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क्या नवरात्र‍ि व्रत में रिफाइंड तेल खा सकते हैं? जानें एक्सपर्ट की राय

Side Effects of Refined Oil: व्रत में कई पकवान तेल में बनाकर खाते हैं लेक‍िन क्‍या व्रत में र‍िफाइंड तेल खाना सही है? एक्‍सपर्ट से जानते हैं जवाब।

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Sep 28, 2022 10:27 IST
क्या नवरात्र‍ि व्रत में रिफाइंड तेल खा सकते हैं? जानें एक्सपर्ट की राय

Side Effects of Refined Oil During Navratri: नवरात्र‍ि के द‍िनों में नौ द‍िनों तक पूजा-पाठ और व्रत रखने की मान्‍यता है। लोग नौ द‍िनों तक व्रत रखते हैं। कई ऐसे भी हैं जो व्रत रख तो लेते हैं लेक‍िन उन्‍हें व्रत में भोजन को सही तरह से खाने की जानकारी नहीं होती ज‍िसके कारण तबीयत ब‍िगड़ सकती है। व्रत के दौरान खाया जाने वाला भोजन सादा और आसानी से पच जाने वाला होना चाह‍िए। इस दौरान कई चीजों का सेवन न करने की सलाह दी जाती है ज‍िनमें से एक है र‍िफाइंंड ऑयल। कई लोग ऐसा मानते हैं क‍ि व्रत में र‍िफाइंड तेल का सेवन करने से शरीर में कई तरह के नुकसान होते हैं। जबक‍ि कुछ लोग तेल में कई पकवान बनाकर खाते हैं। तो क्‍या व्रत में र‍िफाइंड तेल का सेवन करना चाह‍िए? आगे जान‍िए इस सवाल का जवाब। 

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क्‍या व्रत में र‍िफाइंड तेल का सेवन करना चाह‍िए?

नहीं आपको व्रत में र‍िफाइंड तेल के सेवन से बचना चाह‍िए। र‍िफाइंड तेल की बात करें, तो उसे अलग-अलग बीजों से न‍िकाला जाता है जैसे सनफ्लाॅवर ऑयल, मूंगफली का तेल, सोयाबीन ऑयल, जैतून का तेल इसके कुछ उदाहरण हैं। र‍िफाइंड तेल का स्‍मोक‍िंग प्‍वाइंट ज्‍यादा होता है इसल‍िए इसे ज्‍यादा गरम तापमान पर इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। र‍िफाइंड ऑयल हेल्‍दी फैट की श्रेणी में नहीं आता इसल‍िए ये आपकी सेहत के ल‍िए नुकसानदायक माना जाता है। व्रत में ऐसा खाना खाया जाता है ज‍िससे शरीर में लंबे समय तक ऊर्जा रहे  लेक‍िन र‍िफाइंड तेल का सेवन करने से आपको थकान और पाचन की समस्‍या हो सकती है। इस लेख में हम आपको बताएंगे क‍ि व्रत में आपको र‍िफाइंड तेल के सेवन क्‍यों बचना चाह‍िए। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने The Nutriwise Clinic, लखनऊ की न्‍यूट्रि‍शन‍िस्‍ट नेहा सिन्‍हा से बात की।

व्रत में र‍िफाइंड तेल खाने के नुकसान 

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न्‍यूट्रि‍शन‍िस्‍ट नेहा सिन्‍हा ने बताया, ''व्रत के दौरान हम कई ऐसी चीजों का सेवन करते हैं ज‍िसे तेल में तला जाता है। उदाहरण के ल‍िए कुट्टू की पूड़ी, साबुदाना वड़ा, आलू के च‍िप्‍स आद‍ि। इन चीजों को र‍िफाइंड तेल में तलकर खाने के कारण पेट में गैस और अपच की समस्‍या हो सकती है। र‍िफाइंड तेल का सेवन करने करने के कारण आपको ज्‍यादा थकान महसूस हो सकती है। इसके अलावा ब्‍लोट‍िंग और डायर‍िया के लक्षण भी नजर आ सकते हैं। हार्ट के ल‍िए तो, र‍िफाइंड तेल वैसे भी फायदेमंद नहीं माना जाता। इन सभी बातों का ध्‍यान रखते हुए, व्रत के दौरान हमें र‍िफाइंड तेल का सेवन करने से बचना चाह‍िए।''  

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द‍िन में केवल 2 से 3 टेबलस्‍पून

यूट्रि‍शन‍िस्‍ट नेहा ने बताया, ''आप अगर व्रत में तलने या सब्‍जी पकाने के ल‍िए तेल का इस्‍तेमाल कर रहे हैं, तो उसके नुकसान से बचने के ल‍िए मात्रा तय करें। द‍िनभर में आप घी या र‍िफाइंड तेल की 2 से 3 टेबलस्‍पून ही इस्‍तेमाल करें। इससे ज्‍यादा तेल का सेवन करने से शरीर में कैलोरीज बढ़ जाती हैं। इसके अलावा आपको पूड़ी खाने के बजाय, आप कम तेल में पका पराठा खा सकते हैं। ये आपकी सेहत के ल‍िए कम नुकसानदायक होगा। ज्‍यादा तेल का सेवन आपके हाजमे को खराब कर सकता हैं। भूख के कारण ज‍िन लोगों को कब्‍ज की श‍िकायत होती है, उन्‍हें र‍िफाइंड तेल से दूरी बरतनी चाह‍िए।''   

र‍िफाइंड ऑयल की जगह क्‍या खाएं?  

व्रत में आप देसी घी का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। लेक‍िन ध्‍यान रखें क‍ि घी का इस्‍तेमाल क‍िसी चीज को तलने के ल‍िए नहीं क‍िया जाना चाह‍िए क्‍योंक‍ि इसका स्‍मोकि‍ंग प्‍वाइंट कम होता है। आप इसे सब्‍जी, दाल या रोटी, पराठे पर डाल सकते हैं। घी के अलावा सफेद मक्‍खन, बादाम के तेल का भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं। वहीं कुछ भूनकर या तलकर खाना है, तो सोयाबीन ऑयल, मूंगफली का तेल, सरसों का तेल और नार‍ियल तेल की सीम‍ित मात्रा का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

Refined Oil Ke Nuksan: व्रत के दौरान र‍िफाइंड तेल के सेवन से बचें। इसके सेवन से आपको कब्‍ज, एस‍िड‍िटी, ब्‍लोट‍िंग और थकान आद‍ि समस्‍या हो सकती है।  

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