स्वास्थ्य मंत्रालय ने जताई चिंता, कोरोना वायरस के 80% मरीजों में कोई लक्षण नहीं या बेहद सामान्य लक्षण

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कोरोना वायरस के 80% मरीजों में कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में चिता की बात है क्योंकि ये लोग इंफेक्शन फैला सकते हैं।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Apr 21, 2020Updated at: Apr 21, 2020
स्वास्थ्य मंत्रालय ने जताई चिंता, कोरोना वायरस के 80% मरीजों में कोई लक्षण नहीं या बेहद सामान्य लक्षण

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कोरोना वायरस से जुड़ी एक बड़ी चिंता जाहिर की है। मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 के 80% मरीजों में कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं या फिर बहुत हल्के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। ये चिंता की बात है। इसलिए भारत में जांच का पैटर्न बदलने पर विचार किया जा रहा है। जिन मरीजों में कोई लक्षण नहीं हैं वो इस इंफेक्शन को दूसरों में आसानी से फैला सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने सोमवार को अपनी प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कि लगभग 15% मामले ऐसे हैं, जो गंभीर हैं और 5% मामले अति गंभीर स्थितियों वाले हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन के कारण भारत में कोरोना को रोकने में काफी हद तक सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन से पहले 3.4 दिन में मरीजों की संख्या दोगुनी होने लगी थी। लेकिन अब ये 7.5 दिन में दोगुनी हो रही है।

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WHO ने कहा- "बुरा दौर तो अभी आने वाला है"

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सोमवार को अपनी डेली प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कोरोना वायरस को लेकर चिंता जाहिर की है। WHO चीफ ने कहा कि, "बुरा दौर तो अभी आने वाला है।" उन्होंने ये बात इस संदर्भ में कही है कि ज्यादातर देश अब अपने-अपने देशों में कोरोना वायरस को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंध हटा रहे हैं। ऐसे में एक आशंका यह है कि आने वाले दिनों में कुछ देशों में स्थितियां बिगड़ेंगी। दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या लगभग 25 लाख पहुंचने वाली है। अब तक ये वायरस 1 लाख 70 हजार लोगों की जान ले चुका है।

WHO चीफ Tedros Adhanom Ghebreyesus ने कहा, "हमारा विश्वास कीजिए, बुरा दौर तो अभी आगे आने वाला है। आइए मिलकर इस विपत्ति से लड़ते हैं। ये एक ऐसा वायरस है, जिसके बारे में बहुत सारे लोग अभी भी कुछ नहीं समझ पा रहे हैं।"

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भारत में भी कोरोना को रोकना होगा बड़ी चुनौती

भारत में भी लॉकडाउन की मियाद 3 मई तक रखी गई है मगर कुछ इलाकों में सोमवार, 20 अप्रैल से थोड़ी छूट दी गई है। ऐसे में भारत सरकार के लिए भी ये एक बड़ी चुनौती होगी कि लॉकडाउन हटाने के बाद देश को सामान्य गति से चलाते हुए लोगों को इकट्ठा होने से कैसे रोका जाए, साथ ही कोरोना को फैलने से कैसे रोका जाए और कैसे इससे निपटा जाए।

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भारत में कोरोना मरीजों की संख्या 18000 पार

मंगलवार,21 अप्रैल की सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में कोरोना वायरस मरीजों की संख्या 18601 तक पहुंच गई है। इनमें से 590 मरीजों की मृत्यु भी हो चुकी है। सोमवार को 24 घंटे में 47 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। लेकिन अच्छी बात ये है कि इसी बीच सोमवार को 572 लोगों को ठीक किया जा चुका है और ठीक होने वाले मरीजों की कुल संख्या अब 3252 हो गई है। भारत में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित शहर मुंबई है, जहां अकेले ही 3000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। वहीं दिल्ली में भी संक्रमितों की संख्या 2 हजार की संख्या पार कर गई है।

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मुंबई, दिल्ली के बाद अब गुजरात बन रहा है नया हॉटस्पॉट

मुंबई और दिल्ली के बाद गुजरात अब कोरोना वायरस का नया हॉटस्पॉट बनता दिखाई दे रहा है। सोमवार को मुंबई में 463 और दिल्ली में 78 नए मामले सामने आए, वहीं गुजरात में 196 नए मरीज मिले। ताजा आंकड़ों के अनुसार देश के 2 राज्य कोरोनामुक्त हो चुके हैं, जिनमें गोवा और मणिपुर शामिल हैं।

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