Fri Sep 11, 2026 | 09:16 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

खाली पेट बाहर जाना मतलब बीमारियों को खुला न्योता! एक्‍सपर्ट ने बताए गंभीर नुकसान

क्‍या आप भी खाली पेट बाहर जाते हैं? अगर हां, तो इससे कई शारीर‍िक समस्‍याएं और बीमार‍ियां जैसे पेट की समस्‍याएं, हार्मोनल असंतुलन, मोटापा, ब्रेन फंक्‍शन में कमी का श‍िकार हो सकते हैं। 

आजकल की व्‍यस्‍त द‍िनचर्या में समय बचाना एक बड़ी समस्‍या बनता जा रहा है। अपनी ही बात करूं, तो सुबह घर से न‍िकलते वक्‍त मैं कई बार कुछ खा नहीं पाती, जबक‍ि सुबह नाश्‍ता क‍िए बगैर मैंने पहले कभी द‍िन की शुरुआत नहीं की, लेक‍िन समय के सा‍थ जब ज‍िम्‍मेदार‍ियां बढ़ींं, तो खुद को सबसे आख‍िर में रख द‍िया। खुद के ल‍िए कुछ बनाकर खाने में वक्‍त बचाकर कई बार जल्‍दी-जल्‍दी में घर से न‍िकल जाती हूं। मेरी ही तरह बहुत से लोग खाली पेट सुबह घर से न‍िकल, तो जाते हैं लेक‍िन आपको बता दें क‍ि यह आदत सेहत के ल‍िए हान‍िकारक है। कुछ एक्‍सपर्ट्स ऐसा मानते हैं क‍ि सुबह उठने के एक घंटे के भीतर नाश्‍ता कर लेना चाह‍िए। अगर आप भी खाली पेट घर ने न‍िकलते हैं, तो जान लें सेहत के ल‍िए इसके नुकसान। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

1. एनर्जी कम हो सकती है- Low Energy Level

सुबह खाली पेट घर से न‍िकलना ठीक नहीं है। इससे एनर्जी लेवल कम हो जाता है क्‍योंक‍ि रातभर में शरीर सामान्‍य बॉडी फंक्‍शन के ल‍िए ग्‍लूकोज का इस्‍तेमाल कर लेता है। सुबह ग्‍लूकोज का लेवल डाउन होता है, ऐसे में अगर आप कुछ खाए बगैर चले जाएंगे, तो थकान, कमजोरी और ध्‍यान क्षमता में कमी आ सकती है। भूखे पेट ब्‍लड शुगर लेवल भी अन‍ियंत्र‍ित हो जाता है ज‍िससे डायब‍िटीज का खतरा बढ़ सकता है।

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2. पेट की समस्‍याएं हो सकती हैं- Stomach Problems

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जब पेट खाली होता है, तब भी उसमें एस‍िड्स बनते रहते हैं। अगर कुछ खाएंगे नहीं, तो एस‍िड्स की मात्रा कम नहीं होगी। इससे हार्टबर्न, जी म‍िचलाना, पेट दर्द और एस‍िड‍िटी जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

3. मोटापे का खतरा- Obesity Risk

कुछ लोग वजन कम करने के ल‍िए सुबह का नाश्‍ता करने से बचते हैं, लेक‍िन आपको बता दें क‍ि इससे आप ओवरईट‍िंग का श‍िकार हो सकते हैं। सुबह कुछ न खाने से, दोपहर में तेज भूख से आप ओवरईट‍िंग कर सकते हैं। सुबह खाली पेट रहने से मेटाबॉल‍िज्‍म भी धीमा हो सकता है और वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।

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4. हार्मोनल असंतुलन- Hormonal Imbalance

नाश्‍ता न करने से कोर्टि‍सोल हार्मोन बढ़ सकता है जो क‍ि एक स्‍ट्रेस हार्मोन है। कोर्टि‍सोल हार्मोन के बढ़ने से फैट स्‍टोरेज, खराब स्‍लीप क्‍वॉलि‍टी और कमजोर इम्‍यून‍िटी जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। हार्मोनल असंतुलन के कारण थायराइड या अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

5. ब्रेन फंक्‍शन खराब हो सकता है- Poor Brain Function

द‍िमाग को ठीक से काम करने के ल‍िए ग्‍लूकोज की जरूरत होती है। अगर इसकी कमी है, तो फोकस में कमी आ सकती है ज‍िससे कार्य क्षमता पर बुरा असर पड़ता है, इसल‍िए खाली पेट घर से बाहर न जाएं। फाइबर और प्रोटीन र‍िच ब्रेकफास्‍ट खाएं।

सुबह नाश्‍ते में क्‍या खाएं?- Food Options For Breakfast

  • अंडे
  • दही और ओट्स
  • ताजे मौसमी फल
  • होल-ग्रेन टोस्‍ट
  • मूंग दाल चीला
  • स्‍प्राउट्स

न‍िष्कर्ष:

खाली पेट रहने से एनर्जी कम हो सकती है, पेट की समस्‍याएं बढ़ सकती हैं, वजन बढ़ने का खतरा रहता है, हार्मोनल असंतुल‍न और खराब ब्रेन फंक्‍शन जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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