अंधेरे में मोबाइल चलाने की आदत दे सकती है आंखों से जुड़ी ये 5 समस्याएं, जानें जरूरी सावधानियां

अगर आप भी रात में देर तक मोबाइल चलाते हैं, तो जान लें अंधेरे में मोबाइल की स्क्रीन से निकलने वाली रोशनी आपकी आंखों के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है।

Kunal Mishra
Written by: Kunal MishraPublished at: Mar 16, 2021Updated at: Mar 16, 2021
अंधेरे में मोबाइल चलाने की आदत दे सकती है आंखों से जुड़ी ये 5 समस्याएं, जानें जरूरी सावधानियां

अमूमन लोगों को रात में सोते समय मोबाइल चलाने की बुरी आदत होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रात के समय लाइट बुझाकर मोबाइल चलाना आपके लिए भारी पड़ सकता है। अंधेरे में मोबाइल चलाने से रेटीना (Retina) पर काफी बुरा असर पड़ता है, जिसके कई नुकसान भी हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में कई बार आप क्षण भर के लिए अंधेपन (Blindness) के शिकार भी हो सकते हैं। अंधेरे में आपको अपनी आंखें गड़ाकर या ज्यादा कंसंट्रेशन के साथ स्क्रीन को देखना पड़ता है, जिससे समय-समय पर आंखों की पुतली सिकुड़ती और फैलती रहती है। यही कारण है कि कई युवा कम उम्र में ही अंधेपन के शिकार हो रहे हैं। मोबाइल चलाना आजकल एक समस्या बन गई है। अगर इसपर नियंत्रण नहीं किया जाए तो इसे किसी गंभीर बीमारी का कारण बनने में देर नहीं लगेगी। बच्चे भी आजकल मोबाइल की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, बच्चों के लिए तो अंधेरे में मोबाइल का इस्तेमाल और ज्यादा घातक साबित हो सकता है। मोबाइल से फैलने वाली हानिकारक रेडिएशन बच्चों की नाजुक आंखों के साथ ही उनकी सेहत और मानसिक विकास पर भी बाधा डालती हैं। आइए जानते हैं अंधेरे में मोबाइल चलाने के कुछ नुकसान

1. आंखों की नमी सूखना (Dryness In Eyes)

अंधेरे में मोबाइल का इस्तेमाल आपको धीरे-धीरे बीमार बनाता है। आंखों में एक तरल पदार्थ होता है, जिसकी मौजूदगी आपकी आंखों को स्वस्थ रखती है। लेकिन लंबे समय तक अंधेरे में मोबाइल का इस्तेमाल करने से यह पदार्थ सूखने लगता है और आपकी आंखों की रोशनी कमजोर होने लगती है साथ ही आप आंखों से संबंधित अन्य समस्याओं से भी ग्रस्त हो जाते हैं।

2. ब्रेन ट्यूमर का बढ़ता है खतरा (Brain tumor)

कई लोग रात में काफी देर तक मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा करने से आपके मस्तिष्क में कुछ नकारात्मक रेडिएशन प्रवेश करती हैं, जो आपको ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों का भी शिकार बना देती हैं। पहले यह बीमारी ज्यादातर बुजुर्गों को होती थी, लेकिन अब युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं।  

इसे भी पढ़ें- खून में हीमोग्लोबिन की कमी वाला थैलेसीमिया रोग कितना खतरनाक है? जानें इस बीमारी के बारे में

3. नींद में अनियमितता  (Lack of Sleep)

नींद पूरी होना भी आज के समय में किसी बीमारी से कम नहीं है, लंबे समय तक नींद में अनियमितता (lack of Sleep) आपको शारीरिक थकान देने के साथ ही मानसिक रूप से भी बीमार बनाती है। देर रात तक मोबाइल चलाने वालों में अक्सर नींद में अनियमितता देखी गई है। रात में मोबाइल चलाने से आपका दिमाग एकाग्रित रहता है, जिससे आपको काफी देर से नींद आती है।

4. पुरुषों में इनफर्टिलिटी  (Male Infertility)

मोबाइल से निकलने वाली हानिकारक रेडिएशन कई बार आपको नपुंसक तक भी बना सकती है। मोबाइल का ज्यादा उपयोग पुरुषों में बढ़ते हुए स्पर्म काउंट (Sperm Count) को भी कम कर सकता है, जिससे आपके वैवाहिक जीवन को भी आगे चलकर कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

5. ब्रेन पर पड़ सकता है असर (Brain can be Effected)

मोबाइल चलाने का सीधा संबंध हमारे दिमाग से होता है। इससे आपके हाथ की मांसपेशियों में भी तनाव आ सकता है, जो आपके दिमाग पर नकारात्मक असर डालता है। रात के अंधेरे में मोबाइल का उपयोग करने से आपको अकेलापन भी महसूस हो सकता है। इससे आप मनोरोगी भी बन सकते हैं।

इसे भी पढ़ें- क्यों अचानक दिखने लगता है धुंधला? जानें धुंधलापन के 8 कारण और बचाव के लिए जरूरी टिप्स

अंधेरे में मोबाइल चलाते समय बरतें कुछ सावधानियां  

- मोबाइल चलाते समय अपनी स्क्रीन की ब्राइटनेस (Brightness) को बिलकुल कम कर लें ऐसा करने से स्क्रीन की लाइट आंखों को कम नुकसान पहुंचाएगी।

- अंधेरे में मोबाइल चलाते समय एंटी ग्लेयर चश्मे (Anti glare Glasses) का प्रयोग करें। इससे आप मोबाइल से निकलने वाली अल्ट्रा वॉयलेट किरणों (Ultra Violet Radiations) से खुद को बचा सकेंगे।

- मोबाइल का इस्तेमाल करते समय आंखों को पूरी तरह से स्क्रीन पर कंसंट्रेट करने की बजाय समय-समय पर अपनी पलकों को झपकाएं।

- जब आप सोने जाएं तो अपना मोबाइल तकिया के नीचे या बेड पर ही रखने की बजाय कम से कम 3 फीट की दूरी पर रखें, जिससे उसकी किरणें आपतक न पहुंच सकें।

 अंधेरे में मोबाइल चलाने से आपकी शरीर को स्वास्थ्य संबंधी कई खतरे हो सकते हैं। इस लेख में दी गई सावधानियों को अपनाकर आप खुद को इन बीमारियों से बचा सकते हैं।

Read More Articles on Other diseases in hindi

Disclaimer