विराट कोहली ने बताया 2014 में हुए थे डिप्रेशन और अकेलेपन का शिकार, ये हैं डिप्रेशन से पहले दिखने वाले 15 लक्षण

भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली ने बताया कि 2014 में इंग्लैंड दौरे में लगातार खराब परफॉर्मेंस के कारण वो डिप्रेशन का शिकार हुए थे।

Vishal Singh
Written by: Vishal SinghUpdated at: Feb 19, 2021 16:01 IST
विराट कोहली ने बताया 2014 में हुए थे डिप्रेशन और अकेलेपन का शिकार, ये हैं डिप्रेशन से पहले दिखने वाले 15 लक्षण

क्रिकेट के मामले में दुनियाभर के दिग्गज खिलाड़ियों में शुमार भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने हाल में ही एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि 2014 में एक ऐसा फेज आया था जब वो डिप्रेशन का शिकार हुए थे। विराट उस समय इंग्लैंड दौरे पर थे और मैच के दौरान लगातार आउट ऑफ फॉर्म चल रहे थे। यही कारण है कि विराट उस दौरान डिप्रेशन जैसा महसूस करने लगे थे। विराट के स्वयं के शब्दों में कहें तो उन्हें ऐसा महसूस होने लगा था, जैसे वो "दुनिया का सबसे अकेला आदमी" हैं। ये बातें उन्होंने पूर्व क्रिकेटर मार्क निकोलस से एक पॉडकास्ट के दौरान बातचीत में बताईं। हालांकि क्रिकेट हो या कोई भी खेल, ऐसा फेज हर खिलाड़ी के साथ आता है। लेकिन डिप्रेशन एक गंभीर समस्या है, जिसके चलते लोगों को बहुत मुश्किल दौर से गुजरना पड़ता है।

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रोज-रोज का तनाव और चिंता कब गंभीर होते-होते डिप्रेशन का रूप ले लेती है, ये समझना किसी भी व्यक्ति के लिए निजी तौर पर बहुत मुश्किल है। हालांकि ऐसे व्यक्ति के आसपास रहने वाले लोग उसकी गतिविधियों से कुछ संकेत पा सकते हैं कि व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार हो रहा है। हम आपको बता रहे हैं डिप्रेशन के वक्त दिखने वाले ऐसे ही 15 लक्षण या संकेत। इस विषय पर हमने बात की इंस्टीट्यूट ऑफ साइकोमेट्रिक असेसमेंट एंड काउंसलिंग की अध्यक्ष और माइंड डिजायनर डॉक्टर कोमलप्रीत कौर से। उन्होंने हमें बताया कि डिप्रेशन को कैसे पहचाना जाए और Major Depressive Disorder के क्या लक्षण हैं।

ऐसे पहचानें किसी व्यक्ति में डिप्रेशन के लक्षण

आपने अक्सर देखा होगा कि जो लोग अक्सर किसी दुख या उदास की भावना में होते हैं उन लोगों में किसी भी चीज को करने में न तो रुची होती है न ही वो अपने आसपास किसी को पसंद करते हैं। जब आप प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार की स्थिति में होते हैं तो आपको रोजाना की जाने वाली चीजें जैसे खाना बनाना, भोजन करना, बाहर निकलना, किसी से बात करना या नींद लेने की इच्छा नहीं होती। विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार को एक प्रकार से नैदानिक अवसाद भी कहा जाता है। अगर इसका इलाज समय पर न किया जाए तो ये आपके जीवनशैली पर लंबे वक्त तक बुरा असर डाल सकती है। इतना ही नहीं ये आपके शारीरिक और मानसिक कार्यों को करने से रोकने का काम करती है। 

डिप्रेसिव डिस्ऑर्डर के 15 लक्षण (Major Depressive Disorder in Hindi)

एक्सपर्ट बताते हैं कि अवसाद की ये गंभीर स्थिति आपके जीवन में एक बार हो सकती है, इसके लक्षण या संकेत आपको रोजाना की जीवनशैली में थोड़े अलग नजर आ सकते हैं। जिसे हर कोई शुरुआती दौर में नहीं पहचान सकता है।

