बच्चों की याददाश्त बढ़ाने के लिए 12 घरेलू उपाय, जिन्हें वैज्ञानिक भी मानते हैं सही

अगर आप बच्चों की कमजोर याददाश्त या स्मरण शक्ति से परेशान हैं तो आप उनकी दिनचर्या में कुछ चीजों को जोड़कर इस समस्या को दूर कर सकते हैं।

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Jul 07, 2021Updated at: Jul 07, 2021
बच्चों की याददाश्त बढ़ाने के लिए 12 घरेलू उपाय, जिन्हें वैज्ञानिक भी मानते हैं सही

कुछ बच्चों की याददाश्त काफी कमजोर होती है। वे बचपन से ही चीजों को रख कर भूल जाते हैं या उन्हें अक्षर याद होने में या किसी भी चीज को याद करने में दिक्कत महसूस होती है। शुरुआत में माता-पिता इस समस्याओं को आम समझकर इग्नोर कर देते हैं लेकिन बाद में जब यह समस्या बढ़ने लगती है तो चिंता का विषय बन जाती है। अगर शुरुआत में ही कुछ उपायों को अपनाकर इस समस्या को रोका जाए तो यह गंभीर रूप नहीं लेती। आज का हमारा लेख भी उन्हीं उपायों पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि बच्चों की याददाश्त बढ़ाने के लिए आप किन उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन उपायों को वैज्ञानिक भी सही मानते हैं। पढ़ते हैं आगे

 

1 - नींद है जरूरी

अगर बच्चा भरपूर नींद लें तो इससे उसकी स्मरण शक्ति बढ़ सकती है। जी हां, बता दें कि नींद में बच्चों की सोचने, समझने और याद करने की शक्ति को बढ़ावा मिलता है। ऐसे में अगर बच्चे भरपूर नींद नहीं लेते तो इससे उनकी सोचने, समझने की शक्ति पर प्रभाव पड़ता है। इससे संबंधित एक रिसर्च भी सामने आई है। रिसर्च पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

2 - पोषक तत्वों की पूर्ति

बच्चों की डाइट में बदलाव करके भी स्मरण शक्ति को बढ़ाया जा सकता है। बता दे कि कुछ रिसर्च यह बताती हैं कि अगर डाइट में विटामिन डी विटामिन b1, b12, b6, आयरन, आयोडीन आदि को जोड़ा जाए साथ ही इन सब के साथ एंटीऑक्सीडेंट तत्व को बच्चों की डाइट में जोड़ा जाए तो इससे उनके सोचने समझने की शक्ति पर प्रभाव पड़ता है। इससे जुड़ी रिसर्च पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

इसे भी पढ़ें- विज्ञान भी मानता है बच्चे के बेहतर विकास के लिए जरूरी हैं दादा-दादी, जानें 5 कारण

3 - बच्चे खेलें पजल्स

बच्चों को केवल आउटडोर गेम्स या इंडोर गेम्स खेल खिलाने से ही उनका विकास नहीं होता। बल्कि कुछ खेल ऐसे भी होते हैं जो उनके मानसिक विकास में मददगार होते हैं, जैसे पजल्स। पजल्स पर एक रिसर्च भी हुई, जिससे यह साबित होता है कि पजल खेलने से बच्चे की स्मरण शक्ति पर प्रभाव पड़ता है। रिसर्च के बारे में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

4 - बच्चों को बनाएं टीचर

केवल बच्चों को पढ़ाना ही काफी नहीं है। बल्कि कभी-कभी बच्चों को उनकी कक्षा का टीचर भी बनाया जा सकता है और स्टूडेंट आप बन जाएं। बच्चे आपको अपने विषय के बारे में समझाएंगे और पढ़ाएंगे तो उन्हें भी उस विषय से संबंधित जानकारी मिलेगी और वे भी आसानी से याद कर पाएंगे। इस प्रैक्टिस से उनकी मानसिक शक्ति का भी विकास होगा।

इसे भी पढ़ें- बच्चों के लिए जरूरी है खेलकूद, दिन भर घर में रहता है आपका बच्चा तो इन तरीकों से करें उसे प्रोत्साहित

5 - बच्चों को लेकर जाएं बाहर घुमाने

जब आपके बच्चे बाहर घूमने जाएंगे तो इससे वे नई नई चीजों के बारे में जानेंगे, समझेंगे और उन्हें अपने मन ही मन में बार-बार दोहराएंगे। इससे न केवल उनकी नॉलेज बढ़ेगी बल्कि उनका मानसिक विकास भी होगा। यह प्रैक्टिस बच्चों की स्मरण शक्ति को बढ़ाने में भी मददगार है। ऐसे में बच्चों के दायरे को केवल घर तक सीमित ना रखें। उन्हें बाहर घुमाने भी लेकर जाएं।

