Fri Oct 9, 2026 | 01:57 PM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

सोया मिल्क या गाय का दूध: प्रोटीन के लिए क्या है बेहतर, जानें एक्सपर्ट से

प्रोटीन के लिए आपको सोया मिल्क लेना चाहिए या गाय का दूध? अगर आप भी इस कशमश में हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। यहां विशेषज्ञ आपके सवाल का सटीक जवाब दे रहे हैं।
सोया मिल्क या गाय का दूध: प्रोटीन के लिए क्या है बेहतर, जानें एक्सपर्ट से
सोया मिल्क या गाय का दूध: प्रोटीन के लिए क्या है बेहतर, जानें एक्सपर्ट से

प्रोटीन के स्रोतों की बात करें, तो लंबे समय से हम इसके लिए दूध या अंडे पर निर्भर करते हैं। प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्व है। इसकी मदद से मसल्स टोन और रिपेयर होती हैं। प्रोटीन की कमी से कमजोरी और थकान हो सकती है। अगर लंबे समय तक शरीर में प्रोटीन की कमी बनी रहती है, तो बालों का झड़ना, स्किन में रूखापन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। बहरहाल, ज्यादातर लोग प्रोटीन के लिए दूध का सेवन करते हैं। यहां एक सवाल जरूर मन में उठता है कि प्रोटीन के लिए सोया मिल्क ज्यादा अच्छा होता है या गाय का दूध? इस बारे में जानने के लिए हमने Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से बात की है।

गाय का दधू

soy milk or cow milk have more protein 01 (11)soy milk or cow milk have more protein 01 (11)

दिव्यां गांधी बताती हैं, "एक कप दूध में करीब 8.14 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। हालांकि, इसमें प्रोटीन के साथ-साथ कैल्शियम, विटामिन बी12 और विटामिन डी भी पर्याप्त मात्रा में होते हैं।" गाय के दूध का सेवन करने से आपको कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं, जैसे हार्ट हेल्थ को सपोर्ट मिलता है, मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है और त्वचा और बाल भी बेहतर होते हैं। यही नहीं, दूध का सेवन करने से हड्डियों को भी मजबूती मिलती है।

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सोया मिल्क

दिव्या गांधी कहती हैं, "एक कप सोया मिल्क में 7-8 ग्राम प्रोटीन होता है। इसमें वसा और शुगर की मात्रा भी कम होती है। अच्छी बात यह है कि जिन लोगों को लैक्टोज इंटॉलरेंस की दिक्कत है, वे भी सोया मिल्क का सेवन कर सकते हैं, लेकिन थायराइड के मरीजों के लिए इसका सवन वर्जित होता है।" सोया मिल्क की बात करें, तो यह भी स्वास्थ्य के लिहाज से काफी फायदेमंद माना जाता है। इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड और पोटैशियम होता है। यह बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करके ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में मदद करता है। NIH के अनुसार सोया मिल्क प्रोटीन का अच्छा सोर्स है।

चुनें बेहतर विकल्प

 क्रम  पोषक तत्व  गाय का दूध  सोया मिल्क
 1.  प्रोटीन  ~8 ग्राम  ~7-8 ग्राम
 2.  कैल्शियम  उच्च (प्राकृतिक)  अक्सर फोर्टिफाइड
3.   कोलेस्ट्रॉल  मौजूद होता है  नहीं होता है
4.   स्रोत  पशु आधारित  पौधे आधारित

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प्रोटीन के लिए क्या है बेहतर?

दिव्या गांधी के शब्दों में, "वैसे तो दोनों ही चीजें स्वास्थ्य के नजरिए से अच्छी हैं। अगर किसी को दूध या डेयरी प्रोडक्ट से एलर्जी है, तो वे इसके बजाय सोया मिल्क का सेवन कर सकते हैं। हां, अगर यह पूछा जाए कि प्रोटीन के लिए कौन-सा विकल्प बेहतर है, तो आप निश्चित तौर पर कह सकते हैं कि इसके लिए गाय का दूध अच्छा स्रोत है, लेकिन आमतौर पर प्रोटीन की मात्रा में दोनों को बराबर माना जाता है, जिसमें सोया मिल्क सबसे अच्छा प्लांट-बेस्ड है।" National Institutes of Health (NIH) | (.gov) में प्रकाशित अन्य लेख से पता चलता है कि फैट, प्रोटीन और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के लिए गाय का दूध सबसे अच्छा विकल्प होता है।

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निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहने की बात ये है कि अगर आपका स्वास्थ्य पूरी तरह सही है, तो आप प्रोटीन के लिए अपने पसंदीदा विकल्प को चुन सकते हैं। हालांकि, आपको उस विकल्प को चुनना चाहिए, जो आपकी सेहत के लिए अधिक फायदेमंद है। अगर आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक है, तो आप सोया मिल्क को अपनी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाएं। इसमें कम सैचुरेटेड फैट होता है, वहीं गाय के दूध में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है।

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FAQ

  • कौन सा बेहतर है, सोया दूध या गाय का दूध?

    जैसा कि गाय हमने लेख में पहले ही जिक्र किया है कि सोया मिल्क का सेवन करने से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल, सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर में कमी आ सकती है। हालांकि, दोनों दूध अपनी-अपनी जगह फायेदमंद है। आप अपनी जरूरत और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए किसी का भी सेवन कर सकते हैं।
  • सोया दूध और गाय के दूध में क्या अंतर है?

    सोया दूध प्लांट बेस्ड मिल्क है। इसमें लैक्टोज या कोलेस्ट्रॉल नहीं होता, जबकि गाय का दूध एनिमल बेस्ड होता है। यह कैल्शियम और विटामिन बी12 का प्राकृतिक स्रोत है। 
  • पुरुषों को सोयाबीन क्यों नहीं लेना चाहिए?

    हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और अमेरिकन सोसायटी ऑफ रिप्रोडक्टिव मेडिसीन के अध्ययनों में प्रकाशित अध्ययन से पता चलता है कि सोयाबीन के सेवन से पुरुषों के स्पर्म काउंट में कमी आती है। हालांकि, इसका सेवन कितनी मात्रा में किया जा रहा है, यह बात भी मायने रखती है।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Feb 25, 2026 15:54 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Feb 25, 2026 15:54 IST

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