1. उदासी की भावना

आमतौर पर जिन लोगों को अवसाद की इस गंभीर विकार का सामना करना पड़ता है उन लोगों को शुरुआती दौर में हमेशा उदासी की भावना नजर आने लगती है। ये अवसादग्रस्तता विकार का एक सामान्य लक्षण हो सकता है, इस तरह के संकेत ज्यादातर सभी मरीजों को देखने को मिल सकते हैं। इस दौरान आप बहुत कम खुश या अच्छा सोचने की क्षमता के साथ रह सकते हैं। बल्कि इस दौरान आपको खुद पर गुस्सा आने के साथ उदास रहने की भावना का अनुभव हो सकता है। आप किसी भी चीज को करने में खुद को पीछे रखेंगे और कुछ नया न करने की कोशिश करेंगे। 

2. गुस्सा और चिड़चिड़ापन

गुस्सा और चिड़चिड़ापन आपको रोजाना के अनुभव के साथ दिखाई दे सकता है, लेकिन जब आप अवसादग्रस्तता विकार की स्थिति में होते हैं तो ये लक्षण आपको हर समय और हर रोज दिखाई दे सकता है। लोग अक्सर गुस्से और चिड़चिड़ेपन को ये समझते हैं कि ये किसी न किसी वजह से हो सकता है, लेकिन अगर आपको ये संकेत लगातार दिखाई दे रहे हों तो आप इसे अवसादग्रस्तता विकार से जोड़ सकते हैं। इस स्थिति में जरूरी है कि आप तुरंत मनोचिकित्सक से संपर्क करें और उनसे सलाह लें। 

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3. सामान्य गतिविधियों में रुचि न होना

सामान्य गतिविधियां हर किसी की जिंदगी में एक अमह भूमिका निभाती है जिस कारण वो खुद को व्यस्त रखता है और खुद के जीवन को बेहतर तरीके से चला सकता है। लेकिन कुछ लोगों को सामान्य गतिविधियों से दूर भागते आपने देखा होगा, ये कोई चौंका देने वाली बात नहीं है। बल्कि अवसाद की कई स्थितियों में आप इस तरह के लक्षण लोगों में देख सकते हैं। अवसादग्रस्तता की स्थिति में लोगों को सामान्य गतिविधियों में किसी भी प्रकार की रुचि देखने को नहीं मिलती। 

4. खुद को नकारा समझने की भावना

अवसाद के लक्षण को पहचानने के लिए ये एक ऐसा संकेत है जो दिखाता है कि अवसाद की स्थिति क्या है। खुद को नकारा समझना बहुत से डिप्रेशन के मरीजों में दिखाई दे सकता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि अक्सर जो लोग डिप्रेशन की गंभीर स्थितियों में होते हैं वो खुद को नकारा समझने की कोशिश करते हैं और किसी भी चीज को न होने के पीछे खुद को दोषी समझने लगते हैं। इतना ही नहीं ये अवसाद की वो स्थिति भी हो सकती है जिसमें लोग खुदखुशी करने की भी कोशिश कर सकते हैं। 

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5. एकाग्रता की कमी

एकाग्रता की कमी अवसाद की कई स्थितियों में देखा जाता है, ऐसा इसलिए क्योंकि आमतौर पर जब भी कोई गंभीर तनाव में होता है वो किसी भी काम में एकाग्रता नहीं कर पाता। किसी भी चीज में ध्यान लगाने के लिए जरूरी हैं आप खुद को तनावमुक्त महसूस करें। 

6. खुदखुशी की भावना रखना

बार-बार खुदखुशी करने की कोशिश करने वाले लोग भी अवसादग्रस्तता की गंभीर स्थिति का शिकार होते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि कई ऐसे मामने आे हैं जो ये बताते हैं कि मरीज ने कई बार खुद को नुकसान या खुदखुशी करने की कोशिश की है। 

7. याददाश्त की कमी

किसी भी चीज को याद रखने में जिन लोगों को परेशानी होती है, उन लोगों को मनोचिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। क्योंकि याददाश्ता की कमी अवासद के लक्षणों में से एक है। 

