उम्र बढ़ना जीवन की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन उम्र के साथ शरीर का कमजोर पड़ जाना जरूरी नहीं। अक्सर देखा जाता है कि 60 की उम्र पार करते ही लोगों को जल्दी थकान होने लगती है, हाथ-पैरों में जान नहीं रहती, सीढ़ियां चढ़ने में सांस फूलती है और रोजमर्रा के छोटे काम भी भारी लगने लगते हैं। कई बुज़ुर्ग इसे उम्र का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि सच यह है कि इसकी सबसे बड़ी वजह गलत खानपान और पोषण की कमी होती है। बढ़ती उम्र में शरीर की जरूरतें बदल जाती हैं। मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है, मांसपेशियों का मास घटने लगता है और हड्डियां पहले जैसी मजबूत नहीं रहतीं। ऐसे में वही खाना, जो जवानी में ठीक लगता था, बुज़ुर्गों के लिए पर्याप्त नहीं होता। अगर डाइट में सही मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन और एनर्जी देने वाले तत्व न हों, तो कमजोरी, जोड़ों में दर्द और बार-बार बीमार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। इस लेख में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानिए, बुढ़ापे में ताकत के लिए क्या खाना चाहिए?
बुढ़ापे में ताकत के लिए क्या खाना चाहिए?
डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, ''बुज़ुर्गों में ताकत बनाए रखने का मतलब सिर्फ पेट भरना नहीं, बल्कि शरीर को सही पोषण देना है। सही भोजन न सिर्फ मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत करता है, बल्कि इम्यूनिटी बढ़ाकर बीमारियों से भी बचाता है।'' अच्छी बात यह है कि ताकत बढ़ाने के लिए महंगे सप्लीमेंट या भारी-भरकम डाइट की जरूरत नहीं होती। रोजमर्रा की थाली में कुछ समझदारी भरे बदलाव बुजुर्गों को फिर से एक्टिव और आत्मनिर्भर बना सकते हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि बढ़ती उम्र में ताकत बनाए रखने के लिए क्या खाना चाहिए, किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए और कैसे संतुलित आहार अपनाकर बुज़ुर्ग लंबे समय तक हेल्दी और एनर्जेटिक रह सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: क्या म्यूजिक सुनने से बुजुर्गों को डिमेंशिया का रिस्क कम होता है? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर
1. प्रोटीन
ताकत बनाए रखने के लिए प्रोटीन सबसे अहम पोषक तत्व है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर की प्रोटीन को पचाने और उपयोग करने की क्षमता कम हो जाती है, इसलिए बुजुर्गों को पर्याप्त और अच्छी क्वालिटी वाला प्रोटीन लेना जरूरी होता है। डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि दूध, दही, पनीर, दालें, चना, राजमा, सोया, अंडा और सीमित मात्रा में मछली या चिकन बुज़ुर्गों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं।
2. कैल्शियम और विटामिन D
बुजुर्गों में हड्डियों का कमजोर होना और जोड़ों में दर्द एक आम समस्या है। इसके लिए कैल्शियम और विटामिन D बेहद जरूरी हैं। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, दूध, दही, छाछ, तिल, रागी, हरी पत्तेदार सब्जियां और सूरज की हल्की धूप हड्डियों की मजबूती के लिए फायदेमंद हैं। सही मात्रा में कैल्शियम लेने से गिरने और फ्रैक्चर का खतरा भी कम होता है।
3. सही कार्बोहाइड्रेट
अक्सर बुजुर्ग कार्बोहाइड्रेट से पूरी तरह दूरी बना लेते हैं, जबकि यह शरीर को एनर्जी देने का मुख्य सोर्स है। फर्क सिर्फ इतना है कि सही कार्बोहाइड्रेट का चुनाव करना चाहिए। गेहूं की रोटी, जौ, ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस और बाजरा जैसे साबुत अनाज धीरे-धीरे एनर्जी देते हैं और दिनभर कमजोरी नहीं होने देते।
इसे भी पढ़ें: जन्म से बुढ़ापे तक दिमाग का सफर, कितने पड़ाव और कब-कब होते हैं बड़े बदलाव, वैज्ञानिकों ने खोजे रहस्य

4. फल और सब्जियां
ताकत बढ़ाने के साथ-साथ बीमारियों से बचाव के लिए फल और सब्जियां बेहद जरूरी हैं। डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि पपीता, सेब, केला, अमरूद, अनार और मौसमी फल बुजुर्गों के लिए अच्छे हैं। वहीं, लौकी, तोरई, गाजर, पालक और चुकंदर जैसी सब्जियां शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल देती हैं, जिससे थकान कम होती है।
5. हेल्दी फैट
बुजुर्गों को अक्सर फैट से दूर रहने की सलाह दी जाती है, लेकिन शरीर को थोड़ी मात्रा में हेल्दी फैट की जरूरत होती है। अर्चना जैन के अनुसार, अखरोट, बादाम, मूंगफली, अलसी के बीज और सरसों या जैतून का तेल दिल और मांसपेशियों के लिए फायदेमंद होते हैं। ये शरीर को एनर्जी देने के साथ सूजन को भी कम करते हैं।
किन चीजों से बनाएं दूरी
ताकत बनाए रखने के लिए बहुत ज्यादा मीठा, तला-भुना, पैकेट वाला खाना और बहुत ज्यादा नमक से बचना चाहिए। ये चीजें शरीर को पोषण देने के बजाय थकान और बीमारियों का कारण बनती हैं।
निष्कर्ष
डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, बढ़ती उम्र में ताकत बनाए रखना मुश्किल नहीं है, बस सही खानपान और नियमित दिनचर्या अपनानी होती है। संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, कैल्शियम, फल-सब्जियां और पानी बुजुर्गों को लंबे समय तक स्वस्थ, मजबूत और आत्मनिर्भर बनाए रख सकते हैं।
All Images Credit- Freepik
FAQ
75 साल के आदमी को कितना खाना चाहिए?
75 साल के आदमी को उम्र, वजन और सेहत के अनुसार संतुलित मात्रा में भोजन करना चाहिए। आमतौर पर उन्हें दिन में 1600-1800 कैलोरी की जरूरत होती है। भोजन में हल्का, सुपाच्य और पोषक आहार शामिल हो, जैसे दलिया, दाल, सब्जियां, फल, दूध और दही। दिन में 4-5 बार थोड़ा-थोड़ा खाना बेहतर होता है। पानी भी पर्याप्त मात्रा में पीते रहें।बुजुर्गों में पाचन कमजोर क्यों हो जाता है?
उम्र के साथ पाचन एंजाइम्स कम बनते हैं और फिजिकल एक्टिविटी घटती है, जिससे कब्ज और गैस की समस्या बढ़ सकती है। फाइबर और प्रोबायोटिक फूड इसमें मदद करते हैं।बुजुर्गों को पानी कितना पीना चाहिए?
प्यास न लगने पर भी बुज़ुर्गों को दिनभर में 6-7 गिलास पानी या तरल पदार्थ जरूर लेने चाहिए, ताकि डिहाइड्रेशन और कमजोरी से बचा जा सके।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jan 21, 2026 11:15 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Jan 21, 2026 11:15 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Archana Jain