सेहत का असली राज खोलते हैं नाखून, जानें अपना हाल

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 01, 2018
Quick Bites

  • हल्के पीले और कमजोर नाखून कई गड़बडिय़ों का संकेत देते हैं।
  • हलके गुलाबी नाखून अच्छी सेहत की निशानी हैं।
  • जि़ंक की कमी या आथ्र्राइटिस की स्थिति में भी ऐसा हो सकता है।

जरा सोचिए नाखून की हमारे शरीर में क्या अहमियत है? हमारे हाथ-पैरों की उंगलियों को सुरक्षा प्रदान करने के अलावा चीज़ों को पकडऩे, खरोंचने, छीलने और त्वचा को खुजाने (लिखने में थोड़ा अज़ीब लगता है, पर नाखून के बिना ये ज़रूरी काम कैसे संभव हो पाते?) के लिए हम  नाखूनों पर ही निर्भर होते हैं। दरअसल नाखून कैल्शियम और केरेटिन नामक प्रोटीन से बने होते हैं। बालों और त्वचा की संरचना भी इसी तत्व से होती है। शरीर में पोषक तत्वों की कमी या बीमारी होने पर केरेटिन की सतह प्रभावित होने लगती है। इससे नाखूनों की रंगत भी बदलने लगती है। इनकी बदलती रंगत और आकार कई स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत देते हैं। आइए जानते हैं—

पीले नाखून

हल्के पीले और कमजोर नाखून एनीमिया, हृदय रोग, कुपोषण व लिवर संबंधी गड़बडिय़ों का संकेत देते हैं। फंगल इन्फेक्शन की वजह से पूरा नाखून ही पीला हो जाता है। कई बार जॉन्डिस, थायरॉयड और डायबिटीज़ की स्थिति में भी ऐसा हो सकता है।

सफेद नाखून

हलके गुलाबी नाखून अच्छी सेहत की निशानी हैं, लेकिन नाखूनों का पूरी तरह सफेद होना या उन पर ऐसे धब्बे नज़र आना लिवर, हृदय या आंतों की बीमारियों के लक्षण हो सकते हैं।

इसे भी पढ़ें : सीने में जलन और दर्द है तो नजरअंदाज न करें, हो सकता है खतरनाक रोग प्लूरिसी

नीले नाखून

अगर शरीर में ऑक्सीजन का संचार सही ढंग से न हो तो नाखूनों का रंग नीला होने लगता है। सर्दियों के मौसम में ठंड की वजह से उंगलियों की रक्तवाहिका नलिकाओं सिकुड़ जाती हैं, जिससे नाखूनों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता और वे नीले पड़ जाते हैं। ऐसी समस्या को रेनाड्स कहा जाता है। फेफड़े में इन्फेक्शन, निमोनिया या दिल की बीमारियों की वजह से भी ऐसा हो सकता है।

मोटे और रूखे नाखून

मोटे और खुरदरे नाखून सिरोसिस और फंगल इन्फेक्शन का संकेत देते हैं। रोग-प्रतिरोधक क्षमता में कमी व बालों के गिरने की स्थिति में भी नाखून बेरंग और रूखे हो जाते हैं।

धारियां और दरारें

अगर नाखूनों में दिखने वाली धारियां या दरारें विटमिन सी, फॉलिक एसिड व प्रोटीन की कमी से हो सकती हैं। जि़ंक की कमी या आथ्र्राइटिस की स्थिति में भी ऐसा हो सकता है।

फंगल इन्फेक्शन की पहचान

फंगल इन्फेक्शन की वजह से भी नाखून सफेद या पीले रंग के दिखाई देते हैं। अधिक स्विमिंग या ज्य़ादा देर तक पानी से संबंधित काम करने वालों को ऐसी समस्या हो सकती है।

इसे भी पढ़ें : पेशाब के समय दर्द और जलन है तो हो सकते हैं ये 5 कारण

आसपास की त्वचा

नाखूनों के आसपास की त्वचा भी स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत देती है। आयरन और विटमिन बी-12 की कमी होने पर नाखून अंदर की ओर धंस जाते हैं। विटमिन सी की कमी से नाखून कटने-फटने लगते हैं और उनके पोरों की त्वचा उखडऩे लगती है और उसमें बहुत दर्द भी होता है। अंत में, यह ज़रूरी नहीं है कि नाखून का बदलता रंग सभी व्यक्तियों में एक ही तरह की बीमारी का संकेत हो। इसलिए ऐसा कोई भी लक्षण दिखाई देने पर अपने आप से कोई अनुमान लगाने के बजाय त्वचा रोग विशेषज्ञ की सलाह लें।

कुछ ज़रूरी बातें

  • नेल्स की अच्छी ग्रोथ के लिए कैल्शियम और जि़ंक की ज़रूरत होती है। इसलिए अपनी डाइट में मिल्क प्रोडक्टस और हरी पत्तेदार सब्जि़यों को प्रमुखता से शामिल करें।
  • हमेशा नेल पेंट न लगाएं। इससे नाखूनों की स्वाभाविक चमक फीकी पड़ जाती है। महीने में दो-चार दिनों के लिए नाखूनों को अच्छी तरह साफ करके यूं ही छोड़ देना चाहिए।
  • नाखूनों के क्यूटिकल्स उन्हें फंगस और बैक्टीरियल संक्रमण से बचाते हैं। इसलिए उनकी स$फाई का विशेष ध्यान रखें।
  • नेल्स के आसपास की त्वचा को नियमित रूप से मॉयस्चराइज़र की नमी दें।
  • विटमिन सी का सेवन नाखूनों के आसपास की त्वचा को कटने-फटने से रोकता है। इसके लिए नींबू, संतरा, अंगूर और अनन्नास जैसे खट्टे फलों का सेवन नियमित रूप से करें।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Other Diseases In Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES945 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK