महिलाओं के बीच पॉपुलर 'साइज़ जीरो फिगर' क्या है? क्या जीरो फिगर बॉडी बनाने के कुछ नुकसान भी हैं?

बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर और शिल्पा शेट्टी ने भारतीय महिलाओं में 'जीरो फिगर' को पॉपुलर बनाया है। लेकिन क्या इस तरह बॉडी बनाने के कुछ नुकसान भी है?

सम्‍पादकीय विभाग
एक्सरसाइज और फिटनेसWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Feb 16, 2021Updated at: Feb 17, 2021
महिलाओं के बीच पॉपुलर 'साइज़ जीरो फिगर' क्या है? क्या जीरो फिगर बॉडी बनाने के कुछ नुकसान भी हैं?

आज के दौर में इंसान अपनी शरीर की बनावट को आकर्षक बनाने के लिए हर संभव प्रयास करता है। समय के साथ-साथ इंसान  की सोच उसके शारीरिक बनावट को लेकर बदलती रहती है। शरीर का आकार क्या हो और किस प्रकार से शरीर दिखे इसको लेकर तमाम प्रकार की बातें लोगों के बीच प्रचलित हैं। जब बात महिलाओं की बॉडी इमेज की हो तो साइज जीरो (SizeZero) को कैसे भुलाया जा सकता है। सबसे पहले भारत में साइज़ जीरो को लेकर करीना कपूर ने दिलचस्पी दिखाई थी, उन्होंने 2008 में इसे प्रचलन में लाया जिसके बाद इस ट्रेंड में शिल्पा शेट्टी समेत कई बॉलीवुड हस्तियां शामिल हुई थी। आज के दौर में भी जीरो फिगर (zero figure) का क्रेज जारी है। जीरो फिगर पाने के लिए लड़कियाँ या महिलाएं अपने भोजन को नियंत्रित करती हैं। कई बार वे दिन में एक बार भोजन करना छोड़ देती हैं या रोटी और उबली हुई सब्जियों का ही सेवन करती हैं। महिलाएं साइज़ जीरो फिगर पाने के लिए क्रैश डाइट और वर्क आउट को भी अपनाती हैं। लेकिन अधिकांश लोगों का मानना है कि अगर प्रतिदिन लेने वाले भोजन की मात्रा को नियंत्रित किया जाए तो जीरो साइज़ फिगर को पाया जा सकता है। ऐसे में साइज़ जीरो फिगर पाने के लिए भोजन की मात्रा को कम करने का प्रतिकूल प्रभाव भी देखने को मिलता है।

साइज़ जीरो फिगर क्या है (What is Size Zero Figure)

आमतौर पर कमर और कूल्हे के आकार को कम करना ही साइज़ जीरो फिगर माना जाता है। Size Zero अमेरिकी साइज़ चार्ट में महिलाओं के कपड़ों का आकार है। इस साइज़ को पाना अत्यंत कठिन माना जाता है और इसके लिए क्रैश डाइट और तमाम प्रकार के वर्कआउट की जरुरत पड़ती है। भारत में, साइज़ ज़ीरो का क्रेज़ बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर ने शुरू किया था। करीना कपूर ने 2007 में अपनी फिल्म "टशन" के लिए बिकनी बॉडी बनाने के लिए लगभग 8 किलो वजन कम किया था, लेकिन उन्होंने यह सब विशेषज्ञों और एक्सपर्ट्स की देखरेख में किया था।

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साइज़ जीरो फिगर पाने के लिए जिस प्रकार की वर्कआउट और भोजन लेने की व्यवस्था है उसकी वजह से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की भी आशंका बनी रहती है। विशेषज्ञों की मानें तो जो महिलाएं खुद को पौष्टिक भोजन से वंचित रखती हैं और साइज़ जीरो के लिए अत्यधिक वर्कआउट का सहारा लेतीं हैं उन्हें कई प्रकार के साइड इफेक्ट्स से भी जूझना पड़ता है जैसे कि इसके दौरान वजन का तेजी से कम होना। जीरो साइज़ के लिए इस तरह के आहार और वर्कआउट पर जाने से पहले हमेशा विशेषज्ञों से सलाह लेना जरुरी होता है। यदि नहीं, तो आप हड्डियों का कमजोर होना, बुलिमिया और एनोरेक्सिया जैसी बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।

