अपने बच्चे में इन 8 तरीकों से बढ़ाएं आत्मविश्वास

बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने में माता-पिता अहम भूमिका निभाते हैं। यहां दिए टिप्स बच्चों का सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाने में माता-पिता की मदद कर सकते हैं।

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Jul 09, 2021Updated at: Jul 09, 2021
अपने बच्चे में इन 8 तरीकों से बढ़ाएं आत्मविश्वास

आत्मविश्वास यानी अपने आप पर भरोसा। जो व्यक्ति आत्मविश्वास से भरा होता है वह न केवल अपने निर्णय खुद लेता है बल्कि उसमें सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होता है। वह व्यक्ति मुश्किल से मुश्किल समय में घबराता नहीं है। वहीं किसी व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास की कमी है तो वह एकदम विपरीत प्रतिक्रिया देता है। ना वह स्वयं के निर्णय ले पाता और ना ही मजबूती से किसी परिस्थिति का सामना कर पाता है। बचपन से ही अगर माता पिता अपने बच्चों का सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाएं तो आगे चलकर उनमें सीखने की क्षमता, भविष्य में आगे बढ़ने की प्रेरणा, समस्याओं का सामना आदि चीजें विकसित हो सकती हैं। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि माता-पिता बच्चों का सेल्फ कॉन्फिडेंस कैसे बढ़ा सकते हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए कैसे प्रेरित कर सकते हैं। पढ़ते हैं आगे...

1 - बच्चों को समय देना

अगर आपका केवल एक बच्चा है तो उसका साथ खेलने के लिए केवल आप ही मौजूद हैं। ऐसे में अगर वह हर वक्त अकेला खेले तो आप उसके स्वभाव में चिड़चिड़ापन महसूस कर सकते हैं। ऐसे में बच्चे के अकेलेपन को दूर करने में माता पिता को उसे उचित समय देना चाहिए। बच्चा जो भी गेम खेल रहा है उस गेम में अपनी भागीदारी देकर माता-पिता न केवल बच्चों के साथी बन सकते हैं बल्कि वे बच्चों की याददाश्त और सोचने, समझने की शक्ति को बढ़ा सकते हैं। ऐसा करने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है।

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2 - बच्चों पर गुस्सा ना करना

बच्चों पर गुस्सा करना आसान है लेकिन इससे उनकी मनोदशा पर प्रभाव पड़ता है। कभी-कभी माता-पिता किसी और का गुस्सा बच्चों पर निकाल देते हैं लेकिन वे यह नहीं जानते कि इसके कारण बच्चा बिगड़ सकता है। जो माता-पिता अपने बच्चों को ज्यादा डांटते हैं उन्हें बता दें कि बच्चा इसके कारण मानसिक रूप से कमजोर हो सकता है और उसका आत्मविश्वाश भी कमजोर हो सकता है। ऐसे में अगर बच्चा कोई गलती करें तो उस पर गुस्सा ना करके उसे समझाएं। वहीं किसी बात से परेशान हैं तो उससे बच्चे पर गुस्सा करने के बजाय चुप्पी का सहारा लें।

3 - बच्चों की गलतियों पर प्रतिक्रिया

बच्चे गलती करके ही कुछ सीखते हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात यह है कि माता-पिता बच्चों की गलती पर कैसी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अगर वह बच्चे की किसी भी गलती पर उन्हें डांटेंगे या उनका अपमान करेंगे तो बच्चे के मन में डर पैदा होगा और इससे उसका विश्वास भी कमजोर होगा। ऐसे में गलती करने पर बच्चे को मायूस ना होने दें बल्कि उसे समझाएं कि गलतियां होती रहती हैं और बच्चे को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।

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4 - बच्चों की तारीफ करना

कभी-कभी बच्चों की तारीफ करना भी जरूरी होता है। भले ही बच्चा कोई छोटी ड्राइंग बनाएं या कोई बड़ा प्रोजेक्ट, माता पिता अगर बच्चे की तारीफ करेंगे तो वह उस काम को और बेहतर तरीके से करने की कोशिश करेगा और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिलेगी। तारीफ से आत्मविश्वास का विकास होता है और वह खुद को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित होता है।

