षण (Delta Plus Variant Symptoms)

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देश में डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और इसकी वजह से सरकार और वैज्ञानिकों की चिंता भी बढ़ गयी है। माना जा रहा है कि यह नया वैरिएंट आने वाली संभावित तीसरी लहर का कारण भी बन सकता है। इस नए वैरिएंट से संक्रमित होने पर व्यक्ति में ये प्रमुख लक्षण दिखते हैं।

  • खांसी, बुखार और जुकाम
  • गले में खराश
  • सीने में दर्द
  • स्वाद और गंध का न होना
  • सांस लेने में दिक्कत
  • स्किन पर चकत्ते
  • दस्त

SARS-CoV-2 वायरस के नए रूप डेल्टा प्लस का संक्रमण पूरी दुनिया में फैल रहा है। इससे बचाव के लिए वैक्सीन के अलावा मास्क और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन जरूर करना चाहिए।

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