कोरोना के बाद इन 6 तरह के लोगों को जल्दी हो सकता है ब्लैक फंगल इन्फेक्शन, ICMR ने बताए बचने के तरीके

कोविड-19 के गंभीर मरीजों को बचाने के लिए दिए जाने वाले स्टेरॉइड्स के इस्तेमाल से ये संक्रमण शुरू हो रहा है, आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।  

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: May 10, 2021Updated at: May 11, 2021
कोरोना के बाद इन 6 तरह के लोगों को जल्दी हो सकता है ब्लैक फंगल इन्फेक्शन, ICMR ने बताए बचने के तरीके

कोरोना वायरस (Covid-19) महामारी का कहर लगातार जारी है। पर चिंताजनक स्थति ये है कि इस बीमारी के बाद भी लगातार लोगों को कोई न कोई परेशानी हो रही है। इन दिनों कोरोना संक्रमित मरीज एक नई बीमारी का तेजी से शिकार हो रहे हैं, जिसे ब्लैक फंगल इंफेक्शन (covid 19 black fungus) या म्यूकरमायकोसिस (Mucormycosis)कहते हैं। हाल ही में दिल्ली के बाद गुजरात के सूरत शहर में इस बीमारी के बीते 15 दिनों में 40 से ज्‍यादा मामले सामने आए हैं और इस बीमारी से कई लोगों की मौत भी हुई है। अब जब ये बीमारी पैर पसार रही है, तो आईसीएमआर (ICMR) ने इसे लेकर विस्तार से गाइडलाइन्स जारी की हैं और इस बीमारी के खतरे, लक्षण और बचाव के उपायों को भी बताया है। तो, आइए विस्तार से जानते हैं क्या है ये बीमारी और इससे जुड़ी तमाम आईसीएमआर गाइडलाइन्स (ICMR Guidelines) 

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क्या है ब्लैक फंगल इंफेक्शन -What is Mucormycosis?

Mucormycosis यानी कि ब्लैक फंगल इंफेक्शन (mucormycosis covid) एक तरह का फंगल इंफेक्शन है, जो कि म्यूकर फफूंद ( Mucor Fungus) के कारण होता है जो आमतौर पर मिट्टी, पौधों, खाद, सड़े हुए फल और सब्जियों में पनपता है। सांइस मानता है कि ये फफूंद हर जगह होता है और इंसानों में ये हमारे कफ यानी कि बलगम और नाक में होता है। पर सवाल ये है कि कोरोना के बाद ये फंगस कैसे फैल रहा है और जानलेवा हो रहा है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि जिन कोरोना मरीजों में संक्रमण के इलाज के लिए  स्टेरॉइड्स दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है, उनमें इस बीमारी के होने का खतरा सबसे ज्यादा है। यही कारण है कि डायबिटीज के कोरोना पीड़ित मरीजों को इस बीमारी का सबसे आसान शिकार माना जा रहा है। 

किन लोगों को जल्दी हो सकता है ब्लैक फंगल इन्फेक्शन -Who are more prone to black fungal infection

1. अनियंत्रित डायबिटीज के मरीजों में

2. इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए स्टेरॉयड लेने वाले लोगों में

3. लंबे समय तक रहने वाले आईसीयू मरीजों में

4. जिनमें एक या दो से अधिक बीमारियां और स्थिति गंभीर हो

5. वोरिकोनाजोल थेरेपी लेने वालों में

6. पोस्ट ट्रांसप्लांट / मैलिग्नेंसी वाले लोगों में

क्या हवा के जरिए भी फैल सकता है ब्लैक फंगल इन्फेक्शन- Is Black Fungal infection can spread in air

आईसीएमआर (ICMR)की गाइडलाइन्स की मानें, तो अगर हवा में फंगल इंफेक्शन के ये कण हैं तो, साइनस या फेफड़ों से जुड़ी परेशानी वाले लोग इससे आसानी से प्रभावित हो सकते हैं। इससे चलते आपको गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। ऐसा होने पर आपको इन लक्षणों या कहें कि संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जैसे कि

  • - आंख और नाक के आस पास रेडनेस हो या दर्द हो।
  • -बुखार हो
  • -सिर दर्द और खांसी हो
  • -सांस लेने में दिक्कत हो
  • -उल्टी में खून आए
  • -मानसिक स्थिति में बदलाव आए। 

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डायबिटीज के मरीजों को ज्यादा खतरा क्यों? 

ब्लैक फंगल इन्फेक्शन को डायबिटीज (Mucormycosis in daibetes) के मरीजों के लिए काल के समान माना जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि डायबिटीज के मरीजों में स्टेरॉइड्स के इस्तेमाल से कोविड-19 के कारण फेफड़ों में हुए सूजन को कम किया जा रहा है पर इससे उन्हें नुकसान हो रहा है। दरअसल,   स्टेरॉइड्स के इस्तेमाल से इम्यून सिस्टम कोरोना वायरस से लड़ने के लिए ओवरएक्टिव तो हो जाती है पर इससे कई लोगों में संक्रमण शुरू हो रहा है। स्टेरॉइड्स के इस्तेमाल से हो ये रहा है कि ये ब्लड शुगर लेवल बढ़ा रहा (steroid increase blood sugar) है और बाद में इम्यूनिटी कमजोर हो रही है और म्यूकरमायकोसिस हो रहा है। 