6 - बच्चों से कहिए जोर-जोर से पढ़ने के लिए

अगर बच्चे मन ही मन चीजों को पढ़ेंगे तो उन्हें जल्दी से याद नहीं होगा और वे उस चीज को जल्दी भूल जाएंगे। ऐसे में आप अपने बच्चों से कहें कि वह जो भी कुछ पढ़ रहे हैं उसे जोर जोर से पढ़ें। इससे उन्हें खुद अपनी आवाज सुनाई देगी और याद करने में आसानी होगी। जोर-जोर से पढ़कर याद करने से बच्चों को वह बातें याद रहती हैं।

इसे भी पढ़ें- क्या आपका बच्चा करता है नॉन-स्टॉप बात? इन 7 तरीके से बदलें ये आदत

7 - बच्चों को अच्छा श्रोता बनना भी है जरूरी

केवल अपनी बात को दूसरों के सामने रखना ही जरूरी नहीं होता। कभी-कभी दूसरों की सुनना भी जरूरी है। अगर हम बिना किसी की बात सुनें अपनी बात रखेंगे तो हो सकता है कि लोग उसका गलत मतलब निकालें। ऐसे में माता पिता का फर्ज है कि वह अपने बच्चे को एक अच्छा श्रोता बनाएं। इसके लिए वह सबसे पहले अपने बच्चे को अपनी बात तो को सुनने के लिए प्रेरित करें। ऐसा करने से उनके अंदर ना केवल धैर्य का विकास होगा बल्कि वे दूसरों की बातों को सुनेंगे और समझेंगे।

8 - अभ्यास भी है जरूरी

केवल बच्चों को एक बार याद कराना ही काफी नहीं है बल्कि जो भी चीज बच्चों ने याद की है उसका बार-बार अभ्यास करना भी जरूरी है। ऐसा करने से बच्चे लंबे समय तक उस चीज को याद रख पाएंगे और उनकी स्मरण शक्ति भी मजबूत बनेगी। ऐसे में आप अपने बच्चे को जो भी याद करने के लिए दें उस चीज को समय-समय पर पूछते रहें। जब बच्चा मौखिक और लिखित दोनों तरीकों से अभ्यास करेंगा तो इससे उनकी याददाश्त पर भी प्रभाव पड़ेगा। इससे संबंधित रिसर्च भी सामने आई है। रिसर्च पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

इसे भी पढ़ें- अपने 8 साल से बड़े बच्चों में जरूर डालें ये 7 आदतें, उनमें बढ़ेगी जिम्मेदारी की भावना

9 - पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन

छोटे बच्चे अपना ख्याल खुद नहीं रख सकते। वे पढ़ाई, खेल, अपने आसपास में बदलावों आदि में इतना व्यस्त हो जाते हैं कि वे अपनी सेहत पर ध्यान नहीं देते। ऐसे में माता पिता का फर्ज है कि वह अपने बच्चों को पानी पीने का अभ्यास कराएं। इसके लिए वे अलार्म भी सेट कर सकते हैं। जिसके बजते ही बच्चा एक ग्लास पानी पिएं। बता दें कि पानी के सेवन से याददाश्त को बढ़ाया जा सकता है। इससे संबंधित रिसर्च पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

10 - छोटे-छोटे कामों में बच्चों की लें मदद

अक्सर माएं यह सोचती हैं कि वह अपने बच्चे से कुछ नहीं कराएंगी। बता दें कि अगर आप उनका शारीरिक और मानसिक दोनों विकास करना चाहती हैं तो घर के छोटे-छोटे कामों में आप उनकी मदद ले सकती हैं। साथ ही बाहर का कुछ सामान और छोटा मोटा हिसाब किताब बच्चों से करने के लिए कह सकती हैं। इससे न केवल की शक्ति बढ़ेगी बल्कि उनका मानसिक विकास भी होगा।

इसे भी पढ़ें- अपने 5 साल से बड़े बच्चों को जरूर सिखाएं बॉडी सेफ्टी के ये 5 जरूरी नियम

11 - बच्चों को घी खिलाएं 

बच्चों की डाइट में घी जोड़ने से उनकी स्मरण शक्ति पर प्रभाव पड़ता है। बता दें कि घी के सेवन से बच्चों की याददाश्त को तेज किया जा सकता है। इससे संबंधित कुछ रिसर्च भी सामने आई है। रिसर्च को पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक करें।

12 - शब्दों से बनवाएं वाक्य

बच्चों को सोचने समझने की शक्ति को बढ़ाने के लिए माता-पिता उन्हें कुछ शब्द दे सकते हैं और उनसे कहे कि वे उन शब्दों से कुछ वाक्य बनाएं। ऐसा करने से न केवल बच्चों की सोचने समझने की शक्ति बढ़ेगी बल्कि इससे उनकी याददाश्त पर भी असर आएगा। इससे संबंधित कुछ रिसर्च भी सामने आई हैं। रिसर्च पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि बच्चों की स्मरण शक्ति को बढ़ाने में कुछ घरेलू उपाय आपके काम आ सकते हैं। इनको विज्ञानिक भी सही मानते हैं।

इस लेख में इस्तेमाल की जानें वाली फोटोज़ Freepik से ली गई हैं।

Read More Articles on parenting in hindi

Disclaimer