कोरोना संक्रमित डायबिटीज के मरीजों में देखे जा रहे हैं जानलेवा 'ब्लैक फंगस' के लक्षण, जानें इसके बारे में

जि‍न कोरोना मरीजों को डायब‍िटीज है उनमें फंगल इंफेक्‍शन के लक्षण देखे गए हैं ज‍िसे म्‍यूकोरमाइकोस‍िस कहतें हैं, जानते हैं इस इंफेक्‍शन के उपाय और कारण

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: May 07, 2021Updated at: May 07, 2021
कोरोना संक्रमित डायबिटीज के मरीजों में देखे जा रहे हैं जानलेवा 'ब्लैक फंगस' के लक्षण, जानें इसके बारे में

क्या होता है म्यूकोरमाइकोसिस या ब्‍लैक फंगल इंफेक्‍शन जो इन द‍िनों कोव‍िड मरीजों को सता रहा है? ये एक तरह का फंगल इंफेक्‍शन है जो कैंसर या ज्‍यादातर डायब‍िटीज के गंभीर मरीजों को हो रहा है जो इस समय कोव‍िड का श‍िकार हैं। कई राज्‍यों में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। ये फंगल इम्‍यून‍िटी कमजोर होने का फायेदा उठाकर शरीर में इंफेक्‍शन फैलाता है। शुरूआती लक्षण की बात करें तो ये इंफेक्‍शन नाक से शुरू होता है। कफ बनने के बाद नाक के पास गांठ बनने लगती है। ऐसा होने पर तुरंत डॉक्‍टर के पास जाना चाह‍िए। इस बीमारी से बचने के लि‍ए अपनी इम्‍यून‍िटी मजबूत रखें। ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की। 

mucormicosis

क्या है म्यूकोरमाइकोसिस या ब्‍लैक फंगल इंफेक्‍शन? (What is mucormicosis or black fungal infection)

डायब‍िटीज वाले मरीज ज‍िन्‍हें कोव‍िड है उनमें फंगल इंफेक्‍शन के कुछ केस सामने आए हैं। म्‍यूकोरमाइकोस‍िस एक तरह का फंगल इंफेक्‍शन है जो नाक में पहले हमला बोलता है फ‍िर ये आंखें, कान, जबड़ों तक पहुंचकर इंफेक्‍शन फैलाता है। इसका इलाज फौरन करवाना चाह‍िए। अगर आप देर करेंगे तो इंफेक्‍शन आंख की पुतल‍ियों या आसपास का एर‍िया पैरालाइज्‍ड हो सकता है। अगर आप इसका इलाज नहीं करवाएंगे तो द‍िमाग तक इंफेक्‍शन फैल सकता है। 

क्या है म्यूकोरमाइकोसिस के लक्षण? (Symptoms of mucormicosis)

  • ऐसे मरीजों को नाक में सूजन या फेस पर सूजन हो सकती है। 
  • ज्‍यादा दर्द होने के साथ आंखों में धुंधलापन हो सकता है।
  • नाक के पास गांठ बनना। 
  • स‍िर में दर्द हो सकता है। 

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क्‍या कोरोना के कारण होता है म्‍यूकोरमाइकोस‍िस? (How corona is causing mucormicosis)

mucormicosis and corona

म्‍यूकोरमाइकोस‍िस या ब्‍लैक फंगल इंफेक्‍शन एक रेयर ड‍िसीज है पहले ये उन लोगों को होती थी ज‍िन्‍हें कैंसर या बढ़ी हुई डायबिटीज होती थी पर अब ये कोव‍िड मरीजों को रही है। हालांक‍ि इस बीमारी का सीधा कनेक्‍शन कोव‍िड से नहीं है पर कोव‍िड के कारण वायरस, फंगल को ग्रो करने में मदद करता है और कोव‍िड में इम्‍यून‍िटी घट जाती है जि‍सके कारण ये बीमारी हो जाती है। लेकि‍न ये बीमारी हर कोव‍िड मरीज को हो इसकी आशंका बहुत कम है। अब तक जो केसे देखे गए हैं उनमें ये ड‍िसीज उन मरीजों को हुई ज‍िन्‍हें कोव‍िड हुआ और वो डायब‍िटीज या कैंसर के गंभीर मरीज है। 

क्‍या स्‍टेरॉयड्स के कारण हो रहा है म्‍यूकोरमाइकोस‍िस? (Are steroids behind mucormicosis)

कुछ डॉक्‍टर ऐसा भी मानते हैं क‍ि लंबे समय तक स्‍टेरॉयड्स की हाइ डोज लेने से म्‍यूकोरमाइकोस‍िस हो सकता है क्‍योंक‍ि स्‍टेरॉयड्स लेने से इम्‍यून‍िटी घट सकती है और ब्‍लड शुगर का स्‍तर बढ़ने की आशंका रहती है। स्‍टेरॉयड्स लेने से फंगस को ग्रो होने में मदद म‍िलती है। एम्‍स के डॉक्‍टर डॉ रणदीप गुलेर‍िया ने भी कुछ द‍िन पहले बताया था क‍ि कोव‍िड के अर्ली स्‍टेज पर स्‍टेरॉयड्स लेने से नुकसान हो सकता है। हालांक‍ि ये जरूरी नहीं है क‍ि सारे स्‍टेरॉयड्स से ये परेशानी हो। फंगल इंफेक्‍शन बढ़ने की आशंका स‍िस्‍टमेट‍िक स्‍टेरॉयड्स में ज्‍यादा होती है और इन्‍हीं का इस्‍तेमाल कोव‍िड ट्रीटमेंट में क‍िया जाता है। 

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म्‍यूकोरमाइकोस‍िस से कैसे बचें? (Prevention tips for mucormicosis)

  • आपको इस बात का ध्‍यान रखना है क‍ि स्‍टेरॉयड्स का सेवन डॉक्‍टर की सलाह के बि‍ना न करें।
  • कोव‍िड होने के 5 से 7 द‍िन में स्‍टेरॉयड्स का सेवन नहीं करना चाह‍िए।  
  • इम्‍यून‍िटी बूस्‍ट‍िंग फूड्स का सेवन करें। 
  • अगर इंफेक्‍शन हुआ है तो बायोप्सी करवा कर एंटी-फंगल थैरेपी शुरू कर दें। 

अगर आपको ये इंफेक्‍शन हुआ है तो क्‍लॉट‍िंग का खतरा बढ़ सकता है इसल‍िए लक्षण नजर आने पर घरेलू उपाचार न करें, डॉक्‍टर के पास जाकर इलाज करवाएं। 

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