म्यूकरमायकोसिस के लक्षण- Black Fungal Symptoms

आईसीएमआर ने अपनी गाइडलाइन्स में म्यूकरमायकोसिस के लक्षणों के बारे में बताया है। म्यूकरमायकोसिस में ये लक्षण पाए जाते हैं

  • - साइनसाइटिस के लक्षण में आपको नाक बंद हो जाना जैसी दिक्कत हो सकती है। 
  • - नाक से खून या काला तरल पदार्थ निकलना
  • -गाल की हड्डी पर दर्द होना
  • - आंखों में सूजन, दर्द और धुंधला दिखना
  • -बुखार, त्वचा का घाव
  • -सीने में दर्द
  • -सांस से जुड़ी दिक्कतें

अक्सर इस दौराना संक्रमण तेजी से फैलत जाता है और पहचान करने में देरी हो जाती है।  तब तक ये संक्रमण घातक हो चुका होता है और ज्यादातर लोग इसमें अपनी आंखों की रोशनी खो देते हैं और संक्रमण को दिमाग तक पहुंचने से रोकने के लिए उनकी आंख निकालनी पड़ती है। कई स्थितियों मे मरीज़ का जबड़ा भी निकालना पड़ता है ताकि संक्रमण न फैले। 

ब्लैक फंगल इन्फेक्शन से बचाव के लिए क्या करें- Do's for Mucormycosis

  • - सबसे पहले हाइपरग्लाइसीमिया (Hypoglycemia) को नियंत्रित करें
  • - कोरोना से ठीक होने के बाद भी ब्लड शुगर लेवल को चेक करते रहें 
  • -स्टेरॉयड का उपयोग से पहले कई बार सोचें और सचेत रहें। डॉक्टर से सही समय, सही खुराक और अंतराल के बारे में बात करें। 
  • -ऑक्सीजन थेरेपी के दौरान ह्यूमिडीफायर में साफ पानी का इस्तेमाल करें। 
  • -एंटीबायोटिक्स और एंटीफंगल का उपयोग समझदारी के साथ करें।

ब्लैक फंगल इन्फेक्शन से बचाव के लिए क्या न करें- Don'ts for Mucormycosis

  • - ब्लैक फंगल इन्फेक्शन के लक्षणों और संकेतों को नजरअंदाज न करें।
  • -नाक बंद होने वाली तमाम स्थितियों को नजरअंदाज न करें। 
  • -जिन लोगों को  साइनसाइटिस यानी कि साइनस की परेशानी है वो इसे हल्के में न लें।
  • -स्टेरॉइड्स के इस्तेमाल से बचें।
  • -जांच करवाने में संकोच न करें। 
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ब्लैक फंगल इन्फेक्शन को नियंत्रित कैसे करें- How to manage Mucormycosis

ब्लैक फंगल इन्फेक्शन को नियंत्रित करने के लिए आईसीएमआर (ICMR) ने अपने गाइडलाइन्स में कहा है कि

  • -सबसे पहले तो डायबिटीज के मरीज को अपना शुगर कंट्रोल करने की जरूरत है।
  • - इलाज में अगर स्टेरॉइड्स के इस्तेमाल हो रहा है, तो इसे कम करें।
  • -इम्यूनिटी बूस्ट करनी वाली दवाओं को बंद करें।
  • -कोई एंटिफंगल प्रोफिलैक्सिस की जरूरत नहीं है, तो इसकी मदद न लें।

ब्लैक फंगल इन्फेक्शन का इलाज- Medical Treatment 

मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए आईसीएमआर (ICMR) की गाइडलाइन कहती है कि 

  • -सेंट्रल कैथेटर (PICC)की मदद लें। 
  • -शरीर में पानी की मात्रा सही करें और हाइड्रेशन सही रखें। 
  • -एंटिफंगल थेरेपी, कम से कम 4-6 सप्ताह के लिए ले सकते हैं। 
  • -मरीजों की रेडियो-इमेजिंग तकनीकों के साथ मोनिटर करें। 

इसके अलावा ब्लैक फंगल इन्फेक्शन के इलाज के लिए एंटी-फंगल इंजेक्शन की जरूरत भी हो सकती है। पर तमाम इलाज के लिए डॉक्टर की मदद लें। इसके अलावा बचाव के लिए हर समय, हर जगह मास्क पहन कर रहें। जूते, लंबी पैंट, लंबी आस्तीन वाली शर्ट और दस्ताने पहनें। मिट्टी या खाद का कोई काम करने के दौरान हाथ, मुंह, सिर और पैस सब ढ़क कर रखें। साथ ही कोरोना के समय में जितना हो सकते उतना अपनी स्वच्छता और साफ-सफाई का ध्यान रखें। इसके साथ ध्यान देने वाली बात ये है कि कोरोना वायरस का स्ट्रेन बहुत संक्रामक है जो ब्लड शुगर को बढ़ाकार बहुत ज्यादा कर देता है। साथ ही आधा चेहरा सुन्न पड़ जाना, सूजन आ जाना, दांतों में दर्द होना और दांत गिरना जैसी हल्के में लेकर नजरअंदाज न करें। 

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