साइज जीरो का स्वास्थ्य पर असर (Size zero side Effects)

zero figure myths and facts

खानपान संबंधी दिक्कतें

साइज़ जीरो फिगर के लिए एक विशेष डाइट प्लान की आश्यकता होती है और इसकी वजह से ईटिंग डिसऑर्डर का ख़तरा बढ़ता है। एनोरेक्सिया और बुलिमिया नर्वोसा जैसे ईटिंग डिसऑर्डर की बीमारियों का ख़तरा इस प्रकार की प्रक्रिया को अपनाने से बढ़ता है। फिटनेस और फैशन के क्षेत्र में लोग आज के नाम चीन हस्तियों को फॉलो करते हैं लेकिन उनके स्वास्थ्य के पीछे विशेषज्ञों की सलाह और एक्सपर्ट्स की राय होती है। जीरो साइज़ के क्रेज की शुरुआत करीना कपूर ने की थी लेकिन तमाम युवा महिलाएं और लड़कियां इसके पीछे पागल हो गयी थीं लेकिन अब इसका क्रेज़ काफी कम भी हुआ है। इस फिगर को पाने के लिए अत्यधिक व्यायाम और कम भोजन के नियमों के हिसाब से चलना पड़ता है जिसकी वजह से कई प्रकार की बीमारियां भी जन्म लेती हैं। संतुलित और जरुरी भोजन न लेने की वजह से कुपोषण और हृदय संबंधी समस्याओं से भी जूझना पड़ सकता है।

शरीर में विटामिन जैसे पोषक तत्वों की कमी

साइज़ जीरो पाने के लिए विशेष डाइट प्लान और अधिक से अधिक वर्कआउट करने की जरुरत होती है जिसकी वजा से शरीर में विटामिन और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। पोषक तत्वों से भरपूर भोजन न लेने की वजह से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें आणि शुरू होती हैं। विटामिन की कमी की वजह से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। विटामिन हमारे शरीर के लिए बेहद जरुरी होते हैं जो शरीर के सभी अंगों को सही से काम करने में मदद करते हैं। साइज़ जीरो फिगर को प्राप्त करने के लिए, आपको उन खाद्य पदार्थों में कटौती करनी होगी जिनमें ये विटामिनों पाए जाते हैं और इसकी वजह से विटामिन की कमी होती है जो हमारे शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक मानी जाती है।

side effects of zero figure

मानसिक बीमारियाँ या मेंटल डिसऑर्डर

साइज़ जीरो को प्राप्त करने की प्रक्रिया के दौरान खाने वाले ये विकार आपके भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालते हैं। यह आपके आत्मविश्वास को भी कम करने में अपनी भूमिका अदा करते हैं। जिसकी वजह से इंसान में चिंता और अवसाद जैसी मानसिक बीमारियां भी पैदा हो सकती हैं। वजन का लगातार डर आपके दिमाग पर भी बहुत नकारात्मक प्रभाव डालता है। एक स्टडी की मानें तो युवा महिलाओं को साइज़ जीरो के जूनून ने बुलिमिया और एनोरेक्सिया नर्वोसा जैसी बीमारियों से ग्रसित किया है। बुलिमिया रोगी अधिक मात्रा में भोजन करते हैं और वजन कम करने से बचने के लिए अस्वास्थ्यकर तरीके से कैलोरी से छुटकारा पाने की कोशिश करते हैं। इन स्थितियों वाले मरीजों में चिंता और अवसाद, कम आत्मसम्मान जैसे विकार भी उत्पन्न हो सकते हैं।

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शरीर में फैट की कमी

साइज़ जीरो फिगर के लिए अत्यधिक व्यायाम करने की जरुरत होती है और एक विशेष प्रकार का डाइट प्लान भी फॉलो किया जाता है। इसके लिए फैट को शरीर से पूरी तरीके से ख़त्म करने की भी जरुरत होती है और हमारे शरीर को शुचारू रूप से काम करने के लिए फैट की भी आवश्यकता होती है। फैट शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और शरीर को विभिन्न विटामिन जैसे डी, के, ई और ए को अवशोषित करने में भी मदद करते हैं। शरीर में फैट की कमी से त्वचा भी शुष्क होती है और इससे मानसिक समस्याओं का भी जन्म होता है। साइज़ जीरो फिगर पाने की कोशिश में लगी महिलाओं व युवतियों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव भी देखने को मिलता है।

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