Supta Vajrasana: सुप्त वज्रासन को करते वक्त बरतनी चाहिए ये 5 सावधानियां, जानें इसकी विधि और फायदे

सुप्त वज्रासन (supta vajrasana) को करने से शरीर कई समस्याओं से दूर रह सकता है। जानते हैं सुप्त वज्रासन को करने की विधि और इसके फायदे।

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Apr 29, 2021Updated at: Apr 29, 2021
Supta Vajrasana: सुप्त वज्रासन को करते वक्त बरतनी चाहिए ये 5 सावधानियां, जानें इसकी विधि और फायदे

एक्टिव रहने के लिए दिनचर्या में आसनों को जोड़ना एक अच्छा विकल्प होता है। सेहत की तंदुरुस्ती के लिए और शरीर को कई बीमारियों से दूर रखने के लिए आसन करना एक अच्छा निर्णय है। आज हम बात कर रहे हैं सुप्त वज्रासन की (Supta Vajrasana)। इसे करने से न केवल वजन कम होता है बल्कि शरीर में अतिरिक्त चर्बी, पीरियड्स, कब्ज, सांस से संबंधित बीमारी आदि दूर होती हैं। ऐसे में आज हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि सुप्त वज्रासन करने की विधि (steps of supta vajrasana) क्या है साथ ही इसके करने से क्या-क्या फायदे होते हैं इसके दौरान बरतने वाली सावधानी के बारे में भी जानेंगे। पढ़ते हैं आगे....

 

सुप्त वज्रासन करने की विधि (steps of supta vajrasana)

सबसे पहले जमीन पर एक मैट बिछाएं और उस पर वज्रासन की अवस्था में बैठ जाएं। अब अपनी कोहनी का सहारा लें और धीरे-धीरे शरीर को पीछे की तरफ लेकर जाएं। अपनी कोहनियों को भी जमीन पर टीका दें और हाथों को सीधा फैलाएं और सिर के पीछे लेकर जाएं। अब आराम की स्थिति में आते हुए अपने हाथों को कंधे के नीचे लेकर आएं। गहरी लंबी सांस लेते रहें। इस अवस्था में तकरीबन 30 से 40 सेकंड तक रहें। आप अपनी क्षमता के अनुसार भी समय निर्धारित कर सकते हैं। अपनी क्षमता के साथ आप अपने समय को बढ़ा भी सकते हैं। फिर से पुरानी अवस्था में आने के लिए सबसे पहले अपने हाथों को ऊपर की ओर लेकर जाएं और कोहनी के बल से अपने शरीर को ऊपर की तरफ उठाएं और फिर से वज्रासन की स्थिति में बैठ जाएं। 

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ब्रज आसन करने से सेहत को मिलने वाले फायदे (benefits of supta vajrasana)

इस आसन को करने से रक्त संचार में सुधार आता है और कब्ज की समस्या से भी छुटकारा मिलता है। यह पेट की मांसपेशियों को मजबूती देता है। अगर आपको पेट दर्द रहता है तो इस आसन को करने से पेट की समस्या भी दूर हो जाती है। घुटनों को मजबूती देने के साथ-साथ ये जांघ की मांसपेशियों को मजबूती देने के लिए भी एक अच्छा विकल्प है । बता दें यह अस्थमा से लड़ने में मददगार है और रीढ़ की हड्डी के लिए भी बेहद अच्छा है।

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इस आसन करते समय बरतने वाली सावधानियां

1 - अगर इस आसन को करते वक्त पीठ को पीछे जाने में परेशानी हो रही है तो अपने शरीर पर ज्यादा जोर ना डालें।

2 - अगर आपके घुटनों में दर्द है या किसी प्रकार की चोट है तब भी इस आसन को करने से बचें।

3 - जिन लोगों के कमर में दर्द रहता है वे इस आसन को करने से बचें।

4 - अगर आपके कूल्हों में दर्द है या किसी प्रकार की चोट आई है तब भी इस आसन को करने से बचें।

5 - अगर आपको पेट में ज्यादा परेशानी है तब भी इस आसन को करने से बचें।

नोट - ऊपर बताएगा बिंदु से पता चलता है कि  सुप्त वज्रासन को करने से सेहत को कोई तरीके से फायदा हो सकता है। लेकिन इसे करते दौरान सावधानी को समझना जरूरी है। ऐसे में ये आसन आपके बेहद काम आ सकता है।

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