Fri Sep 11, 2026 | 09:13 PM IST

Medically Reviewed by Edwina Raj , Nutritionist & Dietician

तिलकुट हो या तिलपट्टी, तिल गुड़ ज्यादा खाने के भी हैं नुकसान, खुद एक्सपर्ट से जानें

तिल गुड़ ज्यादा खाने के नुकसान: सर्दियां आने के साथ लोग तिलकुट और तिलपट्टी ज्यादा खाने लगते हैं लेकिन क्या इससे सेहत को नुकसान हो सकता है? जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट की राय।

तिल गुड़ ज्यादा खाने के नुकसान: सर्दियां आने के साथ लोग तिल-गुड़ से बनी चीजों को ज्यादा खाने लगते हैं। हर किसी के घर में तिल और गुड़ से तिलपट्टी और तिलकुट जरूर बनते हैं। इसके अलावा लोग तिल के लड्डू और तिल की रेवड़ी बनाकर महीनों तक खाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी ज्यादा मात्रा में तिल और गुड़ का सेवन सेहत को कैसे प्रभावित कर सकता है। दरअसल, ये दोनों ही गर्म प्रकृति वाले फूड हैं। इनका ज्यादा सेवन पित्त बढ़ाने के साथ पेट की गर्मी बढ़ाने का काम करता है जिससे दूसरी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए आइए, जानते हैं एक्सपर्ट Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangalore से कि ज्यादा तिल गुड़ खाने के क्या नुकसान हैं।

तिल गुड़ ज्यादा खाने के नुकसान-Disadvantages of eating too much sesame and jaggery

Dietetician Edwina बताती हैं कि तिल और गुड़ का अधिक सेवन स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है। तिल में कैलोरी और फैटकी मात्रा अधिक होती है, इसलिए इनका अधिक सेवन वजन बढ़ा सकता है। इसके अलावा गुड़ का ज्यादा सेवन शरीर की गर्मी बढ़ा सकता है इसलिए आपको ज्यादा तिल गुड़ खाने से बचना चाहिए। साथ ही ये तमाम कारण भी हैं जिनकी वजह से आपको तिल-गुड़ खाने से बचना चाहिए। जैसे

पेट में सूजन हो सकती है

तिल गुड़ ज्यादा खाने से आपके पेट में सूजन की समस्या हो सकती है। दरअसल, जब आप इन दोनों को खाते हैं तो पेट संबंधी समस्याएं परेशान करती हैं जैसे शरीर में सूजन, गैस या दस्त। ये आपको ब्लोटिंग के रूप में महसूस हो सकता है और लंबे समय तक परेशान कर सकता है। कुछ लोगों को ज्यादा मात्रा में तिल-गुड़ खाने पर भरा-भरा और असहज महसूस हो सकता है।

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एसिडिटी और सीने में जलन

जब आप ज्यादा मात्रा में तिल-गुड़ का सेवन करते हैं तो आपको एसिडिटी और सीने में जलन की समस्या महसूस हो सकती है। दरअसल, तिल और गुड़ को पचाना आसान नहीं होता और जब ये पूरी तरह से पच नहीं पाता तो गैस की दिक्कत होती है और GERD के लक्षणों में आपको एसिडिटी महसूस हो सकती है।

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ब्लड शुगर बढ़ सकता है

गुड़ एक प्रकार की चीनी है और इसका अधिक सेवन ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ा सकता है जो डायबिटीज के रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है। अधिक गुड़ खाने से PCOD की दिक्कत और शुगर सेंसिटिव लोगों को नुकसान हो सकता है। इससे सिर दर्द और हार्मोनल हेल्थ भी प्रभावित हो सकता है इसलिए आप तिल गुड़ खाने से बचना चाहिए।

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शरीर की गर्मी बढ़ने से हो सकती है ये दिक्कत

ये दोनों खाद्य पदार्थ शरीर में गर्मी उत्पन्न करते हैं और इनका अधिक मात्रा में सेवन करने से मुंह के छाले, त्वचा पर दाने या नाक से खून आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा आपकी भूख भी प्रभावित हो सकती है इसलिए आपको तिल गुड़ के ज्यादा सेवन से बचना चाहिए।

तिल और गुड़ का संतुलित मात्रा में सेवन करें

तिल और गुड़ का ज्यादा सेवन करने से बचें और खाएं भी तो दिनभर में 2 तिलपट्टी या तिलकुट से ज्यादा न खाएं। इसके अलावा 50 ग्राम से ज्यादा आपको तिल और गुड़ का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे सेहत को नुकसान हो सकता है तो ज्यादा मात्रा में इ दोनों में से किसी का सेवन न करें।

FAQ

  • तिल कब नहीं खाना चाहिए?

    तिल की तासीर गर्म होती है और इसका ज्यादा सेवन आपकी सेहत को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में जिन लोगों को डायबिटीज, एलर्जी, पेट से जुड़ी समस्याएं या पित्ताशय की बीमारी हो उन्हें इसके सेवन से बचना चाहिए। 
  • काले तिल के साइड इफेक्ट क्या हैं?

    काला तिल पचाना किसी के लिए भी आसान नहीं होता और ज्यादा खाने से एसिडिटी, दस्त और गर्मी बढ़ने की वजह से त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। 
  • सबसे अच्छा काला या सफेद तिल कौन सा है?

    सफेद और काले तिल, दोनों ही सेहत के लिए फायदेमंद हैं लेकिन काले तिल में आयरन की मात्रा ज्यादा होती है जिससे सेहत को ज्यादा फायदे मिल सकते हैं। इसलिए आप इसका सेवन करें।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 09, 2026 13:43 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Jan 09, 2026 13:43 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Edwina Raj

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