हर समय निगेटिव सोचना है पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर का संकेत, जानें इसके लक्षण और नुकसान

पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर की समस्या होने पर आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए और व्यक्ति के साथ अच्छा बर्ताव करना चाहिए। 

Dipti Kumari
Written by: Dipti KumariPublished at: Apr 05, 2022Updated at: Apr 05, 2022
हर समय निगेटिव सोचना है पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर का संकेत, जानें इसके लक्षण और नुकसान

पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर आपकी अचेतन क्रियाओं और संचार के तरीके से संबंधित दिक्कतें होती है, जिसके बारे में शायद आपको पता भी न हो। यह एक नकारात्मकता व्यवहार होता है लेकिन यह कुछ समय के लिए या लंबे समय के लिए भी हो सकता है। यह एक व्यवहार संबंधी समस्याएं जैसे अक्सर काम की जगह पर देरी से पहुंचना या कम्यूनिकेशन स्थापित करने में परेशानी आना। पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर के कई कारण हो सकते हैं। यह किसी से शत्रुतापूर्ण व्यवहार रखने के कारण भी हो सकता है। जैसे अगर आपके किसी साथी का प्रमोशन होता है, तो आप सामने में आने पर तो उन्हें बधाई देते हैं लेकिन मन ही मन उनसे जलन की भावना रखते हैं। एक हेल्दी तरीके से प्रतिस्पर्धा रखना अच्छी बात है लेकिन अगर इसके लिए आप खुद के साथ गलत करते हैं, तो यह पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर का कारण हो सकता है। ऐसा तनाव या बचपन में घटी किसी अप्रिय घटना के कारण भी हो सकता है। कई बार आत्मविश्वास या सम्मान को ठेस पहुंचने पर भी ये दिक्कत हो सकती है।  इसे ठीक करने के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है और टॉक थेरेपी की मदद से इस समस्या को ठीक किया जा सकता है। आइए पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर के कारण और लक्षणों के बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं।

पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर के लक्षण

1. पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर के सबसे पुराने लक्षणों में से एक है, जिसमें आप काम, घर या अकादमिक सफलता मिलने पर भी निगेटिव सोचते हैं। यह पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर डिसऑर्डर की परेशानी हो सकती है। 

2. इसके अलावा व्यक्ति के व्यवहार या संचार में ये लक्षम दिख सकते हैं। यह एक नकारात्मक व्यवहार होता है। 

3. देरी करना 

4. जानबुझकर काम में गलतियां करना 

5. महत्वपूर्ण चीजों को गलत तरीके से रखना या लापरवाही करना

6. भूलने की बीमारी के कारण अपॉइंटमेंट छूटना

7. कार्यों और जिम्मेदारियों को अंतिम समय पर छोड़ना

8. बार-बार गलतियां करना या अलग-अलग पैटर्न में गलतियां करना

9. किसी भी चीज को लेकर जिद्दी व्यवहार रखना

Aggressive-passive-behavior

Image Credit- Freepik

कम्युनिकेशन में समस्याएं

कई बार पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर की समस्या में लोगों के संचार में कोई दिक्कत स्पष्ट रूप से समझ नहीं आती है लेकिन ये अंदरूनी रूप से आपको बहुत परेशान कर सकते हैं और आपको नकारात्मक बनाते हैं। इसे हम कुछ उदाहरण से समझ सकते हैं जैसे व्यक्ति अगर किसी के विचार से सहमत नहीं है फिर भी उसकी बातों से सहमत होना या फिर किसी भी तरह की समस्या से इनकार करना। इसके अलावा कई बार लोग अपने अंदर की नकारात्मक भावनाओं और कठिनाईयों को व्यक्त करने में परेशानी का अनुभव करते हैं। ऐसे व्यक्ति किसी तरह की परेशानी होने पर दूसरों से बात करने के बजाय खुद से बड़बड़ाते रहते हैं। मन में कई तरह के द्वंद्व और परेशानियां होने के बावजूद ऐसे लोग चेहरे पर सकारात्मक भाव रखते हैं ताकि लोगों को उनकी परेशानी के बारे में पता न चलें। इसके अलावा मजाकिया व्यवहार या सराहना पाने की लालसा होना।

इसे भी पढे़- चिंता, तनाव और मानसिक विकारों के खतरे को कम करने मे मददगार ये 4 घरेलू उपाय

