कैसा हो मलेरिया में खान-पान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 19, 2011

जब घरों के आसपास बने गड्ढों, छत पर पडे़ टूटे बर्तनों और कूलर आदी में पानी भरकर सड़ने लगता है तो मच्छर उस पानी में अंडे दे देते हैं। इन्हीं मच्छरों में से एक, मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से मलेरिया रोग होता है। मलेरिया रोग होने पर खाने-पीने का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। इस लेख को पढ़ें और मले‍रिया में खान-पान के बारे में जानें।

पौष्टिक आहार

 

मादा एनाफिलीज मच्छर जब किसी मनुष्य को काटता है तो वह रक्त को पतला करने के लिए अपने मुंह से विषैला द्रव छोड़ता है। उस द्रव में मलेरिया को उत्पन्न करने वाले जीवाणु होते है। इन जीवाणुओं के विषक्रमण से ही मलेरिया बुखार होता है। मलेरिया के मच्छर दिन के समय घरों में मेज, कुर्सी व सोफे के नीचे अंधेरे में छिपे रहते है। मलेरिया का मच्छर दिन और रात दोनों में काटता है। इसलिए दिन में भी सावधानी रखें और बच्चों को व खुद भी पूरी बांह के कपडे़ पहने। मलेरिया रोग के प्रारंभ में रोगी को बहुत जोरों से सर्दी लगती है। सर्दी का प्रकोप इनता अधिक होता है कि कई-कई रजाई कम्बल डालने पर भी सर्दी कम नहीं होती। रोगी का शरीर सर्दी के प्रकोप से कंपकंपाता है। दांत बजने लगते हैं। इसके साथ ही रोगी को तीव्र ज्वर हो जाता है। ज्वर के कारण रोगी को खूब पसीना आता है। ज्वर कम हो जाता है। अगले दिन रोगी अपने को निरोग महसूस करता है, लेकिन एक दिन के अंतराल से फिर सर्दी लगने लगती है और तीव्र ज्वर हो जाता है।

 

 

ऐसे में हेल्दी डाइट लेना जरूरी भी होता है और लाभदायक भी। मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी होने पर खान-पान का खासा ध्यान रखना पड़ता है। मलेरिया बुखार में आमतौर पर डॉक्टर की सलाह से डाइट लेनी चाहिए लेकिन मलेरिया में परहेज करना भी बहुत जरूरी है। निचे मलेरिया में खाये जाने वाले और न खाये जाने वाले ऐसे ही कुछ पदार्थों की जानकारी दी गयी है।


 

 

मलेरिया में क्या खांए-

 

- चाय, कॉफी व दूध लें। चाया में तूलसी के पत्तें काली मिर्च, दालचीनी या अदरक डाल कर पियें।
- मलेरिया के रोगी को सेब खिलाएं, यह मलेरिया में फायदा करता है।
- पीपल का चूर्ण बनाकर शहद मिलाकर सेवन करने से मलेरिया के बुखार में लाभ होता है।
- दाल-चावल की खिचड़ी, दलिया, साबूदाना का सेवन करें। ये पचने में आसान होते हैं और पोष्टिक भी होते हैं।
- नीबू को काटकर उस पर काली मिर्च का चूर्ण व सेंधा नमक डालकर चूसें, स्वाद ठीक होगा और फायदा भी पहुंचेगा।
- मलेरिया ज्वर में अमरूद खाने से रोगी को लाभ होता है।
- तुलसी के पत्ते व काली मिर्च को पानी में उबालकर, छानकर पिएं।

 

 

मलेरिया में क्या न खांए-

 

- ठंडा पानी बिल्कुल न पियें और ना ही ठंडे पानी से नहाएं।
- रोगी को आम, अनार, लीची, अनन्नास, संतरा आदि नहीं खाने चाहिए।
- ठंडी तासीर के फल व पदार्थ न खाएं।
- एसी में ज्यादा न रहें और न ही रात को एसी में सोएं।
- दही, शिकंजी, गाजर, मूली आदि न खाएं।
- मिर्च-मसाले व अम्ल रस से बने खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।



मलेरिया के दौरान ध्यान रखी जाने वाली कुछ अन्य बातें

 

- जब आप मलेरिया बुखार से पीडि़त हो तो सबसे पहले ये देखना चाहिए कि किन चीजों को लेने से आप जल्दी ठीक हो पाएंगे। आमतौर पर मलेरिया बुखार के समय ताजा, बेहतर और हेल्दी खाने को ही प्राथमिकता देनी चाहिए।

- मलेरिया के शुरूआती दिनों में ताजा फल देना अच्छा़ होता है। फलों में आप पपीता, सेब, चीकू इत्यादि दे सकते हैं। दूध से बने उत्पादों को मलेरिया होने के तीसरे दिन से देना चाहिए।

- इस स्टेज के बाद अगले पड़ाव पर डाइट को बैलेंस करने का समय आ जाता है। रसीले फलों के साथ-साथ अंकुरित बीज, अनाज और सब्जियां खानी चाहिए।
   
- मलेरिया बुखार से ग्रसित व्यक्ति को अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। सादा भोजन लेते हुए हरी पत्तेदार सब्जियां, उबले हुए चावल और आराम से पचने वाली चीजें लेनी चाहिए। सूप आदि भी पीते रहना चाहिए।
    
- सुबह-सुबह एक गिलास गुनगुने पानी के साथ आधा नींबू और शहद की एक चम्मच घोल कर पीना चाहिए। साथ ही नाश्ते के समय ताजा फल, एक कप दूध में शहद लिया जा सकता है। लंच में एक कटोरी उबली हुई सब्जियां, गेंहू, छाछ आदि लेना चाहिए।
   
- रात के भोजन में एक बॉउल ताजा हरी सलाद, अंकुरित बीज वगैहरा लेना चाहिए।

- इन सबके अलावा मलेरिया के आहार, मलेरिया में परहेज आदि के बारे में विस्तार से जानकारी लेनी चाहिए।

 

 

Read More Articles On Malaria In Hindi

 

 

Loading...
Is it Helpful Article?YES48 Votes 32021 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK