Jathara Parivartanasana: जठर परिवर्तनासन को करने से वजन होता है कम, जानें इसके 6 फायदे और विधि

जठर परिवर्तनासन को करने से पेट को कई तरीकों से लाभ मिलता है। जानते हैं इस आसन को करने के फायदे और करने की विधि।

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: May 04, 2021Updated at: May 04, 2021
Jathara Parivartanasana: जठर परिवर्तनासन को करने से वजन होता है कम, जानें इसके 6 फायदे और विधि

सेहत के लिए योग बहुत जरूरी है। शरीर को ऊर्जा देनी हो या किसी शरीर की ऐंठन को दूर करना हो, आसन बहुत जरूरी हैं। आज हम बात कर रहे हैं जठर परिवर्तनासन की (Jathara Parivartanasana)। बता दें कि यह तीन शब्दों से मिलकर बना है जठर, परिवर्तन और आसन। जठर का मतलब होता है पेट, वहीं परिवर्तन का अर्थ होता है मरोड़ना और आसन का अर्थ होता है मुद्रा। इस आसन को करने से पेट की कई समस्याओं से लाभ मिल सकता है। वहीं किडनी की समस्याओं से भी राहत मिलती है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि जठर और जठर परिवर्तनासन को करने से सेहत को क्या-क्या लाभ (Benefits of Jathara Parivartanasana) होते हैं। साथ ही से करने की विधि (steps of Jathara Parivartanasana) और इसे करने के दौरान बरतने वाली सावधानी के बारे में भी जानेंगे। पढ़ते हैं आगे...

जठर परिवर्तनासन को करने की विधि (jathara parivartanasana steps)

सबसे पहले जमीन पर योगा मैट बिछाएं और उस पर सीधे लेट जाएं। अपने हाथों को जमीन पर टिकाएं। अब अपने दोनों हाथों को जमीन के सहारे सीधा खोलें और कंधों के समांतर लेकर आएं। अब दोनों पैरों को घुटनों को सीधा रखते हुए 90 डिग्री कोण बनाते हुए अपने दाई और लेकर जाएं। आपका सर और शरीर सामने की ओर होना चाहिए। केवल आपकी टांगें दाई और होने चाहिए। जैसा की ऊपर तस्वीर में दिखाया जाए। आपका चेहरा और पैर विपरीत दिशा में होने चाहिए। अगर आपका पैर दाई दिशा में है तब तक सर बाई दिशा में होना चाहिए। तकरीबन 10 से 20 सेकंड तक इसी अवस्था में बैठे रहें। आप अपनी क्षमता के अनुसार भी समय निर्धारित कर सकते हैं। पुरानी अवस्था में आने के लिए सबसे पहले अपनी चेहरे को सीधा करें। उसके बाद अपने पैरों को भी सीध में ले आएं और अपने हाथों को सीधा कर लें। थोड़ी देर आराम करने फिर से विपरीत दिशा से इसी प्रक्रिया को दोहराएं।

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जठर परिवर्तनासन को करने से मिलने वाले फायदे (benefits of jathara parivartanasana)

1 - बता दें कि जठर परिवर्तनासन को करने से मोटापा दूर हो जाता है।

2 - इस आसन से किडनी की समस्या दूर हो जाती हैं।

3 - इस आसन को नियमित रूप से करते हैं तो उन्हें शुगर की समस्या, गैस की समस्या, एसिडिटी की समस्या दूर हो जाती है।

4 - रीढ़ में लचीलापन लाने के लिए आप सब ये आसन कर सकते हैं।

5 - अगर आपकी कमर में दर्द है तो इस दर्द को दूर करने करने और गर्दन का दर्द भी दूर करने के लिए आप जठर परिवर्तनासन कर सकते हैं।

6 - पेट के सभी अंगों को सक्रिय करने के लिए जठर परिवर्तनासन एक अच्छा विकल्प है।

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बरतने वाली सावधानी-

1 - जिन लोगों के कमर में दर्द रहता है वे 90 डिग्री तक अपने पैरों को नहीं ले जा सकते हैं वे जितने डिग्री तक ले जा सकते हैं उतना ही लेकर जाएं।

2 - जिन लोगों की कंधे में दर्द है वे अपने शरीर पर ज्यादा जोर न दें।

3 - पीरियड्स के दौरान इस योग को न करें।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि जठर परिवर्तनासन करने से सेहत को खासकर पेट को कई तरीकों से आराम मिल सकता है। ऐसे में आप अपनी इस आसन को दिनचर्या में जोड़ सकते हैं। लेकिन इस आसन को करते वक्त किसी भी प्रकार की दिक्कत महसूस हो तो आप किसी एक्सपर्ट की मदद ले सकते हैं। आप एक्सपर्ट की देखरेख में ये आसन कर सकते हैं।

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