व्यवहार में आने वाली दिक्कतें

ऐसे लोगों के व्यवहार में भी कई तरह की परेशानी देखने को मिलती है। जैसे यह हमेशा अपने नकारात्मक विचारों को प्रकट करने से बचते हैं। दूसरों की उपेक्षा करना या उन्हें न सुनने का नाटक करते हैं। जैसे उन्हें उस बात से कोई मतलब ही न हो और वह अपने काम में व्यस्त हो। कई बार ऐसे लोग अपने अपमान को भी तारीफ और सामान्य टिप्पणियों की तरह ले सकते हैं। काम में टालमटोल करना या अपने बॉस की सलाह का पालन न करना। बिना बात की सलाह देना या दूसरों की बातों का विरोध करना। दूसरों के बारे में पीठ पीछे बाते करना या किसी से बात करने से भागना। अपनी समस्या को छुपाने के लिए ऐसे लोग आपको कई तरह के बहाने दे सकते हैं या फिर उन्हें खुद समझ नहीं आता है कि वे अपनी दिक्कत को बताने से कतरा रहे हैं। कई बार लोग अपने आत्मविश्वास के बारे में सोचकर दूसरों से अपनी परेशानी बताने में कतराते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि फिर इससे लोग उन्हें दया भाव से देखने लगेंगे जबकि ऐसा नहीं परेशानी बताने से आपका आत्मविश्वास कम हो सकता है बल्कि लोग आपकी मदद कर सकते हैं और आप जल्दी से जल्दी किसी परेशानी से निकल सकते हैं। इसके उल्ट अपनी दिक्कतें लोगों से छिपाने से आपको ये तनाव या चिंता की ओर ले जाती है। 

Aggressive-passive-behavior

Image Credit- Freepik

पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर कारक 

कई बातें आपके पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर का कारण हो सकता है। जैसे बहुत ज्यादा अपशब्दों का उपयोग करना। कई बार लोग हर छोटी-बड़ी बात के लिए गाली-गलौज देने लगते हैं। इससे यह ट्रिगर हो सकता है। इसके अलावा बचपन में बच्चों की उपेक्षा करना या दूसरों के सामने अपमानित करने से। कई बार पेरेंट्स अच्छा करने पर भी बच्चे को प्रोत्साहित नहीं करते हैं। इससे बच्चे में नकारात्मक भावनाएं आती है। डर की भावना होना या किसी निर्णय पर पहुंचने में परेशानी जैसे कई लोग ये समझ नहीं पाते हैं कि दो चीजों में क्या सही या क्या गलत है। मानसिक समस्याएं, चुनौतियां और नकारात्मक विचार आना। कई हानिकारक चीजों के सेवन से भी ये समस्याएं और बढ़ सकती है इसलिए अपने आपका ख्याल रखने के लिए सही चीजों का चुनाव करें। 

पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर के लिए थेरेपी 

1. पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर को ठीक करना एक चुनौती है क्योंकि कई बार आपको पता भी नहीं चल पाता है कि आपको ये दिक्कत है। ऐसे में स्थिति का पता चलने पर आपको मनोचिकित्सक, टॉक थेरेपी या ऐसे कारण जिससे यह परेशानी बढ़ सकती है, उसे दूर करना। इसके लिए आप इंटरपर्सनल रिकंस्ट्रक्टिव थेरेपी को शामिल कर सकते हैं, जो एक टॉक थेरेपी है। 

2. आत्म जागरूकता भी पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर में मददगार साबित हो सकता है। खुद से जागरूक होकर भी आप अपने मन में आने वाले नकारात्मक प्रभावों से दूर रह सकते हैं। खुद को मोटिवेट रखकर, भय और तनाव को खुद से दूर रखकर आप इस परेशानी या बीमारी को दूर कर सकते हैं। इसके लिए अपने अंदर खुशी का अनुभव करें और लोगों से खुलकर बातचीत करने की कोशिश करें। 

3. अगर आपके केस में यह बीमारी काफी गंभीर हो चुकी है, तो इसके लिए आपको बिना देर किए अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए और इसके समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए। हालांकि ऐसी समस्या में लोग अपनी स्थिति से अनजान होते हैं, तो उनके आसपास के लोगों को उनकी मदद करनी चाहिए और इसके लिए उन्हें कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। 

Aggressive-passive-behavior

Image Credit- Freepik

पैसिव अग्रेसिव बिहेवियर वाले लोगों से कैसा व्यवहार करें

1. अगर स्थिति खराब हो, तो अवश्य सहायता करें और संबंधित चिकित्सक के पास ले जाएं। 

2. सबसे पहले आपको ये समझने की जरूरत है कि यह जानबूझकर किया गया हानिकारक व्यवहार नहीं है। 

3. उनके साथ बेहद प्यार से बात करें और उनका साथ देने की कोशिश करें। 

4. बिना किसी दबाव के खुलकर बातचीत करने की कोशिश करें और उन्हें उनकी बात कहने के लिए प्रोत्साहित करें। 

Main Image Credit- Freepik

Disclaimer