गायनेकोलॉजिस्‍ट से जानें कब जरूरी है महिलाओं को जांच करवाना, इन 4 लक्षणों के दिखते ही हो जाएं सावधान

महिलाओं को अपनी सेहत का विशेष ध्‍यान रखना चाहिए और खासकर इन लक्षणों के दिखते ही गायनेकोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए। 

Sheetal Bisht
Written by: Sheetal BishtPublished at: Mar 30, 2020
गायनेकोलॉजिस्‍ट से जानें कब जरूरी है महिलाओं को जांच करवाना, इन 4 लक्षणों के दिखते ही हो जाएं सावधान

महिलाओं में समय के साथ-साथ उनके शरीर में भी कई के बदलाव आते हैं। ऐसे में वह कई स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़े लक्षणों जैसे- वैजाइनल डिस्‍चार्ज या व्‍हाइट डिस्‍चार्ज, यूटीआई या पेल्विक में दर्द महसूस कर सकती है। इसके लिए उन्‍हें देर न करके गायनेकोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए। क्‍योंकि सावधानी और बीमारिेयों की रोकथाम आपको आने वाली गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से बचाने का एक मात्र तरीका है। गायनेकोलॉजिस्ट यानि स्त्री रोग विशेषज्ञ की मानें, तो साल में 1 बार हर महिला को अपनी स्‍वास्‍थ्‍य की जांच करवा लेनी चाहिए। क्‍योंकि नियमित जांच आपको स्‍वस्‍थ रहने और स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से दूर रखने का तरीका है। 

हालांकि, कम ही ऐसी महिलाएं होंगी, जो साल में नियमित रूप से अपने स्‍वास्‍थ्‍य की जींच करवाती होंगी। इसके अलावा, न ही कभी व्‍हाइट डिस्‍चार्ज और यूटीआई जैसी समस्‍याओं के लिए गायनेकोलॉजिस्ट के पास जाती होंगी। ऐसा इसलिए कुछ महिलाएं इन आम या हल्‍के मे लेती हैं और कुछ इन्‍हें बताने में शर्म महसूस करती हैं। लेकिन समझदारी इसी में है कि आपके शरीर या प्रजनन स्वास्थ्य के साथ कुछ अलग या गड़बड़ी महसूस होने पर गायनेकोलॉजिस्ट के पास जाएं। 

Time to go Gynecologist

जानिए-कब जरूरी है गायनेकोलॉजिस्ट से मिलना 

डॉ. डिंपी ईरानी, ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिस्ट एक्‍सपर्ट- सैफी हॉस्पिटल का कहना है, यदि महिलाओं को कोई भी प्रजजन या शारीरिक समस्‍या महसूस हो, तो उन्‍हें एक स्त्रीरोग विशेषज्ञ से सलाह या जांच करवानी चाहिए। एक गायनेकोलॉजिस्ट हमेशा आपको समग्र कल्याण के लिए सतर्क रहने के लिए प्रोत्साहित करेगा और अच्‍छी सलाह देगा। जब आप अपने शरीर में इनमें से किसी भी संकेत या लक्षण महसूस करते हैं, तो आप अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से इस बारे में जरूर मिलें। यहां हम आपको कुछ लक्षण बता रहे हैं, जो बताते हैं कि आपको गायनेकोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए। 

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1. अनियमित पीरियड्स या पीरियड्स मिस्‍ड हो जाना 

irregular periods

कई महिलाएं अनियमित पीरियड्स, पीरियड्स में खून के थक्‍के आना या पीरियड्स का मिस हो जाना आम मानती हैं और उसे शरीर की कमजोरी से जोड़ लेती हैं। लेकिन यह जानना जरूरी है कि आपके शरीर के लिए क्या यह सब सामान्य है। इसलिए यदि आप अपने पीरियड साइकिल में कुछ भी अजीब महसूस होने वाले लक्षण जैसे- चक्कर या बेहोशी महसूस करना, पीरियड्स का अनियमित होना, खून के थक्‍के आना या पीरियड्स का मिस होना जैसी समस्‍याओं पर तुरंत एक स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। क्‍योंकि पीरियड्स में अनियमितता एक अंतर्निहित स्थिति का लक्षण हो सकता है जैसे कि पीसीओएस - पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम, जो एक हार्मोन असंतुलन की समस्या। है। कई बार आपकी छोटी सी गलती आपको मुसीबत में डाल सकती है।  

2. वैजाइनल डिस्‍चार्ज और खुजली 

वैजाइनल डिस्‍चार्ज और वैजाइना में खुजली या एक गंदी दुर्गंध आना कुछ प्रकार के वैजाइनल इंफेक्‍शन जैसे- बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन, यीस्‍ट इंफेक्‍शन या सैक्‍सुअल ट्रांसमिटेड इंफेक्‍शन का संकेत हो सकता है। ज्यादातर मामलों में, ये समस्याएं अपने आप दूर नहीं होती हैं। इसलिए, एक सही ट्रीटमेंट और दवा के लिए आपको एक गाइनेकोलॉस्टिस से मिलना चाहिए।  

Women's Health

3. अचानक ब्‍लड स्‍पॉट या पोस्टमेनोपॉजल ब्लीडिंग

यदि आपको पीरियड्स के बाद कभी-कभार स्पॉट दिखना या फिर पीरियड्स के दिनों में में बहुत अधिक दर्द होता है, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें। क्‍योंकि यह वैजाइना या गर्भाशय ग्रीवा या गर्भाशय के कैंसर का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, मेनोपॉज या रजोनिवृत्ति के कारण पीरियड्स रुक जाने पर डॉक्टर से जांच कराना उचित होता है। 

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4. पेल्विक या श्रोणि में दर्द 

UTI and Pelvic Pain

आप किस तरह का दर्द महसूस कर रहे हैं यह जानना जरूरी है। कई बार पैल्विक मे तेज दर्द एक संक्रमण, एक टूटे हुए ओवेरियन किस्‍ट या एक खतरनाक एक्टोपिक प्रेग्‍नेंसी का चेतावनी संकेत हो सकता है। लगातार पेल्विक में दर्द या पेट में गर्भाशय फाइब्रॉएड को इंगित करती है, जो नॉन-कैंसर ट्यूमर हैं। नियमित पेल्विक का दर्द एक और संभावित स्रोत एंडोमेट्रियोसिस हो सकता है। 

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