पथरी के लिए रामबाण इलाज है कुलथी, जानें कैसे करें इस दाल का सेवन

किडनी की पथरी के दर्द से परेशान हैं तो आपके अपनी डाइट में कुलथी की दाल को शामिल करना चाहिए। आइए जानते हैं इसे खाने का तरीका और फायदे।

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घरेलू नुस्‍खWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Oct 14, 2016Updated at: Jul 13, 2021
पथरी के लिए रामबाण इलाज है कुलथी, जानें कैसे करें इस दाल का सेवन

किडनी की पथरी (Kidney stones) एक आम समस्‍या है जो अक्सर गलत खान-पान, जरूरत से कम पानी पीने के कारण होती है। इस समस्‍या के चलते किडनी के अंदर छोटे-छोटे पत्‍थर जैसे कठोर स्‍टोन बन जाती है। जिससे रोगी को अचानक से दर्द होता है। और पथरी जब मूत्रनली में आ जाती है तब रोगी को और तेज दर्द होता है। यह दर्द सहने योग्य नहीं होता। पथरी की समस्‍या में उल्टी आना, पेशाब का रुक-रुक कर आना, मूत्र में खून आना, मूत्र मार्ग में तेज दर्द होना आदि लक्षण देखने को मिलते हैं। इस समस्‍या का इलाज आप कुलथी की दाल से कर सकते हैं। आइए जानें पथरी दूर करने में कुलथी की दाल (kulthi dal for kidney stone) कैसे मदद करती है।

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पथरी के लिए कुलथी- Kulthi dal for kidney stone

पथरी में कुलथी की दाल फायदेमंद है। आयुर्वेद के अनुसार कुलथी की दाल में विटामिन 'ए' पाया जाता है, यह शरीर में विटामिन 'ए' की पूर्ति कर पथरी को रोकने में मदद करता है। यह दाल उड़द के समान और लाल रंग की होती है। इसकी दाल बनाकर रोगी को दी जाती है जिससे पथरी निकल जाती है। यह आपको बाजार में पंसारी की दुकान पर आसानी से मिल सकती है।

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कुलथी दाल के फायदे-Kulthi dal benefits

कुलथी की दाल के सेवन से पथरी टूटकर या धुलकर छोटी हो जाती है, जिससे पथरी सरलता से मूत्राशय में जाकर यूरिन के रास्ते से बाहर आ जाती है। मूत्रवर्धक गुण होने के कारण इसके सेवन से यूरिन की मात्रा और गति बढ़ जाती है, जिससे रुके हुए पथरी के कण पर दबाव ज्यादा पड़ता है और दबाव ज्‍यादा पड़ने के कारण वह नीचे की तरफ खिसक कर बाहर आ जाती है।

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कैसे करें कुलथी दाल का सेवन-How to use kulthi dal for kidney stone in hindi

1. कुलथी की दाल बनाएं

कुलथी की दाल को 250 ग्राम मात्रा में लें और इसे अच्छे से साफ कर लें। और रात को 3 लीटर पानी में भिगोकर रख दें। सुबह होते ही इस भीगी हुई दाल को पानी सहित हल्की आंच में 4 घंटे तक पकाएं। और जब पानी 1 लीटर रह जाए तब उसमें देशी घी का छौंक लगा दें। आप उसमें काली मिर्च, सेंधा नमक, जीरा और हल्दी डाल सकते हैं। यह 1 सेंटीमीटर से छोटी पथरी के लिए सफल औषधि है। 

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2. कुलथी का पानी पिएं

250 ग्राम पानी में 20 ग्राम कुलथी की दाल को डालें। और रात में ढक कर रख लें। सुबह इस पानी को अच्छे से मिलाकर खाली पेट पी लें। जिस इंसान को पथरी एक बार हो जाती है, उसे दोबारा होने का खतरा होता है। इसलिए पथरी निकलने के बाद भी रोगी को कलथी का कभी-कभी सेवन करते रहना चाहिए। कुलथी पथरी में औषधि के समान है।

पथरी में कुलथी के अलावा आप खरबूजे के बीज, मूली, आंवला, जौ, मूंग की दाल और चोलाई की सब्जी भी खा सकते हैं। साथ ही रोज 7 से 8 गिलास सादा पानी पिएं। पथरी के रोगी को उड़द की दाल, मेवे, चॉकलेट, मांसाहार, चाय, बैंगन, टमाटर और चावल नहीं खाने चाहिए।

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