त्योहार बीतने के बाद कुछ अच्छा नहीं लग रहा? जानें पोस्ट फेस्टिवल ब्लूज से बचने के 10 तरीके

त्योहारों का आनंद लेने के बाद हमारी मौज-मस्ती थकावट और उदासी में बदल जाती है। पोस्ट फेस्टिवल ब्लूज से निपटने के लिए फॉलो करें कुछ टिप्स। 

Written by: Updated at: Oct 30, 2022 12:30 IST
त्योहार बीतने के बाद कुछ अच्छा नहीं लग रहा? जानें पोस्ट फेस्टिवल ब्लूज से बचने के 10 तरीके

त्योहारों का मौसम खुशियां और उत्साह लेकर आता है। हमारे यहां लगभग हर त्योहार मनाने में खानपान का विशेष महत्व होता है। पिछले दिनों दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे त्यौहार बीते हैं। इन त्योहारों को लोग बहुत तरीके से एंजॉय करते हैं। कुछ लोग इस समय जंक फूड्स, मिठाइयां और कोल्ड ड्रिंक्स आदि खूब खाते-पीते हैं। लेकिन त्योहारों के बाद कई लोग वजन बढ़ने, पेट की समस्याओं और उदासी का शिकार हो जाते हैं। अक्सर त्योहार बीतने के बाद कुछ लोगों को कुछ समय तक खालीपन, अस्वस्थ और बेकार सा महसूस होता है। इसे पोस्ट फेस्टिवल ब्लूज कहते हैं। अनानके फाउंडेशन की फाउंडर एवं चेयरमैन साइकोलोजिस्ट मालिनी सबा कहती हैं कि फेस्टिवल के बाद चिंता, अवसाद और तनाव इसलिए होता है क्योंकि फेस्टिवल एंजॉयमेंट के दौरान लोग बहुत ज्यादा मस्ती करते हैं, दोस्तों से मिलते हैं, खाते-पीते हैं और अचानक ये सब बंद हो जाने से थोड़े समय उन्हें अजीब लगता है। इसके अलावा बहुत सारे लोग एंजॉयमेंट के लिए अल्कोहल का सेवन करते हैं और देर रात तक जागते हैं। जिस वजह से उन्हें फेस्टिवल के बाद खालीपन सा लगता है। आइए जानते हैं पोस्ट फेस्टिवल ब्लूज से बचने के लिए क्या करें।

1. पर्याप्त नींद लें

फेस्टिवल खत्म होने के बाद आप अपनी नींद की  दिनचर्या पर वापस आ जाएं। देर रात तक जागने से आपकी नींद डिस्टर्ब हो जाती है। अगर आप ठीक से सो नहीं पाते हैं या नींद पूरी नहीं होती, तो आप तनाव और चिंता का शिकार हो सकते हैं। इसलिए पर्याप्त नींद लें।

2. वर्कआउट शुरू करें

फेस्टिवल सेलेब्रिशन के दौरान लोग इतना कुछ खा लेते हैं, जिससे मिली कैलोरीज को बर्न करना बहुत जरूरी है। ऐसे में अगर त्योहार के कारण आपका जिम रूटीन बिगड़ गया है, तो इसे दोबारा शुरू करें। अगर आप जिम नहीं जाते हैं, तो घर पर ही एक्सरसाइज, योगासन करें या रेगुलर वॉक करें।

3. बिना मास्क के बाहर न निकलें 

फेस्टिवल के दौरान प्रदूषण लेवल भी बहुत बढ़ जाता है। पटाखों के कारण हवा में पार्टिकुलेट मैटेरियल और नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर गैसों की मात्रा बढ़ जाती है। ये गैसें सेहत के लिए बेहद हानिकारक होती हैं। इस दौरान आपबिना मास्क पहने बाहर ना जाएं। ये आंखों और फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है।

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4. अपनी डाइट को धीरे-धीरे सही करें 

त्योहारों में सभी इतना ऑयली फूड और कैलोरी से भरी मिठाइयां खा लेते हैं, जिस वजह से डाइट बिगड़ जाती है। खराब डाइट से स्ट्रेस भी होता है। आफ्टर फेस्टिवल अच्छी और हेल्दी डाइट लें। अगर आपसे तुरंत बदलाव नहीं हो रहा है, तो धीरे-धीरे डाइट में बदलाव लाएं।

5. फेस्टिवल के बाद सैलून/स्पा जाएं

त्योहारों के समय काफी थकावट हो जाती है। जिस कारण आपकी त्वचा भी थकी हुई लगती है। साथ ही प्रदूषण और बाहर के खाने के कारण बालों पर भी असर पड़ता है। इसलिए फेस्टिवल के बाद सैलून और स्पा सेंटर जाएं। ये आपकी त्वचा को डिटॉक्सीफाई करने और आपको शारीरिक और मानसिक स्थिति को जीवंत करने में मदद करेगा। । 

6. अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें 

त्योहारों की खुशियों के बाद निराश होना स्वाभाविक है क्योंकि त्योहरों पर सभी बहुत मस्ती करते हैं और त्योहार के हरेक पल को जीते हैं। आफ्टर फेस्टिवल सभी का पुराना शेड्यूल स्टार्ट हो जाता है। ऐसे में मूड ऑफ होता है। ऐसे में आप अपने पसंदीदा प्लेलिस्ट सुनें और कॉमेडी चीजें देखें और दोस्तों के साथ टाइम बिताएं। ये आपके मेंटल हेल्थ को स्वस्थ रखेंगे। 

post festival blues

7. मेंटल हेल्थ के लिए करें मेडिटेशन

मेडिटेशन करने से स्ट्रेस नहीं होता। इससे मसल्स रिलैक्सेशन होती हैं। साथ ही गहरी सांस लेना जैसे व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। बता दें योग एक पॉवरफुल रिलैक्सेशन टेकनीक है। 

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8. मेंटल हेल्थ स्वस्थ रखने के लिए पिएं पानी 

फेस्टिवल के दौरान ज्यादतर लोग अल्कोहल और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन करते हैं, जो शरीर को डिहाइड्रेट कर देते हैं। इसलिए खूब पानी पिएं। 

9. कुछ समय प्रकृति में बिताएं

अपनी खुशी के लिए प्रकृति के साथ समय बिताना सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। फेस्टिवल की थकावट को कम करने के लिए आप पार्क में टहलने जाएं, पार्क में साइकिल चलाएं। प्रकृति में समय बिताने से अवसाद कम होता है और रक्तचाप कम करने में मदद मिलती है।

10. तुलना करने से बचें

तुलना करने से बचें और सोशल मीडिया से एक ब्रेक लें। आज के समय में बहुत से ऐसे लोग है जो एक दूसरे से तुलना करते हैं जो अवसाद के कारणों में से एक है। अपने जीवन की तुलना अपने दोस्तों और परिवार से करने से केवल असंतोष ही हो सकता है। इसलिए अपनी खुशियों में खुश रहें। एक दूसरे से तुलना करने से बचें। 

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