यह बात हम सभी जानते हैं कि बढ़ती उम्र के साथ प्रोटीन की जरूरत बदल जाती है। वैसे भी प्रोटीन हमारे शरीर के लिए एक उपयोगी पोषक तत्व है, जो कि टिश्यू, मसल्स और हड्डियों को रिपेयर करने के लिए जरूरी है। विशेषकर अधिक उम्र के लोगों को स्थायी रूप से प्रोटीन को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए। हालांकि, कोई भी चीज अति में नहीं होनी चाहिए। ऐसा इसलिए कहा जाता है, क्योंकि पोषक तत्वों की अधिकता भी सेहत के लिए सही नहीं है। यहां सवाल उठता है कि उम्र के साथ शरीर के प्रोटीन को उपयोग करने की क्षमता कैसे बदल जाती है? आइए, जानते हैं Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से।
उम्र के साथ शरीर की प्रोटीन उपयोग करने की क्षमता कैसे बदलती है?
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अधिक उम्र में शरीर पहले से जैसा एक्टिव और एनर्जेटिक नहीं रह जाता है। बढ़ती उम्र के साथ मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, कैलोरी बर्न करने की शरीर की क्षमता पर असर पड़ता है। इसी तरह शरीर प्रोटीन को भी युवावस्था की तरह उपयोग नहीं कर पाता है। इस प्रक्रिया को समझाते हुए न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी बताती हैं, "जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारे शरीर की प्रोटीन को पचाने और उसका सही इस्तेमाल करने की क्षमता कम होने लगती है। इस स्थिति को एनाबॉलिक रेजिस्टेंस कहा जाता है। इसमें हमारी मांसपेशियां प्रोटीन से मिलने वाले अमीनो एसिड के प्रति उतनी एक्टिव नहीं रह पातीं।" न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी आगे सलाह देती हैं, "अधिक उम्र में मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। यही कारण है कि वयस्कों के लिए प्रति मील (Per Meal) 20-30 ग्राम, लेकिन दैनिक आवश्यकता वजन पर निर्भर करती है। काफी होता है, वहीं बढ़ती उम्र के वयस्कों को हर बार के भोजन में 35 से 40 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।"
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बुजुर्ग प्रतिदिन कितनी मात्रा में प्रोटीन लें?
साल 2015 में Nutrients में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, बुजुर्गों में प्रोटीन की जरूरत अधिक होती है, क्योंकि इस उम्र तक आते-आते मांसपेशियां काफी कमजोर हो जाती हैं। मासंपेशियों के नुकसान से रोकने के लिए और उनकी शारीरिक कार्यक्षमता को बनाए रखने के लिए उन्हें नियमित अनुसार यानी प्रतिदिन 1.0 से 1.3 ग्राम प्रति किलोग्राम वजन प्रोटीन का सेवन जरूर करना चाहिए।
अधिक उम्र में प्रोटीन की जरूरत कैसे पूरी करें?
दिन भर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में प्रोटीन खाएंः कई घरों में ऐसा होता है कि लोग अपने खान-पान पर विशेष जोर नहीं देते हैं और रात को हैवी मील लेते हैं। आप ऐसा न करें। दिन की शुरुआत प्रोटीन से भरपूर नाश्ते के साथ करें। इसमें अंडे की भुर्जी और एक कप दही से कर सकते हैं।
नर्म चीजों को दें प्राथमिकताः कई बार अधिक उम्र में खाना चबाना मुश्किल लगता है। इस तरह की स्थिति से बचने के लिए आप पकी हुई मछली, अच्छी तरह उबली हुई दालें, पनीर या टोफू को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं।
प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेंः अगर दिनभर की डाइट में आप पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल नहीं कर पा रहे हैं, तो बेहतर है कि आप डॉक्टर की सलाह पर प्रोटीन सप्लीमेंट्स लें। इसके अलावा, दो मील्स के बीच के अंतर को पूरा करने के लिए प्रोटीन से भरपूर स्मूदीज पी सकते हैं।
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निष्कर्ष
वैसे तो हर उम्र में प्रोटीन को महत्व दिया जाना जरूरी है, लेकिन अधिक उम्र के लोगों के लिए आवश्यक है कि वे इस पोषक तत्व की अनदेखी कभी न करें। प्रोटीन की मदद से मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और बाॅडी के अन्य फंक्शन में भी सुधार होता है। हालांकि, आप कितनी मात्रा में प्रोटीन का सेवन कर रहे हैं, यह बात बहुत जरूरी होती है। इसकी सटीक मात्रा जानने के लिए एक्सपर्ट की सलाह लें।
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FAQ
क्या अधिक उम्र में सिर्फ प्रोटीन खाने से मांसपेशियां मजबूत हो सकती हैं?
नहीं, पर्याप्त प्रोटीन के साथ हल्की एक्सरसाइज जैसे वॉक या लाइट वेट ट्रेनिंग भी करनी जरूरी होती है।क्या बुजुर्गों के लिए प्लांट प्रोटीन की तुलना में एनिमल प्रोटीन ज्यादा फायदेमंद है?
एक्सपर्ट के अनुसार, डेयरी, अंडे और लीन मीट जैसे एनिमल प्रोटीन में ल्यूसीन नाम का अमीनो एसिड प्रचुर मात्रा में होता है, जो बुजुर्गों में मांसपेशियों को बनाने लिए अधिक फायदेमंद है। हालांकि, शाकाहारी लोग दालों के साथ चावल या सोयाबीन और पनीर का सेवन करके भी प्रोटीन की कमी को पूरा कर सकते हैं।
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Jul 08, 2026 13:18 IST
Modified By : Meera Tagore Jul 08, 2026 13:18 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dt Divya Gandhi