Fri Sep 11, 2026 | 08:23 PM IST

Doctor Verified

शुगर बादाम (स्काई फ्रूट) क्‍या होता है? जानें फायदे और नुकसान

Sugar Badam Ke Fayde: शुगर बादाम का सेवन करने से इम्‍यून‍िटी बढ़ती है। जान‍िए इसके अन्‍य आयुर्वेद‍िक फायदे।

आपने बादाम तो बहुत बार खाया होगा लेक‍िन क्‍या कभी शुगर बादाम या स्‍काई फ्रूट खाया है? अगर नहीं, तो इसके फायदे जान लेने के बाद आप भी इसे पसंद करने लगेंगे। कई साउथ-ईस्‍ट एश‍ियन देशों में स्‍काई फ्रूट या शुगर बादाम को आयुर्वेद‍िक औषधी मानते हैं। इसका इस्‍तेमाल हाई बीपी और ब्‍लड शुगर लेवल को न‍ियंत्र‍ित करने के ल‍िए क‍िया जाता है। ज्‍यादातर फल, पेड़ पर नीचे की तरफ लटके होते हैं लेक‍िन शुगर बादाम, ऊपर आसमां की ओर होता है इसल‍िए इसे स्‍काई फ्रूट के नाम से भी जाना जाता है। शुगर बादाम का सेवन करने से इम्‍यून‍िटी बढ़ती है और रक्‍त प्रवाह भी बेहतर होता है। आगे जानेंगे शुगर बादाम के फायदे और नुकसान। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के व‍िकास नगर में स्‍थित प्रांजल आयुर्वेद‍िक क्‍लीन‍िक के डॉ मनीष स‍िंह से बात की।

sugar badam ke fayde

शुगर बादाम क्‍या है?

स्‍काई फ्रूट या शुगर बादाम, महगोनी पेड़ पर उगने वाला फल है। इसे ताेड़कर अंदर जो बीज न‍िकलते हैं उसका सेवन क‍िया जाता है। शुगर बादाम में सैपोन‍िन नाम का तत्‍व पाया जाता है ज‍िसे डायब‍िटीज मरीजों के ल‍िए फायदेमंद मानते हैं। एक्‍सपर्ट्स के मुताब‍िक सैपोन‍िन, ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है।

शुगर बादाम में मौजूद पोषक तत्‍व 

शुगर बादाम में व‍िटाम‍िन्‍स, फैट्स, म‍िनरल्‍स, फोल‍िक एस‍िड, कॉर्ब्स, डाइटरी फाइबर, फैटी एस‍ि‍ड्स, नैचुरल प्रोटीन, इंजाइम्‍स और कई न्‍यूट्र‍िएंट्स मौजूद होते हैं। शुगर बादाम का स्‍वाद एल्कलॉएड तत्‍व के कारण थोड़ा कड़वा होता है। इसका सेवन करने से शरीर का पीएच स्‍तर कंट्रोल रहता है। शुगर बादाम में फ्लेवोनॉयड्स पाए जाते हैं। इससे हार्ट हेल्‍थ, कोरोनरी ड‍िसीज का खतरा कम होता है। शुगर बादाम में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं। 

इसे भी पढ़ें- तुलसी के बीज का नियमित सेवन दूर कर सकता है आपकी कई समस्याएं, जानें इसके फायदे  

शुगर बादाम के फायदे 

  • कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को कंट्रोल करने के ल‍िए शुगर बादाम का सेवन फायदेमंद माना जाता है।
  • अन‍िद्रा की समस्‍या दूर करने के ल‍िए शुगर बादाम खाना चाह‍िए। 
  • शरीर में रक्‍त प्रवाह को बेहतर करने और इम्‍यून‍िटी को मजबूत करने के ल‍िए स्‍काई फ्रूट या शुगर बादाम खाएं। 
  • कब्‍ज की समस्‍या हो, तो शुगर बादाम का पानी पीना फायदेमंद माना जाता है।
  • त्‍वचा रोगों में शुगर बादाम का इस्‍तेमाल फायदेमंद माना जाता है। 
  • पीर‍ियड्स के दौरान होने वाले दर्द से छुटकारा पाने के ल‍िए शुगर बादाम का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है।   

शुगर बादाम का सेवन कैसे करें?  

शुगर बादाम का सेवन सुबह के समय करना फायदेमंद होता है। शुगर बादाम खाने के 1 घंटे तक चाय, कॉफी या क‍िसी अन्‍य चीज का सेवन न करें। शुगर बादाम को लें और तोड़ें, उसके अंदर नजर आने वाले बीजों का सेवन पाउडर के फॉर्म में गुनगुने पानी के साथ कर सकते हैं। बीजों को अच्‍छी तरह से पीसकर रख लें। शुगर बादाम के पाउडर को दूध के साथ भी ले सकते हैं। कब्‍ज के ल‍िए इसका चूर्ण बनाकर रखें। चूर्ण में शुगर बादाम के अलावा अजवाइन और काला नमक भी म‍िलाएं।            

शुगर बादाम खाने से नुकसान होते हैं?

  • शुगर बादाम के ज्‍यादा सेवन से ल‍िवर को नुकसान पहुंच सकता है।
  • अगर हाल ही में ल‍िवर इंजरी हुई है, तो इसका सेवन करने से बचें।  
  • कुछ लोगों को शुगर बादाम खाकर जी म‍िचलाहट, उल्‍टी जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। वो भी इसका सेवन बंद कर दें। 
  • थायराइड, ल‍िवर ड‍िसीज, क‍िडनी की बीमारी होने पर शुगर बादाम का सेवन डॉक्‍टर की सलाह पर ही करें। 

शुगर बादाम डायब‍िटीज मरीजों के ल‍िए फायदेमंद होता है। हालांक‍ि शुगर बादाम पर सीम‍ित शोध क‍िए गए हैं इसल‍िए अपने डॉक्‍टर की सलाह पर ही इसका सेवन करें।

Image credit: wikimedia, moolihai.com, i.etsystatic.com

Read Next

सफेद मूसली और अश्वगंधा का एक साथ करें सेवन, इन समस्याओं से पा सकते हैं छुटकारा

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Nov 17, 2022 15:06 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content