आयुर्वेदाचार्य से जानें पुत्रजीवक बीज के फायदे और प्रयोग का तरीका

पुत्रजीवक बीज कई स्वास्थ्य समस्याओं में काम आता है। यहां आयुर्वेदाचार्य से जानें इससे होने वाले फायदे और उपयोग करने का तरीका। 

 
Kunal Mishra
Written by: Kunal MishraPublished at: Jun 09, 2021
आयुर्वेदाचार्य से जानें पुत्रजीवक बीज के फायदे और प्रयोग का तरीका

आयुर्वेद में ऐसी बहुत सी जड़ी बूटियां हैं, जिनके बारे में हमें शायद ठीक से पता भी नहीं होगा। क्या आपने कभी पुत्रजीवक बीज के बारे में सुना है? अगर नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम आपको इस बीज से होने वाले कुछ फायदे और नुकसान के बारे में बताएंगे। दरअसल, पुत्रजीवक बीज मुख्य रूप से आपकी इनफर्टिलिटी की समस्या को दूर करता है। पुत्रजीवक एक पेड़ होता है, जिसका आकार सामान्य होता है। यह पूरे साल हरा भरा रहता है और कहीं भी आसानी से लग जाता है। आयुर्वेद में इस बीज को विशेष दर्जा दिया गया है। आयर्वेद की मानें तो यह पुत्र प्राप्ति नहीं होने वाली महिलाओं के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है। यही नहीं यह बीज खांसी जुकाम समेत अन्य समस्याओं में भी कारगर माना दाता है। इसी विषय पर विस्तार से जानने के लिए हमने हरियाणा के सिरसा जिले के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर श्रेय शर्मा (Dr. Shrey Sharma, Ayurvedacharya, Sirsa) से बात-चीत की। चलिए जानते हैं पुत्रजीवक बीज के फायदे और कुछ नुकसान के बारे में। 

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1. इनफर्टिलिटी (Infertility)

आयुर्वेदाचार्य डॉ. श्रेय शर्मा के मुताबिक बहुत से लोगों में यह धारणा होती है कि पुत्रजीवक बीज पुत्र पैदा करने के लिए होता है, जो कि बिलकुल गलत है। ऐसा बिलकुल भी नहीं होता है। यह बीज आपकी इनफर्टिलिटी की समस्या को दूर करने में मददगार साबित होते हैं। इस बीज को गर्भकर के नाम से भी जाना जाता है। यह बीज खासकर फर्टिलाइजेशन में महिलाओं की मदद करते हैं। यह बीज संतान प्राप्ति में आपकी मदद करता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए आप पुत्रजीवक बीज को पीसकर उसका पाउडर तैयार करें और इसका सेवन करें। लेकिन इस पाउडर की मात्रा के बारे में एक बार आयुर्वेदाचार्य से सलाह जरूर लें। इससे आपकी इनफर्टिलिटी की समस्या दूर होगी। 

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2. फोड़े-फुंसी ठीक करे (Treats Boil) 

अगर आपको आए दिन फोड़े फुंसी की समस्या होती है तो इसमें भी पुत्रजीवक बीज आपकी मदद कर सकता है। इसके लिए आप पुत्रजीवक बीज को पीसकर इसका एक लेप तैयार करना होगा। इसके बाद इसे प्रभावित यानि फोड़े फुंसी वाले हिस्से पर लगाएं। ऐसा करने से आपके दर्द और वेदना में कमी आती है। यह सभी प्रकार के विषों में भी काफी फायदेमंद होता है। विष से निजात पाने के लिए आप इसकी मज्जा यानि बीज को पीसकर भी त्वचा पर लगा सकते हैं। 

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3. सिर दर्द में लाभदायक (Beneficial In Headache)

आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा ने बताया कि जिन लोगों में तेज सिर दर्द की समस्या होती और वे इसका आयुर्वेदिक उपचार लेना चाहते हैं, तो ऐसे लोग पुत्रजीवक की गुटलियों को घिसकर अपने सिर पर लगा सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें सिरदर्द में लाभ मिलेगा। इसके लिए आप चाहें तो पुत्रजीवक के फल के रस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन ऐसा करने से पूर्व आयुर्वेदाचार्य या चिकित्सक की सलाह जरूर लें। 

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4. बुखार और जुकाम में फायदेमंद (Beneficial In Fever and Cold)

डॉ. श्रेय के अनुसार पुत्रजीवक को अर्थसाधक के नाम से भी जाना जाता है। पुत्रजीवक बीज इनफर्टिलिटी की समस्या के साथ ही बुखार और जुकाम को भी दूर करने में मददगार होता है। ऐसी समस्या होने पर आप पुत्रजीवक बीज का क्वाथ यानि कि काढ़े का सेवन कर सकते हैं। इसका काढ़ा बनाने के लिए आपको पुत्रजीवक बीज को उबालने की आवश्यकता होती है। इसके बाद इसे छानकर आप इसके काढ़े का सेवन कर सकते हैं। इससे बुखार और जुकाम जल्दी ठीक होता है। 

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5. त्वचा संबंधी समस्याओं में लाभदायक  (Beneficial In Skin Problems)

माना जाता है कि पुत्रजीवक बीज आपकी त्वचा की समस्याओं को भी हल करता है। जैसे दाने, त्वचा का लाल होना आदि। लेकिन इसे त्वचा पर लगाने से पहले एक बार आयुर्वेदाचार्य से सलाह जरूर लें। इसे इस्तेमाल करने से पहले इसकी मात्रा का अंदाजा होना बहुत जरूरी होता है। हालांकि त्वचा पर इसके बीज से बना लेप लगाया जा सकता है। 

बरतें ये सावधानियां (Take These Precautions)

  • डॉ. श्रेय के अनुसार पुत्रजीवक बीज की तासीर ठंडी एवं खुश्क होती है, इसलिए इसके अधिक मात्रा में सेवन से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। बिना चिकित्सक के परामर्श के इसका इस्तेमाल न करें। 
  • पुत्रजीवक बीज को बीमारी होने के अनुसार ही इस्तेमाल करना चाहिए। बिना जानकारी के इसका सेवन करने से बचें। 
  • हालांकि अब तक इसके कोई गंभीर नुकसान नहीं देखे गए हैं। 

यह लेख आयुर्वेदाचार्य द्वारा प्रमाणित है। इसलिए समस्या के अनुसार आप इसका सेवन कर सकते हैं। अगर आप किसी गंभीर बीमारी में इसका सेवन कर रहे हैं तो चिकित्सक की सलाह जरूर लें। 

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