किशमिश कितने प्रकार की होती हैं? जानें कौन-सी किशमिश खाना है अधिक फायदेमंद

Types of Raisins in Hindi: किशमिश कई तरह की होती हैं। जानें कौन-सी किशमिश खाना अधिक फायदेमंद होती है।

Anju Rawat
Written by: Anju RawatUpdated at: Mar 02, 2022 12:53 IST
किशमिश कितने प्रकार की होती हैं? जानें कौन-सी किशमिश खाना है अधिक फायदेमंद

Types of Raisins and Benefits: किशमिश हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होती है। इसमें ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो हमारे स्वस्थ शरीर के लिए जरूर होते हैं। इसलिए आपको अपनी डाइट में किशमिश जरूर शामिल करना चाहिए। किशमिश कई प्रकार की होती हैं, इसमें काली किशमिश, हरी किशमिश और भूरे रंग की किशमिश आदि शामिल हैं। वैसे तो सभी तरह की किशमिश सेहत के लिए लाभकारी होती हैं, लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं सबसे अधिक फायदेमंद कौन-सी किशमिश होती है। चलिए विस्तार से जानते हैं इस बारे में-

किशमिश में पोषक तत्व (raisins nutrition)

किशमिश सूखे मेवों की श्रेणी में आती है। इसे अंगूरों को सूखाकर तैयार किया जाता है। इसे हिंदी में किशमिश (Kishmish) और (kishmish in english) अंग्रेजी में राइसिन (Raisin) कहा जाता है। किशमिश में प्रोटीन, आयरन और फाइबर भरपूर होता है। साथ ही किशमिश में पोटैशियम, कॉपर, विटामिन बी6, कैल्शियम भी पाया जाता है। किशमिश फाइटोकैमिकल्स का अच्छा सोर्स होता है। इतना ही नहीं इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल, हेल्दी फैट और विटामिन ई भी होता है। इसलिए इन सभी पोषक तत्वों को पाने के लिए आपको इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

किशमिश कितने प्रकार की होती हैं? (types of raisins in hindi)

किशमिश नरम और मीठे सूखे अंगूर हैं, जो आवश्यक पोषक तत्वों और स्वास्थ्य लाभों से भरे हुए हैं। किशमिश का सेवन नाश्ते में किया जाता है, साथ ही कई मीठे व्यंजनों में भी इसे डाला जाता है। क्या आप जानते हैं किशमिश कई तरह की होती हैं। इसमें काली किशमिश, भूरे रंग की किशमिश, हरी किशमिश और गोल्डन किशमिश शामिल हैं। ये सभी तरह के किशमिश पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। जानें किशमिश के प्रकार-

black kishmish

1. काली किशमिश (black raisins benefits in hindi)

काली किशमिश सबसे आम प्रकार की किशमिश है, जो आमतौर पर घरों में उपयोग की जाती है। इसे काले अंगूरों से तैयार किया जाता है। यह बालों को झड़ने से रोकता है, आंतों की सफाई करता है और त्वचा की समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। काली किशमिश खाने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं

2. ज़ांटे करंट्स (zante currants health benefits)

ज़ांटे करंट्स काले किशमिश के प्रकारों में से एक है, यह बहुत मीठा नहीं होता है। इनमें थोड़ा तीखापन होता है, साथ ही आकार में भी छोटे होते हैं। यह किशमिश गले की खराश कम करने, इम्यूनिटी बढ़ाने और रक्तचाप को कम करने में मदद करता है।

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3. सुनहरी किशमिश (golden raisins in hindi)

सुल्तानास किशमिश का नाम तुर्की के हरे अंगूर के नाम पर रखा गया है, इसे थॉम्पसन बीज रहित अंगूर से तैयार किया गया है। यह आकार में दूसरे किशमिश की तुलना में छोटा होता है। यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, सूजन को कम करने और पाचन में सहायक होता है।

4. लाल किशमिश (Red Raisins Benefits)

लाल किशमिश सबसे स्वादिष्ट प्रकार की किशमिश होती है, जो लाल अंगूर से तैयार की जाती है। यह डायबिटीज के जोखिम को कम करती है, साथ ही दांतों को भी स्वस्थ रखती है। लाल किशमिश आंखों की रोशनी में भी सुधार करती है।

green kishmis

5. हरी किशमिश (Green Raisins)

 हरी किशमिश पतली लेकिन आकार में लंबी होती है। यह किशमिश रसदार, कोमल और फाइबर से भरपूर होती है। हरी किशमिश खाने से हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है, एनीमिया की समस्या से बचाव होता है साथ ही पाचन क्रिया में भी सुधार होता है।

6. मुनक्का (munakka benefits in hindi)

मुनक्का में मूल रूप से सूखे अंगूर होते हैं, जो किशमिश की तुलना में आकार में बड़े होते हैं। इसके अंदर एक बीज होता है। मुनक्का महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए स्वाभाविक रूप से बहुत अच्छा है। मुनक्का कब्ज ठीक करता है, हड्डियों को मजबूत बनाता है और वजन बढ़ाने में कारगर होता है। 

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किशमिश के फायदे (types of raisins and benefits)

  • किशमिश में आयरन (kishmish ke fayde) अच्छी मात्रा में होता है, इससे एनीमिया की समस्या दूर होती है। 
  • किशमिश में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो हृदय को स्वस्थ रखता है। किशमिश खराब कोलेस्ट्रोल नियंत्रित रखता है, हृदय रोग का जोखिम भी कम होता है।
  • किशमिश एसिडिटी और कब्ज की समस्या से भी छुटकारा दिलाता है। किशमिश में फाइबर अधिक होता है, जो पाचन क्रिया में सुधार करता है।
  • किशमिश में कार्बोहाइड्रेट अधिक मात्रा में होता है। किशमिश खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है।
  • वजन को नियंत्रण में रखने के लिए भी आप किशमिश का सेवन कर सकते हैं। किशमिश में डाइटरी फाइबर और प्रोबायोटिक होता है, पेट में स्वस्थ बैक्टीरिया बनाते हैं। इससे वजन को कंट्रोल में रखने में मदद मिलती है। सुबह खाली पेट किशमिश का सेवन करना अधिक लाभकारी होता है।

कौन-सी किशमिश है अधिक फायदेमंद (which kishmish is best)

सभी तरह के किशमिश में पोषक तत्व समान हो होते हैं, ऐसे में आपको जिस भी किशमिश का स्वाद अधिक पसंद आए और उसे अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। लेकिन अधिक मात्रा में किशमिश खाने से बचें। क्योंकि यह वजन बढ़ा सकता है। साथ ही एलर्जी का भी कारण बन सकता है। आयुर्वेद के अनुसार पित्त प्रकृति के लोगों को सूखे किशमिश का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि किशमिश की तासीर गर्म होती है। आप रात को किशमिश भिगो दें, सुबह खाली पेट इनका सेवन करें। इस तरह से किशमिश खाना अधिक फायदेमंद होता है।

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