कार्बोहाइड्रेट अधिक लेने वाले नहीं जीते लंबी उम्र, जानें वैज्ञानिक कारण

अगर आप लंबी आयु चाहते हैं तो अपने आहार में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा सीमित कर दीजिए, क्योंकि भोजन में जरूरत से कम या ज्यादा कार्बोहाइड्रेट की मात्रा लेने वालों को मौत का खतरा बना रहता है।

 ओन्लीमाईहैल्थ लेखक
लेटेस्टWritten by: ओन्लीमाईहैल्थ लेखकPublished at: Aug 20, 2018
कार्बोहाइड्रेट अधिक लेने वाले नहीं जीते लंबी उम्र, जानें वैज्ञानिक कारण

अगर आप लंबी आयु चाहते हैं तो अपने आहार में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा सीमित कर दीजिए, क्योंकि भोजन में जरूरत से कम या ज्यादा कार्बोहाइड्रेट की मात्रा लेने वालों को मौत का खतरा बना रहता है। यह बात हालिया एक शोध में सामने आई है। शोध में पाया गया है कि कार्बोहाइड्रेट में 40 फीसदी से कम या 70 फीसदी से ज्यादा ऊर्जा के सेवन से मौत का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन कार्बोहाइड्रेट के रूप में 50-55 फीसदी ऊर्जा ग्रहण करने वालों को मौत का खतरा कम रहता है।  शोध के सह-लेखक व बोस्टन स्थित हार्वर्ड टी. एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में प्रोफेसर वाल्टर विलेट ने कहा, "इन नतीजों में एक साथ कई पहलू हैं, जो विवादास्पद रहे हैं।

बहुत ज्यादा और बहुत कम कार्बोहाइड्रेट नुकसानदेह हो सकता है, लेकिन सबसे जो गौर करने वाली बात है वह वसा, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का प्रकार है। लांसेट पब्लिक हेल्थ जर्नल में प्रकाशित शोध के तहत 45 से 64 साल की आयु वर्ग के 15,428 वयस्कों को शामिल किया गया। प्रतिभागियों में पुरुष 600-420 किलो कैलोरी ऊर्जा रोज ग्रहण करते थे, जबकि महिलाएं 500-3600 किलो कैलोरी। शोधकर्ताओं के आकलन के अनुसार, सीमित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट खाने वालों की आयु आवश्यकता से कम कार्बोहाइड्रेट खाने वालों की तुलना में चार साल अधिक पाई गई, जबकि अधिक कार्बोहाइड्रेट खाने वालों की तुलना में एक साल अधिक थी।

इसे भी पढ़ें : नियमित दौड़ने वालों की उम्र होती है लंबी, जानें दौड़ने के फायदे

क्या होता है कार्बोहाइड्रेट

कार्बोहाइड्रेट एक कार्बनिक पदार्थ है जिसमें कार्बन, हाइड्रोजन व ऑक्सीजन होते हैं। इसमें हाइड्रोजन व ऑक्सीजन का अनुपात जल के समान होता है। कार्बोहाइड्रेट शरीर को गर्मी और चर्बी प्रदान करने के लिए कार्य करता है। शरीर को कार्बोहाइड्रेट दो प्रकार से प्राप्त होते हैं पहला माडी (स्टासर्च) के रूप में दूसरा शुगर के रूप में। गेहूं, ज्वार, मक्का, बाजरा, मोटे अनाज, चावल, दाल और जडों वाली सब्जियों में पाए जाने वाले कार्बोहाइड्रेट को माडी कहा जाता है।

इसे भी पढ़ें : आंतों के कैंसर से बचाती हैं गोभी और ब्रोकली, जानें हैरान करने वाले फायदे

केला, अमरूद, गन्ना, चुकंदर, खजूर, छुआरा, मुनक्का, अंजीर, शक्कर, शहद, मीठी सब्जियां तथा सभी मीठे खाद्य पदार्थों में अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है जो कि अत्यधिक शक्तिशाली और स्वास्‍‍थ्य  के लिए लाभदायक होते हैं। शरीर में इनकी अधिकता से अनेक खतरनाक बीमारियां जैसे- अतिसार, मधुमेह आदि रोग हो जाते हैं और कार्बोहाइड्रेट युक्त खाना खाने से वजन बहुत तेजी से बढता है।

कैसे कम करें डाइट में कार्बोहाइड्रेट

आप अपने दैनिक आहार योजना में कार्बोहाइड्रेट युक्त खाने की मात्रा को कम करके मोटापा पर नियंत्रण पा सकते हैं। खाने में अधिक कार्बोहाइड्रेट युक्त चीजों के प्रयोग से परहेज करें। लेकिन एकदम से डाइट में से कार्बोहाइड़्रेट्स न लेना बिल्कुल गलत है। कई बार लोग यह सोचते हैं कि कार्बोहाइड्रेट्स फैट बढ़ाने के सिवा और कुछ नहीं करता। जबकि इनसे हमें जरूरी अमाउंट में एनर्जी मिलती है। इसके लिए आप ब्रेड, चपाती वगैरह के ऑप्शन पर जा सकते हैं। इसंलिए नियमित रूप से खाने में कम कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार सब्जी, फल, सूप, जूस और खीरे के सलाद आदि का सेवन कीजिए।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Health News In Hindi

Disclaimer