Fri Sep 11, 2026 | 08:43 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

Ramadan 2026: क्या रमजान में प्रेग्नेंट महिलाएं रोजा रख सकती हैं? मानें एक्सपर्ट की सलाह

Ramadan Fasting During Pregnancy: रमजान में प्रेग्नेंट महिलाएं रोजा रख सकती हैं। यह पूरी तरह महिलाओं के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। अगर वे असहज हैं या स्वास्थ्य खराब है, तो बेहतर है कि वे रोजा न रखें।

Pregnancy Me Roza Rakhna Safe Hai Ya Nahi: रमजान का महीना मुसलमानों के लिए पाक महीना होता है। इस साल 18 या 19 फरवरी से रमजान शुरू होने वाले हैं। रमजान का महीना शारीरिक अनुशासन का प्रतीक भी माना जाता है। गर्भवती महिलाएं भी रमजान के इस पाक महीने में खुदा की इबादत करने के लिए रोजा करती हैं। हालांकि, यहां एक सवाल उठता है कि क्या रमजान में प्रेग्नेंट महिलाएं भी रोजा रख सकती हैं और यह उनके लिए सेफ है? आइए, जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट की क्या राय है?

क्या रमजान में प्रेग्नेंट महिलाएं रोजा रख सकती हैं?- Is It Safe To Keep Roza During Pregnancy

is it safe to fast in ramadan during pregnancy 01 (14)

इसमें कोई दो राय नहीं है कि प्रेग्नेंसी महिलाओं के लिए संवेदनशील चरण होता है। इस दौरान उन्हें अपने पोषण और हाइड्रेशन का पूरा ध्यान रखना चाहिए। जरा भी लापरवाही उनकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। जहां तक सवाल इस बात का है कि क्या रमजान में प्रेग्नेंट महिलाएं रोजा रख सकती हैं? इस संबंध में बंग्लुरु की रहने वाली दो बच्चों की मां हजीरा सय्यद का कहना है, "प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को रोजा करना है या नहीं, यह पूरी तरह उनकी अपनी इच्छा होती है। अगर महिला सेहतमंद है और सहज महसूस कर रही हैं, तो वे निश्चित रूप से रोजा कर सकती हैं। हां, अगर उन्हें लग रहा है कि वे रोजा नहीं रख पाएंगी या उनकी तबियत खराब हो रही है, तो वे बाद में इसे पूरा कर सकती हैं। अगर इसकी संभावना भी कम हो, तो वे किसी गरीब को खाना खिला सकती हैं।"

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डॉक्टर की सलाह

अगर चिकित्सकीय पहलू की बात करें, तो इस संबंध में Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता कहती हैं,  "प्रेग्नेंसी में महिलाओं को आराम की जरूरत होती है। इस समय महिलाओं को जरा भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए। जरा सी लापरवाही मां और शिशु दोनों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है या शिशु का विकास भी बाधित हो सकता है। कई बार तो यह भी देखने में आता है कि रोजा करने के दौरान कई महिलाएं अधिक कमजोरी महसूस करती हैं, ब्लड शुगर लेवल गिर जाता है, चक्कर आने लगते हैं, सिरदर्द और मतली जैसी समस्याएं भी ट्रिगर करती हैं। अगर महिलाओं के साथ इस तरह की समस्या हो रही है, तो उन्हें रोजा रखने से बचना चाहिए।"

क्या कहती है रिसर्च

NCBI एक रिपोर्ट कहती है कि यदि मां स्वस्थ है और सहरी-इफ्तार में सही पोषण ले रही है, तो आमतौर पर शिशु का विकास बाधित नहीं होता। हालांकि, यह पूरी तरह महिला की शारीरिक स्थिति और हेल्थ हिस्ट्री पर निर्भर करता है। वैसे इस्लामिक धर्म के हिसाब से प्रेग्नेंट महिलाओं को रोजा रखना है या नहीं, यह पूरी तरह उनका स्वयं का निर्णय होता है। देखा गया है कि रमजान के दौरान रमजान के दौरान रोजा रखने को मुख्य रूप से थकान और डिहाइड्रेशन के लक्षणों के साथ जोड़कर देखा जाता है। साथ ही, इन दिनों प्रेग्नेंट महिलाओं का वजन भी कम हो जाता है। आमतौर पर गर्भ में पल रहे शिशु का विकास बाधित नहीं होता है और न ही डिलीवरी के दौरान शिशु का वजन प्रभावित होता है।

