Nariyal tel Vs Sarso tel: सर्दियों में स्किन की समस्याएं बढ़ जाती हैं और त्वचा की बनावट भी प्रभावित रहती है। इस मौसम में स्किन की ड्राइनेस बढ़ जाती है। ऐसे में समझ नहीं आता कि स्किन की ड्राईनेस और खुश्की को कैसे कम करें। ऐसे में ये देसी नुस्खा आपके लिए कारगर तरीके से काम कर सकता है। दरअसल, सर्दियों में नहाने के बाद अगर आप शरीर को मॉइस्चराइज कर लें तो आप ड्राइनेस, खुजली, जलन, रैशेज और खुश्की से बच सकते हैं। इस स्थिति में स्किन को मॉइस्चराइज करने का एक देसी तरीका ये है कि आप नहाने के बाद अपने शरीर पर तेल लगा लें। आप नारियल का तेल या सरसों का तेल लगा सकते हैं लेकिन ऐसे में भी सवाल आता है कि आपको किस तेल को लगाना चाहिए और किसे नहीं (Nariyal tel Vs Sarso tel after bath)? जानते हैं क्या है बेहतर विकल्प डॉ. विजय सिंघल, सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजी श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट दिल्ली से।
सर्दियों में नहाने के बाद शरीर पर किसे लगाएं-Nariyal tel Vs Sarso tel?
डॉ. विजय सिंघल बताते हैं कि सर्दियों में नहाने के बाद शरीर पर तेल लगाना त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी होता है, लेकिन नारियल तेल और सरसों तेल दोनों की तासीर और असर अलग-अलग होती है।
नारियल तेल
नारियल तेल ठंडी तासीर का होता है, इसलिए जिन लोगों की त्वचा बहुत ज्यादा ड्राई रहती है, खुजली, जलन या एग्जिमा जैसी समस्या होती है, उनके लिए यह फायदेमंद माना जाता है। यह स्किन को गहराई से मॉइस्चराइज कर देता है और एलर्जी की संभावना भी कम रहती है। इसके अलावा ड्राई स्किन के लिए नारियल तेल का इस्तेमाल काफी कारगर है क्योंकि इस तेल के कण मोटे होते हैं और स्किन में लंबे समय तक जमा रहते हैं। इससे स्किन में हाइड्रेशन लॉक हो जाता है और ड्राई स्किन से छुटकारा मिलता है। जब आप नारियल तेल लगाते हैं तो इसका लॉरिक एसिड और अन्य फैटी एसिड त्वचा की सुरक्षात्मक परत को मजबूत करते हैं, जिससे त्वचा की दरारें भर जाती हैं और त्वचा पूरी तरह से हील हो जाती है। इस तेल को लगाने से त्वचा फटती है।
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सरसों तेल
सरसों तेल गरम तासीर का होता है, जो ठंड के मौसम में शरीर में गर्माहट बनाए रखने में मदद करता है। जिन लोगों को ठंड ज्यादा लगती है, जोड़ों में दर्द रहता है या मांसपेशियों में अकड़न होती है, उनके लिए सरसों तेल बेहतर विकल्प हो सकता है। सरसों का तेल एंटीबैक्टीरियल गुणों से भी भरपूर है जिससे एक्ने और खुजली की समस्या में भी कमी आती है।

सर्दियों के अनुसार कौन है बेहतर?
सर्दियों में नारियल तेल जम जाता है और इसके कण स्किन के द्नारा आसानी से अवशोषित नहीं हो पाते हैं। जबकि, सरसों का तेल आसानी से अवशोषित होकर लंबे समय तक स्किन में रहते हैं। सरसों के तेल में नारियल तेल की तुलना में गर्मी भी होती है जो कि एंटी इंफ्लेमेटरी तरीके से स्किन के लिए काम करती है और स्किन को हेल्दी रखती है।
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इसके अलावा आपको बस इसी बात का ध्यान रखना है कि इन दोनों को गर्म करके ही स्किन के लिए इस्तेमाल करें जिससे तेल के कण गर्म होकर हल्के हो जाते हैं और स्किन द्वारा आसानी से अवशोषित हो पाते हैं। फिर ये स्किन में लंबे समय तक जमा रहते हैं और स्किन को मॉइस्चराइज करने के साथ हाइड्रेटेड रखते हैं।
हालांकि बहुत संवेदनशील त्वचा वालों में सरसों तेल से जलन या रैश हो सकते हैं। बच्चों और बुजुर्गों में आमतौर पर नारियल तेल ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। सर्दियों में अपनी त्वचा की नेचुरल और शरीर की जरूरत को समझकर ही तेल का चुनाव करें और नहाने के बाद हल्की गीली त्वचा पर तेल लगाएं, ताकि नमी लंबे समय तक बनी रहे।
FAQ
नाभि में सरसों का तेल डालने से क्या लाभ होता है?
नाभि में सरसों का तेल डालने से स्किन मॉइस्चराइज रहने के साथ ड्राइनेस से बची रहती है। इसके अलावा ये स्किन की कई समस्याओं को कम करने में मददगार जैसे कि एक्ने और त्वचा का फटना।रात में नारियल तेल लगाकर सोने से क्या फायदा होता है?
रात में नारियल तेल लगाकर सोने से स्किन अंदर से मॉइस्चराइज रहती है और फटती नहीं है। इसके अलावा लंबे समय तक ये स्किन को अंदर से हाइड्रेटेड रखती है।नारियल का तेल प्राइवेट पार्ट में लगाने से क्या होता है?
नारियल का तेल प्राइवेट पार्ट में लगाने से खुजली कम होती है और घर्षण में कमी आती है। इसके अलावा ये खुजली और जलन को कम करने के साथ टिश्यू रिपेयर करने और नेचुरल लुब्रिकेंट के रूप में काम करता है।
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Jan 07, 2026 16:27 IST
Modified By : Pallavi Kumari Jan 07, 2026 16:27 IST
Modified By : Pallavi KumariJan 07, 2026 16:27 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Vijay Singhal