Expert

बुखार और मलेरिया के लिए फायदेमंद है सप्तपर्णी, जानें इसके अन्य फायदे

मलेरिया में आने वाले बुखार को दूर करने के लिए आप आयुर्वेदिक उपाय को अपना सकते हैं। आगे जानते हैं इसके बारे में   
  • SHARE
  • FOLLOW
बुखार और मलेरिया के लिए फायदेमंद है सप्तपर्णी, जानें इसके अन्य फायदे


Saptaparni Tree Benefits For Malaria: आयुर्वेद में ऐसी कई औषधियों के बारे में बताया गया है, जो हमारे शरीर की अनेकों बीमारियों को दूर करने में सहायक होती है। इन औषधियों में सप्तपर्णी को भी शामिल किया जाता है। भारत में प्रकृति के पेड़ और पौधों से रोगों का इलाज सदियों से किया जा रहा है। सप्तपर्णी एक पेड़ होता है, जिसकी छाल और पत्तियों के इस्तेमाल से रोगों को दूर करने का प्रयास किया जाता है। आयुर्वेदाचार्य दीप्ती सिंह के मानें तो सप्तपर्णी मेलरिया और बुखार (Saptparni Benefits for Malaria And Fever) को दूर करने में भी फायदेमंद होता है। इसके इस्तेमाल से बुखार के लक्षणों के कम किया जा सकता है। आगे जानते हैं सप्तपर्णी से होने वाले अन्य फायदों के बारे में। 

मलेरिया के लिए फायदेमंद है सप्तपर्णी- Saptaparni Tree Benefits For Malaria in Hindi  

मलेरिया को कम करें

सप्तपर्णी वृक्ष को मलेरियारोधी गुणों के लिए जाना जाता है। इस पेड़ की छाल में एल्कलॉइड्स होते हैं, जो एंटीप्लाज्मोडियल की तरह कार्य करते हैं। यह मलेरिया का कारण माने जाने वाले प्लास्मोडियल को रोकने में सहायक होते हैं। 

saptparni benefits for malaria

बुखार कम करने में सहायक

आयुर्वेद में सप्तपर्णी वृक्ष के बारे में विस्तार से बताया गया है। इस पेड़ की छाल और पत्तियों में ऐसे में कम्पाउंड पाए जाते हैं, जो बुखार को कम करने में सहायक होते हैं। यह मलेरिया से जुड़े बुखार के साथ ही इंफेक्सन की वजह से होने वाले बुखार को भी कम करने में मदद करते हैं। 

इम्यून सिस्टम को बढ़ाएं

सप्तपर्णी में फ्लेवोनोइड्स और टैनिन सहित बायोएक्टिव कम्पाउंड पाए जाते हैं। यह इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में सहायक होते हैं। मलेरिया और बुखार से लड़ने के लिए शरीर में इम्यून सिस्टम का मजबूत होना बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए आप सप्तपर्णी के अर्क का सेवन कर सकते हैं। 

एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण

संक्रमण और बुखार में सूजन हो सकती है। सप्तपर्णी के पेड़ में सूजन-रोधी गुण पाए जाते हैं। इस पेड़ की छाल और पत्तियों में बीटा-सिटोस्टेरॉल पाया जाता है, जो सूजन को कम करके बुखार के लक्षणों को दूर करने में सहायक होते हैं। 

शरीर को शीतलता प्रदान करें 

सप्तपर्णी शरीर को शीतलता प्रदान करने में सहायक होता है। इसकी पत्तियों को पीसकर माथे में लगाने से सिर की गर्मी शांत होती है। ऐसे में सिर मे होने वाला भारीपन भी कम हो सकता है। 

इसे भी पढ़ें: मलेरिया से रिकवर होने के लिए अपनाएं ये 5 आयुर्वेदिक उपाय

सप्तपर्णी का इस्तेमाल करने से पहले आप आयुर्वेदाचार्य की सलाह अवश्य लें। बुखार या मलेरिया होने पर स्थिति को नजरअंदाज न करें। इस समस्या को नजरअंदाज करने से आपको गंभीर रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। कई बार व्यक्ति का इम्यून सिस्टम बेहद खराब हो जाता है। ऐसे में आपको बुखार होने पर आप तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं। 

मलेरिया से बचाव की अधिक जानकारी के लिया यह क्लिक करे: 

मलेरिया बुखार से बचाव | मलेरिया बुखार में टेस्ट | मलेरिया बुखार में टिप्स | मलेरिया बुखार में आहार | मलेरिया बुखार का घरेलू उपचार

Read Next

फैटी लिवर की समस्या में फायदेमंद होती हैं ये 6 ठंडी औषधि

Disclaimer