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प्रेग्नेंट महिलाएं कैसे करें रोजा

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अपने खानपान का पूरा ध्यान रखना चाहिए। हालांकि, रोजा में सहरी और इफ्तार के रूप में मुख्य रूप से दो बार ही भोजन किया जाता है। हां, अगर आप प्रेग्नेंट हैं, तो इन चीजों का ध्यान जरूर रखें-

  • अपने आपको हाइड्रेट रखें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
  • दिन भर में पर्याप्त रेस्ट करें ताकि शरीर में कमजोरी न आए।
  • अगर आपकी आखिरी तिमाही चल रही है, तो विशेष सावधानी बरतें।
  • सिरदर्द, पेशाब का रंग बदलना या चक्कर आने जैसी समस्या हो, तो सतर्क रहें।
  • अगर रोजा रखते हुए स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, तो डॉक्टर के पास जाने में देरी न करें।

प्रेग्नेंसी महिलाएं क्या न खाएं

  1. सहरी या इफ्तार में कॉफी न पिएं, इससे बॉडी डिहाइड्रेट हो सकती है।
  2. ऐसी चीजें न खाएं, जिसे पचाना मुश्किल हो।
  3. एसिडिक चीजें खाने से बचें, इससे सीने में जलन हो सकती है
  4. शुगर युक्त चीजें खाने से बचें। इससे पूरा दिन प्यास लगती रहती है।
  5. प्रेग्नेंसी के दौरान ऐसी कोई भी चीज खाने से बचें, जो शिशु के विकास पर असर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

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निष्कर्ष

रमजान बड़ा ही पाक महीना होता है। हर मुस्लिम इस महीने खुद की इबादत करता है और रोजा के जरिए अपने समर्पण भाव को दिखाना चाहता है। प्रेग्नेंट महिलाएं का भाव भी यही होता है। हालांकि, उन्हें अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन्हें ऐसी कोई चीज नहीं करनी चाहिए, जिससे उनकी सेहत को नुकसान हो सकता है। इस दौरान उन्हें न सिर्फ डाइट का विशेष ध्यान रखना चाहिए, बल्कि अपनी लाइफस्टाइल पर भी विशेष गौर करना चाहिए। ऊपर दी गई सलाहों को आप अमल में जरूर लाएं।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में रोजा रखा जा सकता है?

    पहली तिमाही के दौरान महिलाओं को कई तरह के स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं, जैसे मॉर्निंग सिकनेस, उल्टी या मतली। अगर इस समयावधि में प्रेग्नेंट महिलाएं थकान और कमजोरी महसूस करती हैं, तो उन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही रोजा रखना चाहिए।
  • रोजा रखने के दौरान डिहाइड्रेशन के क्या संकेत नजर आते हैं?

    बार-बार प्यास लगना, पेशाब का रंग बदलना, गहरा पीला या संतरी होना, चक्कर आना आदि डिहाइड्रेशन के संकेत हैं।
  • प्रेग्नेंट महिलाओं को सहरी में क्या खाना चाहिए जिससे दिनभर प्यास न लगे?

    सहरी में आपको फाइबर युक्त चीजें का सेवन अधिक करें जैसे ओट्स, फल और दही आदि। इसके अलावा, एनर्जेटिक रहने के लिए खजूर ऊर्जा का अच्छा स्रोत है।

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Disclaimer

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Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Feb 17, 2026 13:02 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Feb 17, 2026 13:02 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

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