कुछ बच्चों में चिड़चिड़ेपन और रोने की आदत ज्यादा क्यों होती है? जानें इसे कंट्रोल करने के टिप्स

अगर आपका बच्चा भी बोलने लायक हो गया है और फिर भी वह सही तरीके से नहीं बोल पाता तो ये विनी बेबी हो सकता है। 

Monika Agarwal
Written by: Monika AgarwalUpdated at: Mar 18, 2022 00:00 IST
कुछ बच्चों में चिड़चिड़ेपन और रोने की आदत ज्यादा क्यों होती है? जानें इसे कंट्रोल करने के टिप्स

बच्चे तीन साल के होने तक ढंग से बोल नहीं पाते हैं। वह अपनी बात या असहजता को जताने के लिए अटपटी आवाजों का प्रयोग करते हैं ताकि उनके माता पिता समझ सकें कि वह क्या चाहते हैं। बहुत से माता पिता इन आवाजों से परेशान भी हो जाते हैं और वह बेसबरी से उनके बोलने का इंतजार करते हैं। हालांकि बच्चों के पास और कोई दूसरा तरीका भी नहीं होता। इसलिए आपको उनकी इस भाषा को ही तीन साल तक समझना पड़ता है। आइए जानते हैं क्या होती है विनिंग और इस स्थिति में कैसे डील कर सकते हैं।

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बच्चों में विनिंग क्या होती है?

आकाश हेल्थकेयर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट एंड गायनोकोलॉजिस्ट डॉ अनुजा गौर बताती हैं कि बच्चों में अपनी बात न कह पाने या कोई काम न कर पाने की एक तरह की निराशा को विनिंग कहा जाता है। अगर बच्चे को भूख लग रही है या उसका डायपर गीला हो गया है या उसे किसी चीज की जरूरत है, तो वह तरह तरह की आवाजें निकाल कर आपको इस बारे में संकेत देता है। इसी को विनिंग कहा जाता है। बच्चे 4 महीने के होने के बाद ही विनिंग शुरू करते हैं।

बच्चे विनिंग क्यों करते हैं?

1. जब वह काफी थक जाते हैं

जब बच्चे काफी थक जाते हैं और जब उन्हें आराम करने की जरूरत होती है तो वह चिड़चिड़े से बन जाते हैं। इस समय वह न किसी की बात सुनते हैं और बस विनिंग करना शुरू कर देते हैं। इस स्थिति में वह काफी इरिटेट हो जाते हैं।

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2. पूरी तरह से बोल न पाना

बच्चे 4 महीने के होने के बाद थोड़े नखरेबाज हो जाते हैं और उन्हें पता लगने लगता है कि उन्हें अब किस समय खाने और कपड़े बदलने की जरूरत है। जब वह बड़ों की तरह पूरी तरह से अपनी बात नहीं कह पाते हैं तो रोने लगते हैं और अटपटी आवाजें करने लगते हैं।

3. उन्हें बुखार या कोई रैश होता है

अगर बच्चों को डायपर की वजह से रैश हो जाता है तो यह स्थिति उनके लिए काफी असहज और दर्दनाक होती है। बुखार होने पर भी वह काफी चिड़चिड़े हो जाते हैं और उन्हें इस समय काफी संभाल और केयर की जरूरत होती है।

4. भूख के बारे में बताना

कई बार माता पिता अपने कामों में इतना व्यस्त हो जाते हैं कि वह बच्चे की भूख का समय याद ही नहीं कर पाते और उन्हें दूध पिलाने में देरी कर देते हैं। बच्चे को भूख लगने पर वह तुरंत उस समय शोर मचाना शुरू कर देता है।

5. उन्हें ठंड या गर्मी लग रही हो

अगर मौसम थोड़ा गर्म है और आप उन्हें ज्यादा ढक देते हैं तो गर्मी लगने की वजह से भी बच्चे काफी परेशान हो जाते हैं। वह बोल कर तो नहीं बता सकते कि उनकी शीट को हटा दिया जाए, इसलिए वह विनिंग करना शुरू कर देते हैं।

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विनिंग से कैसे डील करें?

उन्हें ब्रेस्टफीड करवाएं : अगर वह भूख की वजह से रो रहे हैं तो उन्हें दूध पिला दें। अगर वह किसी और कारण की वजह से भी रो रहे होते हैं तो भी ब्रेस्ट फीडिंग से उन्हें थोड़ी राहत मिलती है और स्किन का कॉन्टैक्ट होने पर वह सुरक्षित महसूस करते हैं।

बच्चे को थोड़े इशारे करना सिखाएं : तीन साल तक बच्चा पूरी तरह से तो नहीं बोल सकता लेकिन आप उन्हें थोड़े बहुत इशारे करना सीखा सकती हैं जिस वजह से आपको आसानी से पता चल सके कि  वह क्या चाहते हैं।

थोड़ा सब्र रखें : अगर आप भी बच्चे की इस आवाज से परेशान हो जाते हैं तो आपको धैर्य रखने की जरूरत है। आप उन्हें चुप करवाने के तरीके निकालने की बजाए यह खोजें कि वह किस वजह से ऐसा कर रहा है। मां बाप ही अपने बच्चे की विनिंग का कारण सबसे बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।

विनिंग बच्चों और मां बाप दोनों के लिए ही एक समस्या हो सकती है इसलिए बच्चे को थोड़ी बहुत बातें करना सिखाएं।

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