मोदी सरकार करेगी 50 लोगों पर टेस्ट, पता चलेगा कोरोना वायरस के इलाज में कितना कारगर है देसी और पारंपरिक इलाज?

कोरोना वायरस के इलाज में कितने कारगर हैं आयुर्वेदिक, होम्योपैथी और देसी तरीके, पता लगाने के लिए मोदी सरकार करेगी 50 लाख लोगों का टेस्ट।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: May 04, 2020Updated at: May 04, 2020
मोदी सरकार करेगी 50 लोगों पर टेस्ट, पता चलेगा कोरोना वायरस के इलाज में कितना कारगर है देसी और पारंपरिक इलाज?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पिछले संबोधन में कहा था कि योग की ही तरह पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धित आयुर्वेद (Ayurveda) का महत्व भी विश्व को बताने का प्रयास किया जाएगा। इसी कड़ी में पहला कदम उठा लिया गया है। कोरोना वायरस के इलाज में अभी तक पूरी दुनिया सिर्फ एलोपैथी दवाओं और अंग्रेजी चिकित्सा पर ही निर्भर है। मगर मोदी सरकार ने आयुर्वेद और दूसरी वैकल्पिक चिकित्सा विधियों को केंद्र में लाने के लिए देसी इलाज का ट्रायल 50 लाख लोगों पर करने का निर्णय लिया है। ये ट्रायल आयुष मंत्रालय (Ayush Ministry) द्वारा किया जाएगा। इस काम में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी सहयोग करेगा और उसके एक्सपर्ट ही शोधकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि इस ट्रायल के लिए पहले ही 1.80 लाख लोग अपना रिजस्ट्रेशन करवा चुके हैं।

अगल-अलग क्षेत्रों से चुने जाएंगे लोग

इस ट्रायल के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से लगभग 50 लाख लोगों चुना जाएगा। इस ट्रायल में कोरोना वायरस से संक्रमित पॉजिटिव मरीज तो होंगे ही, साथ ही सामान्य लोग, स्वास्थ्य कर्मी, सुरक्षा बलों में तैनात जवान और कई एनजीओ कार्यकर्ता भी होंगे। आयुष मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी पी.के. पाठक के अनुसार इस ट्रायल को फिलहाल 3 चरणों में किए जाने की योजना है और इन्हीं की निगरानी में कमेटी का भी गठन किया गया है।

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कोरोना वायरस पर आयुर्वेद के इलाज का होगा परीक्षण

आयुर्वेद हजारों सालों की भारतीय ज्ञान का सार है, जिसमें लगभग हर तरह की बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं के लिए अनुकूल इलाज बताया गया है। अब ऐसे समय में जब लगभग पूरी दुनिया एक बड़ी महामारी की मार झेल रही है और 2 महीने से बंद पड़ी है, तो आयुर्वेद के महत्व को जांचने और समझने का यही सबसे बेहतरीन समय है। इसलिए आयुष मंत्रालय आयुर्वेदिक उपचार का भी कोरोना के मरीजों पर जांच करेगा। दिल्ली के चौधरी ब्रह्मप्रकाश आयुर्वेद अस्पताल और तिब्बिया कॉलेज में पहले ही इसका परीक्षण शुरू हो चुका है। इसके अलावा बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी ने भी इस पर परीक्षण की अनुमति मांगी है।

3500 से अधिक दवाइयां और देसी नुस्खे हैं लिस्ट में

कोरोना वायरस ने जब से दुनिया और भारत के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को संक्रमित करना शुरू किया है, तभी से तमाम वैकल्पिक चिकित्सा से जुड़े लोग ये बात कह रहे हैं कि उन्हें भी इलाज का मौका मिलना चाहिए। इसीलिए देशभर में काम कर रहे आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, सोवा, रिग्पा और सिद्ध चिकित्सकों 3500 से अधिक दवाओं और नुस्खों की लिस्ट सरकार को भेजी है और दावा किया है कि ये दवाएं या नुस्खे कोरोना वायरस के इलाज में कारगर हो सकते हैं। फिलहाल सभी पर तो नहीं, लेकिन आयुष मंत्रालय इनमें से लगभग 100 के आसपास दवाओं को चुनकर उनका इलाज में ट्रायल करेगा।

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कैसे किया जाएगा ट्रायल

आयुष मंत्रालय को जो दवाएं या जड़ी-बूटियां सही लगेंगी, उनके अर्क को निकालकर टैबलेट का रूप दिया जाएगा और फिर क्वारंटाइन में रह रहे लोगों और सुरक्षा में तैनात डॉक्टर्स, नर्सों और जवानों को दिया जाएगा। इस तरह से पता चल सकेगा कि कोरोना वायरस से बचाव में ये देसी नुस्खे, देसी इलाज, आयुर्वेदिक औषधियां आदि कितनी कारगर हैं।

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