Fri Sep 11, 2026 | 08:22 PM IST

Medically Reviewed by Edwina Raj , Nutritionist & Dietician

Moringa Vs Wheatgrass: सेहत के लिए किसका सेवन है ज्यादा फायदेमंद, जानें एक्सपर्ट की राय

Moringa Vs Wheatgrass: आजकल लोग हर्बल उपायों को ज्यादा आजमाते हैं, ऐसे में मोरिंगा और व्हीटग्रास में से कौन सा सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है? जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट की राय।

Moringa Vs Wheatgrass: आजकल लोग सेहतमंद रहने के लिए नेचुरल और हर्बल उपायों को ज्यादा आजमाते हैं। ऐसे में लोग मोरिंगा (Moringa) और व्हीटग्रास (wheatgrass) जैसे हर्बल उपायों को खूब आजमाते हैं और वेट लॉस से लेकर शरीर के अलग-अलग अंगों को हेल्दी रखने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। इस कड़ी में एक सवाल आता है कि इन दोनों में से कौन सा सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है? इसके अलावा आप अपनी सेहत के लिए अनुसार किसका सेवन कर सकते हैं और कब कर सकते हैं? जानते हैं इस बारे में Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangalore की राय।

मोरिंगा Vs व्हीटग्रास: किसका सेवन है ज्यादा फायदेमंद-Moringa Vs wheatgrass in Hindi?

न्यूट्रिशनिस्ट एडविना राज बताती हैं कि मोरिंगा और व्हीटग्रास दोनों ही स्वास्थ्यवर्धक हैं, लेकिन इनके लाभ अलग-अलग हैं। इस वजह से आप सेहत से जुड़ी अलग-अलग समस्याओं के लिए इनका अलग-अलग प्रकार से इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे

मोरिंगा-Moringa

न्यूट्रिशनिस्ट एडविना की मानें तो मोरिंगा विटामिन, खनिज, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है और यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, सूजन कम करने और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक है। यही वजह है कि डायबिटीज के मरीज और वजन घटाने वाले इसका सेवन ज्यादा करते हैं। मोरिंगा का प्रोटीन, क्रेविंग कम करने के साथ भूख और हार्मोन को संतुलित करने में मदद करता है। इसका सेवन शरीर में ब्लोटिंग और बेकार की सूजन को कम करने में मददगार है जिससे वेट लॉस (Moringa for weight loss) में मदद मिलती है। इसके अलावा मोरिंगा के एंटीऑक्सीडेंट्स इंसुलिन के प्रोडक्शन को बढ़ावा देकर शुगर पचाने की गति तेज कर सकते हैं जिससे मोरिंगा डायबिटीज कंट्रोल करने में (Moringa for diabetes) मददगार है।

Moringa Vs wheatgrass

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व्हीटग्रास-Wheatgrass

व्हीटग्रास, यह समग्र पोषण और दैनिक ऊर्जा के लिए विशेष रूप से अच्छा है। व्हीटग्रास में क्लोरोफिल की मात्रा अधिक होती है और यह पाचन, विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने और आंतों के स्वास्थ्य में सहायक है। यह चयापचय को बढ़ाने और त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार करने में भी मदद कर सकता है। अगर आपका लक्ष्य विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालना और पाचन को बेहतर बनाना है, तो व्हीटग्रास एक बेहतर विकल्प है। इस प्रकार से जो लोग बॉडी डिटॉक्स (Wheatgrass for body detox) और आंतों को साफ करना चाहते हैं उनके लिए व्हीटग्रास फायदेमंद है।

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क्या है बेहतर विकल्प-Which is better for health?

ये पूछने पर न्यूट्रिशनिस्ट एडविना राज बताती हैं किअगर आप संपूर्ण पोषण, शरीर को डिटॉक्स करने के साथ वेट लॉस और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना चाहते हैं, तो मोरिंगा बेहतर है। इसके अलावा इसका सेवन फैटी लिवर और डायबिटीज जैसी बीमारियों में भी कारगर तरीके से मददगार है।

हालांकि, आप अपनी सेहत और जरूरत के अनुसार दोनों का अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं। आप जहां मोरिंगा की चाय और पानी पी सकते हैं वहीं, व्हीटग्रास जूस पी सकते हैं। इस प्रकार से अलग-अलग स्थितियों में आप इसका अलग-अलग प्रकार से फायदा उठा सकते हैं।

FAQ

  • मोरिंगा खाने से क्या फायदा होता है?

    मोरिंगा आयरन, कैल्शियम, विटामिन (A, C, E) और फाइबर से भरपूर होता है जो कि वेट लॉस करने के साथ आपको स्किन से जुड़ी कई समस्याओं से बचा सकता है। इसके अलावा ये आंतों की गंदगी को भी डिटॉक्स करने में मददगार है।
  • क्या हम खाली पेट मोरिंगा के पत्ते खा सकते हैं?

    खाली पेट मोरिंगा के पत्ते खाना हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं है लेकिन अगर को अपने आंतों की सफाई चाहता है फिर बॉडी डिटॉक्स चाहता है तो इसका सेवन कर सकते हैं। आप इन पत्तियों को उबालकर इसका जूस पी सकते हैं। 
  • क्या आप मोरिंगा और व्हीटग्रास मिला सकते हैं?

    मोरिंगा और व्हीटग्रास को मिलाकर आप एक जूस तैयार कर सकते हैं लेकिन आपको अपने एक्सपर्ट से पूछकर ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए ताकि आपकी सेहत ज्यादा प्रभावित न हो।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 09, 2026 18:12 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Jan 09, 2026 18:12 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Edwina Raj

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