Navasana/Boat Pose: नावासन को करने से सेहते को होते हैं ये 5 फायदे, जानें इसे करने की विधि

अपनी दिनचर्या में नावासन को जोड़ने से सेहत को कई तरीकों से लाभ पहुंचता है। जानते हैं नावासन को करने के तरीके और इससे मिलने वाले फायदे...

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: May 04, 2021Updated at: May 04, 2021
Navasana/Boat Pose: नावासन को करने से सेहते को होते हैं ये 5 फायदे, जानें इसे करने की विधि

नियमित रूप से आसन करने से सेहत को कई तरीकों से लाभ होता है। हमें पता होना चाहिए कि कौन सा आसन करने से सेहत तंदुरुस्त बनती है। आज हम फिर एक आसन के बारे में बता रहे हैं जिसका नाम है नावासन (Navasana)। अगर इस आसन को नियमित रूप से किया जाए तो व्यक्ति के एब्स को मजबूती मिलती है। अब सवाल यह है कि इस आसन को कैसे करें। ये लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बता रहे हैं कि इस आसन को करने का सही तरीका steps of Navasana) क्या है? साथ ही जानेंगे कि इसे करने से सेहत को क्या फायदे (Benefits of Navasana) होते हैं और नावासन को करने के दौरान कौन सी सावधानी बरतनी चाहिए? पढ़ते हैं आगे...

नावासन को करने का तरीका (steps of nevasan)

सबसे पहले जमीन पर मैट बिछाएं और उस पर बैठ जाएं। लंबी गहरी सांस लें और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। अब अपने पैरों को आगे की तरफ खोलें और अपनी पीठ को हल्का सा पीछे की ओर झुकाएं। अब लगभग 60 डिग्री तक अपने पैरों को ऊपर उठाएं और अपने हाथों को भी जमीन से ऊपर उठाएं। जैसा कि ऊपर चित्र में दिखाया गया है। इसके दौरान भी लंबी गहरी सांस लेते रहें और अपने दोनों घुटनों को एक दूसरे से मिलाएं। आप महसूस करेंगे कि आप अपने पैरों को जितना उठा रहे हैं आपकी पीठ उतना पीछे जा रही है। अपने हाथों को एकदम सीधा रखें और इस स्थिति में लगभग 40 से 60 सेकंड तक रहें। आप अपनी क्षमता के अनुसार अपना समय निर्धारित कर सकते हैं। अब पुराने स्थिति में आने के लिए सबसे पहले अपने हाथों को नीचे करें और अपने पैरों को भी नीचे जमीन पर ले आएं। थोड़ी देर ऐसे ही विश्राम की अवस्था में रहें और उसके बाद फिर इस प्रक्रिया को करें।

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नावासन को करने के दौरान बरतने वाली सावधानी

1 - पीरियड्स के दौरान गर्भवती महिलाएं आसन को करने से बचें।

2 - अगर किसी व्यक्ति को माइग्रेन है या सर दर्द है तो वे भी इस आसन को करने से बचें।

3 - दस्त होने पर इस आसन को न करें।

4 - अपनी क्षमता पर ज्यादा जोर ना लगाएं।

5 - जिन लोगों को नींद नहीं आती यानी अनिद्रा की समस्या है। साथ ही जो लोग अस्थमा, दिल की समस्या, निम्न रक्तचाप आदि से परेशान हैं वे भी इस आसन को करने से बचें।

6 - जिन लोगों की गर्दन में दर्द रहता है वे भी नावासन को करने से बचें।

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नावासन को करने से होने वाले फायदे (benefits of navasana)

1 - नावासन को करने से पाचन क्रिया तंदुरुस्त होती है।

2 - थायराइड की गति को उत्तेजित करने के लिए यह आसन करना अच्छा है।

3 - गुर्दे की सेहत, आंतों को और प्रोस्टेट ग्रंथियों के लिए भी यह आसन अच्छा है।

4 - नावासन से तनाव से छुटकारा मिलता है।

5 - पेट की मांसपेशियों, कूल्हे की हड्डी, रीढ़ की हड्डी में मजबूती आती है।

नोट - अगर आप पैरों के साथ अपने हाथों को नहीं उठा पा रहे हैं तो आप जमीन पर अपने हाथों को टिकाएं रखें। किसी दीवार के सहारे से भी इस आसन को कर सकते हैं। शुरुआत में आप केवल 10 सेकंड तक भी इस स्थिति में बैठ सकते हैं। बता दें कि आसन सेहत के लिए बहुत उपयोगी है लेकिन ऊपर बताई गई सावधानियों का जरूर ध्यान रखें वरना सेहत को और भी नुकसान हो सकता है।

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