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8. सिरदर्द

तनाव की स्थिति गंभीर होने के साथ मरीज को बार-बार अपने सिरदर्द की समस्या दिखाई दे सकती है। ये एक ऐसा दर्द भी हो सकता है जो वो किसी को बताने में असफल हो। 

9. घबराहट

अवसाद की गंभीर स्थिति में अक्सर मरीज में घबराहट देखने को मिलती है, इस दौरान मरीज कुछ भी करने से खुद को डरा हुआ या घबराया हुआ महसूस कर सकता है। 

10. बेचैनी

देर रात अचानक उठना और नींद न आना एक प्रकार की बेचैनी है। अवसादग्रस्तता के दौरान मरीज को बहुत ज्यादा बेचैनी हो सकती है जिसमें वो खुद की स्थिति को बताने में असफल हो सकता है। 

11. वजन में उतार-चढ़ाव

डिप्रेशन एक गंभीर स्थिति है अगर इसका इलाज सही समय पर न कराया जाए तो ये कई शारीरिक नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे ही गंभीर अवसाद की स्थिति में वजन बुरी तरह से प्रभावित होता है और मरीज का वजन कम या ज्यादा हो सकता है। 

12. सुस्त रहना

अवसाद के दौरान आप मानसिक रूप से काफी थकावट महसूस कर रहे होते हैं, जिसके कारण आप किसी भी चीज को करने में खुद को सुस्त महसूस कर सकते हैं। ऐसे संकेत आपको अवसादग्रस्तता की ओर इशारा कर रहे होते हैं। 

13. बहुत ज्यादा थकावट

अवसाद की गंभीर स्थिति में थकावट भी एक महत्वपूर्ण संकेत है जो ये दिखाते हैं कि मरीज कितना तनाव का शिकार हो चुका है। 

14. नींद में कमी

ज्यादातर तनाव का शिकार या अवसाद की गंभीर स्थिति वाले लोगों को आपने नींद की कमी से गुजरते हुए देखा होगा। ये अवसादग्रस्तता का एक मुख्य लक्षण है कि मरीज को नींद में कमी होने लगती है। 

15. सामान्य बीमारियां

तनाव आपको कई सामान्य बीमारियों का शिकार एक से ज्यादा बार बना सकता है। इस दौरान आप खुद को ज्यादा बीमारी भी महसूस कर सकते हैं, जो आपको ये दिखाता है कि आप किसी रोग का शिकार हो रहे हैं।

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डिप्रेशन से बचाव (Prevention)

एक्सरसाइज

एक्सपर्ट के मुताबिक, एक्सरसाइज एक ऐसी प्रक्रिया है जो आपको सिर्फ शारीरिक रूप से फिट रखने की कोशिश नहीं करती बल्कि नियमित रूप से एक्सरसाइज की मदद से आप खुद को मानसिक रूप से स्वस्थ भी महसूस कर सकते हैं। इसलिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि हर किसी को रोजाना 30 मिनट शारीरिक गतिविधियां या एक्सरसाइज करनी चाहिए। 

डाइट

आप मानसिक रूप से कितना मजबूत हैं ये आपकी डाइट से पता किया जा सकता है। अगर आप खराब डाइट लेते हैं तो इससे आप मानसिक रूप से कम सक्रिय हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी डाइट में बहुत सारी हरी सब्जियां, फल और पोषण से भरपूर भोजन को शामिल करें जो आपके मूड को बेहतर करने के साथ आपको सही पोषण देने का काम करे।

लक्षण दिखते मनोचिकित्सक से संपर्क करें

अवसाद एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपको शुरुआती लक्षणों या संकेतों को समझने में मुश्किल हो सकती है। लेकिन जब आप इसके लक्षणों को देखते हैं तो जरूरी है कि आप तुरंत मनोचिकित्सक से संपर्क करें और खुद की स्थिति के बार में बात करें। ऐसा करने से आप गंभीर अवसाद की स्थिति से अपना बचाव कर सकते हैं। 

(इस लेख में दी गई जानकारी इंस्टीट्यूट ऑफ साइकोमेट्रिक असेसमेंट एंड काउंसलिंग की अध्यक्ष और माइंड डिजायनर डॉक्टर कोमलप्रीत कौर से बातचीत पर निर्भर है)।

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