सुदर्शन क्रिया के अभ्यास से शरीर को मिलते हैं ये 5 फायदे, जानें इसे करने का सही तरीका

सुदर्शन क्रिया स्वास्थ्य के लिए काफी प्रभावी हो सकता है। तनाव और थकान को दूर करने के लिए आप नियमित रूप से इसका अभ्यास कर सकते हैं। 

 

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraUpdated at: Dec 08, 2021 18:01 IST
सुदर्शन क्रिया के अभ्यास से शरीर को मिलते हैं ये 5 फायदे, जानें इसे करने का सही तरीका

सुदर्शन क्रिया सांस लेने की तकनीक से जुड़ा आसन है, जिसमें सांसों को तेज और धीमी गति से अंदर और बाहर की जाती है। यदि आप इस आसन को नियमित रूप से करते हैं, तो आपको सांसों से जुड़ी परेशानी नहीं होगी। साथ ही इस आसन को करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है। सुदर्शन क्रिया शारीरिक और मानसिक परेशानियों को दूर करने के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। नियमित रूप से सुदर्शन क्रिया का अभ्यास करने से स्ट्रेस, थकान और डिप्रेशन को दूर किया जा सकता है। अगर आप अपने बच्चों का आत्म-विश्वास ( sudarshan kriya art of living ) बढ़ाना चाहते हैं, तो इस आसन को नियमित रूप से करने की सलाह दे सकते हैं। इसके अलावा सुदर्शन क्रिया के कई लाभ हैं। आज हम इस लेख में सुदर्शन क्रिया के फायदों के बारे में जानेंगे।

सुरदर्शन क्रिया के फायदे ( Benefits of sudarshan kriya )

थकान, कमजोरी, अनिद्रा और मानसिक समस्याओं को दूर करने के लिए सुदर्शन क्रिया फायदेमंद है। आइए विस्तार से जानते हैं इस योग के फायदे-

1. अनिद्रा की समस्या को करे दूर

सुदर्शन क्रिया का नियमित रूप से अभ्यास करने से आपकी नींद में सुधार हो सकता है। दरअसल, तनाव की वजह से कई लोगों की नींद खराब होती है। सुदर्शन क्रिया करने से आपका स्ट्रेस कम होता है। ऐसे में नींद को सुधारने में सुदर्शन क्रिया आपके लिए काफकारी हो सकता है। अगर आप अपने नींद की गुणवत्ता को बढ़ाना चाहते हैं, तो सुदर्शन क्रिया का नियमित रूप से अभ्यास करें। 

2. एनर्जी बढ़ाए

शरीर में उर्जा बढ़ाने के लिए आप नियमित रूप से सुदर्शन क्रिया कर सकते हैं। रिसर्च में बताया गया है कि रोजाना सुदर्शन क्रिया के अभ्यास से शरीर में उर्जा को बढ़ाया जा सकता है, जिससे आपको थकान और कमजोरी नहीं होती है। साथ ही यह ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में भी लाभकारी है।

3. कोलेस्ट्रॉल को करे कंट्रोल

कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में सुदर्शन क्रिया काफी लाभकारी हो सकता है। अगर आप नियमित रूप से सुदर्शन क्रिया करते हैं, तो यह शरीर में ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में लाभकारी हो सकता है। साथ ही यह कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स ( Triglyceride ) के स्तर को कम करने में प्रभावी हो सकता है। ऐसे में अगर आप नियमित रूप से सुदर्शन क्रिया करते हैं, तो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें -  किसी व्यक्ति में आलस जैसे दिखने वाले ये 5 लक्षण हो सकते हैं डिप्रेशन का संकेत, जानें इनके बारे में

4. इम्यूनिटी कर बूस्ट

सुदर्शन क्रिया का नियमित रूप से अभ्यास करने से आपकी इम्यूनिटी बूस्ट हो सकती है। दरअसल, यह योग आपके शरीर में उर्जा के स्तर को बढ़ाने में सहायक है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में असरदार हो सकती है। 

5. दिमाग को शांत करे

सुदर्शन क्रिया रोजाना करने से आपका दिमाग शांत होता है। दरअसल, इस आसन को करने से आपके शरीर में वायु प्रवाह बेहतर तरीके से हो सकता है। इससे ब्लड फ्लो में सुधार आता है, जिससे आपका दिमाग शांत हो सकता है। श्वसन से जुड़ी परेशानी को कंट्रोल कर सकते हैँ। इतना ही नहीं, डिप्रेशन और तनाव को कम करने में भी सुदर्शन आसन आपके लिए लाभकारी है। 

कैसे करें सुदर्शन क्रिया? ( sudarshan kriya steps )

भस्त्रिका प्राणायाम, उज्जयी प्राणायाम, ओम का जाप और क्रिया योग इन 4 तरीकों से सुदर्शन क्रिया की जा सकती है। 

उज्जयी प्राणायाम 

उज्जयी प्राणायाम करने के लिए सबसे पहले पूर्व वज्रासन की स्थिति में बैठ जाएं। प्रारंभ में सांस लेने और छोड़ने की क्रिया को बराबर समय अंतराल के साथ करें। ध्यान रखें कि इस दौरान आपको नाक से सांस लेना चाहिए और आपका पूरा ध्यान सांस पर होना चाहिए। इसी तरह सांस छोड़ें। इस क्रिया में आपको 1 मिनट में 3 से 4 बार सांस लेने और छोड़ने की आवश्यकता होती है।

भस्त्रिका प्राणायाम

इस प्राणायाम के दौरान बहुत ही जल्दी-जल्दी सांस ली और छोड़ी जाती है। इसमें करीब 1 मिनट में 30-35 बार सांस ली और छोड़ी जाती है। इस क्रिया को करने से आपका मन शांत होता है। 

ओम का करें जाप

इस क्रिया में आपको ओम का जांप करना होता है। इस क्रिया को नियमित रूप से करने से आपका मन शांत होता है। यह एक पवित्र मंत्र है, जिसका सुबह शाम जाप करने से आपके अंदर पॉजिटिव उर्जा आती है। 

सुदर्शन क्रिया

इस क्रिया में सांस को धीरे-धीरे लेते और छोड़ते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे सांस लेने और छोड़ने की क्रिया को तेज की जाती है। ध्यान रखें कि सांस लेने और छोड़ने के बीच का अंतराल समान होना चाहिए। 

सुदर्शन क्रिया का नियमित रूप से अभ्यास करने से तनाव, डिप्रेशन और थकान कम हो सकता है। लेकिन ध्यान रखें कि इस आसन को करने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। 

 

Disclaimer