आजकल युवाओं में बॉडी बिल्डिंग बनाने के चलन तेजी से बढ़ रहा है और इस वजह से लोग जिम में कई घंटों तक पसीना भी बहाते हैं, लेकिन अपने फेवरेट हीरो जैसी फिट बॉडी बनाने के लिए जिम सप्लीमेंट्स लेने से भी नहीं हिचकते। इसमें प्रोटीन पाउडर, प्री-वर्कआउट ड्रिंक्स, फैट बर्नर, टेस्टोस्टेरोन बूस्टर और एनाबॉलिक स्टेरॉयड जैसे प्रोडक्ट्स शामिल है। इन प्रोडक्ट्स को लेने का शरीर और फर्टिलिटी पर क्या नुकसान होता है? यह जानने के लिए हमने हमने Dr. Vineet Malhotra, Head of Urology at VNA Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि सभी सप्लीमेंट्स नुकसानदायक नहीं होते, लेकिन कुछ हार्मोन बेस्ड प्रोडक्ट्स का बिना डॉक्टर की सलाह लिए इस्तेमाल करना पुरुषों और महिलाओं दोनों की फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकता है।
क्या जिम में मिलने वाला हर सप्लीमेंट फर्टिलिटी को नुकसान पहुंचा सकता है?
Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “सभी बॉडी बिल्डिंग सप्लीमेंट्स इनफर्टिलिटी का कारण नहीं बनते। अगर अच्छी क्वालिटी के प्रोटीन सप्लीमेंट्स को सही मात्रा में एक्सपर्ट की सलाह लेकर लिया जाए, तो ये सेफ होते हैं। समस्या तब शुरू होती है, जब लोग तेजी से मांसपेशियां बढ़ाने के लिए टेस्टोस्टेरोन बूस्टर, हार्मोन सप्लीमेंट्स या एनाबॉलिक स्टेरॉयड का इस्तेमाल करने लगते हैं। यही प्रोडक्ट्स शरीर के प्राकृतिक हार्मोनल संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं।”
एनाबॉलिक स्टेरॉयड लेने से क्या नुकसान हो सकता है?
Dr. Vineet Malhotra के मुताबिक, “एनाबॉलिक स्टेरॉयड शरीर में टेस्टोस्टेरोन की कृत्रिम मात्रा बढ़ाने का काम करते हैं। इससे मांसपेशियों का विकास तेज हो सकता है, लेकिन इसका असर शरीर के नेचुरल हार्मोन प्रोडक्शन सिस्टम पर पड़ता है। जब शरीर को बाहर से जरूरत से ज्यादा टेस्टोस्टेरोन मिलने लगता है, तो दिमाग यह संकेत देने लगता है कि अब टेस्टोस्टेरोन बनाने की जरूरत नहीं है। इस वजह से अंडकोष में स्पर्म कम बनाने लगता है। कुछ मामलों में तो स्पर्म की संख्या इतनी कम हो सकती है कि व्यक्ति टेम्परेरी तौर पर इनफर्टिलिटी से जूझ सकता है। अगर लंबे समय तक स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया जाए, तो अंडकोष का आकार छोटा होना, सेक्शुअल इच्छा में बदलाव और इरेक्टाइल डिसफंक्शन जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।”

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जिम सप्लीमेंट्स का महिलाओं पर असर
Dr. Vineet Malhotra का कहना है, “यह समस्या सिर्फ पुरुषों तक सीमित नहीं है। जो महिलाएं जिम सप्लीमेंट्स लेती हैं, उनके पीरियड्स का साइकल अनियमित हो सकता है, ओव्यूलेशन प्रभावित हो सकता है और प्रेग्नेंसी में मुश्किल आ सकती है। कुछ महिलाओं में चेहरे पर अनचाहे बाल बढ़ना, आवाज भारी होना और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं भी देखी जा सकती हैं।”
फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याओं का इलाज
Dr. Vineet Malhotra ने बताया कि ज्यादातर मामलों में अगर व्यक्ति समय रहते स्टेरॉयड या मिलावटी सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल बंद कर देता है, तो कुछ महीनों से लेकर एक-दो साल के भीतर फर्टिलिटी में सुधार देखा जा सकता है। हालांकि, लंबे समय तक बहुत मात्रा में स्टेरॉयड लेने से स्थायी नुकसान भी हो सकता है।
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निष्कर्ष
Dr. Vineet Malhotra लोगों को सलाह देते हैं कि फिटनेस बेहतर करने और मसल्स बनाने का सबसे सुरक्षित तरीका संतुलित आहार, रेगुलर एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और एक्सपर्ट की निगरानी में वर्कआउट करना है। सिर्फ सोशल मीडिया, दोस्तों या जिम में मिली सलाह के आधार पर किसी भी सप्लीमेंट को नहीं लेना चाहिए। लंबे समय तक बहुत ज्यादा मात्रा में टेस्टोस्टेरोन बूस्टर, हार्मोन सप्लीमेंट्स या स्टेरॉयड्स लेने से फर्टिलिटी को नुकसान पहुंच सकता है।
FAQ
स्टेरॉयड के इस्तेमाल से पुरुषों के अंडकोष के आकार पर क्या असर पड़ता है?
लंबे समय तक स्टेरॉयड या सप्लीमेंट्स के रूप में बाहरी हार्मोन लेने से अंडकोष स्पर्म और टेस्टोस्टेरोन बनाना बंद हो जाता है। निष्क्रिय रहने के कारण अंडकोष धीरे-धीरे सिकुड़ने लगते हैं।क्या जिम सप्लीमेंट्स के कारण आई इनफर्टिलिटी को दोबारा ठीक किया जा सकता है?
अधिकतर मामलों में यह रिवर्स होती है। यदि कोई पुरुष जिम सप्लीमेंट्स और स्टेरॉयड का सेवन पूरी तरह बंद कर दे, तो तीन से 12 महीनों के भीतर उसका शरीर दोबारा प्राकृतिक रूप से हार्मोन और स्पर्म बनाना शुरू कर देता है। हालांकि, कुछ मामलों में डॉक्टरों को हार्मोन थेरेपी देनी पड़ती है।
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Jun 09, 2026 17:06 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jun 09, 2026 17:06 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vineet Malhotra