5 - बच्चों की तुलना ना करना

तो क्या हुआ अगर आपके बच्चे के कम नंबर आए? क्या जरूरी है दूसरे बच्चों के साथ अपने बच्चे की तुलना करना? माता-पिता को समझना चाहिए कि अगर वे अपने बच्चों की किसी दूसरे बच्चे से तुलना करते हैं तो इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता नहीं बल्कि घटता है और वह खुद को कम आंकने लगता है। ऐसे में बच्चे के अंदर हीन भावना भी पैदा हो सकती है। माता पिता का फर्ज है कि वे बच्चे की तुलना करने से बचें और अगर बच्चे के कम नंबर आए हैं या वह किसी प्रतियोगिता में जीत हासिल नहीं कर पाया है तो फिर से उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।

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6 - बच्चों की दिनचर्या में व्यायाम जोड़ना

बच्चों में आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए उनकी दिनचर्या में थोड़ा सा बदलाव करना जरूरी है। अगर बदलाव होगा तो बच्चों को प्रेरणा मिलेगी। ऐसे में माता-पिता बच्चों की दिनचर्या में व्यायाम को जोड़ें। इसके अलावा यदि माता-पिता खुद व्यायाम करते हैं तो बच्चा उनको देखा देख व्यायाम करने की कोशिश करेगा। इससे ना केवल सीखने की क्षमता को बढ़ेगी बल्कि उसे व्यायाम का मतलब भी समझ आएगा। बच्चे की सेहत के लिए भी व्यायाम एक बेहतर विकल्प है।

7 - बच्चों को जिम्मेदारियों का एहसास करवाना

बच्चों में आत्मविश्वास को पैदा करने का सबसे अच्छा तरीका है, उन्हें जिम्मेदार बनाना। ऐसे में आप बच्चों को छोटे-छोटे जिम्मेदारियां भी दे सकते हैं। जैसे दूध का हिसाब या पानी की बोतले भरवाना आदि। इससे ना केवल उनसे मिलने का एहसास होगा बल्कि उनके अंदर आत्मविश्वास का भी संचार होगा। और उन्हें समझ आएगा काम को किस तरीके से किया जाता है।

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8 - बच्चों पर भरोसा रखना

माता पिता बच्चों को छोटा समझ कर कार्य क्षमता पर भरोसा नहीं कर पाते, जिसके कारण बच्चे अपने आप पर भरोसा नहीं कर पाते। ऐसे में सबसे पहले माता-पिता को बच्चों पर भरोसा रखने की जरूरत है। जब माता-पिता बच्चों पर भरोसा रखेंगे तो बच्चे भी खुद पर भरोसा रख पाएंगे और ऐसा करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि बच्चों का सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाने के पीछे माता-पिता का अहम योगदान है। ऐसे में ऊपर बताए गए बिंदु अगर माता-पिता अपनाएं तो वे अपने बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा सकते हैं। ध्यान रहे कि बच्चों में आत्मविश्वास की कमी के पीछे माता-पिता का ही हाथ हो सकता है। अगर माता-पिता बच्चे को बात बात पर डांटें, उनकी गलतियों पर नीचा दिखाएं, दूसरों से तुलना करें, उनकी तारीफ ना करें, उनसे कोई काम ना करवाएं, उन्हें खेलने से रोके आदि से बच्चों में आत्मविश्वास की कमी हो सकती है। ऐसे में माता-पिता को ध्यान देना चाहिए बच्चों के प्रति उनका व्यवहार जितना सकारात्मक होगा उतना ही बच्चा भविष्य में आगे बढ़ पाएगा और उसका आत्मविश्वास बढ़ेगा।

इस लेख में इस्तेमाल की जानें वाली फोटोज़ Freepik से ली गई हैं।

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