Fri Oct 9, 2026 | 12:41 AM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

इफ्तार में ओवरईटिंग सेहत के लिए कैसे है नुकसानदायक? जानें न्‍यूट्र‍िशन‍िस्‍ट से

रमजान का मुबा‍र‍िक महीना शुरू हो चुका है। इस माह में रोजदार रोजा रखकर इबादत करते हैं। सुबह सहरी के वक्‍त रोजदार खाकर पूरे द‍िन रोजा रखते हैं जो शाम में इफ्तार के साथ खोला जाता है। कई लोग इफ्तार के दौरान भूख से ओवरईट‍िंग कर लेते हैं और इससे सेहत ब‍िगड़ सकती है। जानते हैं इफ्तार में ज्‍यादा खाने से सेहत को क्‍या नुकसान होते हैं?
इफ्तार में ओवरईटिंग सेहत के लिए कैसे है नुकसानदायक? जानें न्‍यूट्र‍िशन‍िस्‍ट सेइफ्तार में ओवरईटिंग सेहत के लिए कैसे है नुकसानदायक? जानें न्‍यूट्र‍िशन‍िस्‍ट से

रमजान के महीने में रोजदार शाम को इफ्तार के साथ रोजा खत्‍म करते हैं। पूरे द‍िन रोजा रखकर जब शाम को इफ्तार का समय होता है, तब पेट खाली होता है और शरीर को पोषण एवं हाइड्रेशन की जरूरत होती है। अक्‍सर लोग इफ्तार के दौरान ज्‍यादा खा लेते हैं और इससे ओवरईट‍िंग हो जाती है। कई जगह इफ्तार पार्टी होती है ज‍िसमें लोग सेहत को नजरअंदाज करते हुए हर वो चीज खा लेते हैं, जो खाली पेट रहने के तुरंत बाद खाने से बचना चाह‍िए। ज्‍यादा तला-भुना, मीठा और भारी खाने के कारण शरीर पर बुरा असर पड़ता है। इफ्तार के दौरान संतुल‍ित भोजन को प्राथम‍िकता दी जाती है, लेक‍िन लंबे समय तक भारी भोजन लेने से स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं हो सकती हैं। इस लेख में जानेंगे इफ्तार में ओवरईट‍िंग करने के बुरे प्रभाव के बारे में।

how-to-prevent-overeating-in-iftarhow-to-prevent-overeating-in-iftar

1. पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं

पूरे दिन पेट खाली रहने के बाद जब अचानक व्‍यक्‍त‍ि बहुत ज्‍यादा खा लेता है, तो पाचन पर बुरा असर पड़ता है। इससे अपच, गैस, पेट फूलना और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शरीर को भोजन को पचाने के लिए समय चाहिए होता है, लेकिन ओवरईटिंग से पाचन खराब हो सकता है।

यह भी पढ़ें- रमजान में हेल्दी रहने के लिए क्या खाना चाहिए? एक्सपर्ट से जानें

2. वजन तेजी से बढ़ सकता है

Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow ने बताया क‍ि इफ्तार में ज्यादा कैलोरी वाला भोजन, जैसे समोसा, पकौड़े, मिठाई वगैरह लेने से शरीर में जरूरत से ज्‍यादा कैलोरी जमा होने लगती हैं। जब शरीर इन कैलोरी का इस्‍तेमाल नहीं कर पाता, तो यह फैट के फॉर्म में जमा हो जाती हैं जिससे वजन बढ़ता है। रमजान में संतुलित भोजन न लेने से वजन घटने की बजाय बढ़ भी सकता है।

यह भी पढ़ें- Ramadan Tips for Diabetes & Blood Pressure: रमजान के दौरान डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज क्या करें? जानें डॉक्टर से

3. ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है

लंबे समय तक रोजा रखने के बाद जब एक साथ ज्यादा मीठा और कार्ब्स वाली चीजें खाई जाती हैं, तो ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। इससे थकान, कमजोरी और बाद में अचानक लो एनर्जी महसूस हो सकती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है।

यह भी पढ़ें- रमजान में स्वस्थ रहने के लिए खाएं खजूर का रायता, एक्सपर्ट से जानें फायदे और रेसिपी

4. सुस्ती और थकान महसूस हो सकती है

ओवरईटिंग के बाद शरीर का ज्यादा ब्लड फ्लो पाचन तंत्र की ओर चला जाता है, जिससे दिमाग और शरीर के अन्य हिस्सों में लो एनर्जी महसूस हो सकती है। यही कारण है कि ज्यादा खाने के बाद नींद और सुस्ती महसूस होती है।

5. दिल की सेहत पर असर पड़ सकता है

इफ्तार में ज्यादा तला-भुना और फैट वाली चीजें खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। इससे हृदय पर दबाव पड़ता है और लंबे समय में हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

इफ्तार में ओवरईटिंग से बचने के आसान उपाय- How To Prevent Overeating During Iftar

  • रोजा खोलने के बाद तुरंत ज्यादा खाने के बजाय हल्के भोजन से शुरुआत करें, जैसे खजूर और पानी।
  • ज्यादा ऑयली और भारी भोजन की बजाय फल, सलाद और हल्का भोजन लें।
  • शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पानी और हेल्दी ड्रिंक्‍स का सेवन करें।
  • एक बार में ज्यादा खाने की बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन करें।
  • कार्ब्स का ज्‍यादा सेवन करने के बजाय प्रोटीन और फाइबर वाली चीजों का सेवन करें।

निष्कर्ष:

इफ्तार का उद्देश्य शरीर को पोषण देना है, लेकिन ओवरईटिंग से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। पाचन समस्याएं, वजन बढ़ना, ब्लड शुगर असंतुलन और सुस्ती जैसी समस्याएं इससे जुड़ी हो सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि इफ्तार के समय संतुलित, हल्का और पोषक भोजन ही खाएं।

इस लेख को ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों के साथ शेयर करें। सेहत से जुड़ी अन्‍य जानकारी के ल‍िए पढ़ें ओनलीमायहेल्‍थ।

FAQ

  • ओवरईटिंग होने पर क्या करें?

    ओवरईट‍िंग होने पर तुरंत आराम न करें, 15 म‍िनट हल्‍की वॉक करें। गुनगुना पानी प‍िएं, भारी भोजन से बचें और अगला मील हल्‍का रखें ताक‍ि ओवरईट‍िंग न हो। 
  • कमजोर पाचन तंत्र को मजबूत कैसे करें?

    पाचन को मजबूत करने के ल‍िए फाइबर र‍िच फूड्स खाएं, पर्याप्‍त पानी प‍िएं, रोज एक्‍सरसाइज करें, समय पर भोजन खाएं, प्रोबायोट‍िक्‍स फूड्स को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं।
  • बार-बार खाने का मन क्‍यों करता है?

    हार्मोनल असंतुलन, नींद की कमी, स्‍ट्रेस, ड‍िहाइड्रेशन, प्रोटीन की कमी से शरीर बार-बार एनर्जी मांगता है ज‍िससे बार-बार खाने का मन करता है।

Read Next

→ सोया मिल्क या गाय का दूध: प्रोटीन के लिए क्या है बेहतर, जानें एक्सपर्ट से

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Health Journalist

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Feb 25, 2026 19:04 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Feb 25, 2026 19:04 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Feb 25, 2026 19:04 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha