कब्ज और इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम में फायदेमंद है मेटकुट खाना, न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर से जानें क्या है ये

महाराष्ट्र में, प्रत्येक घर में मेटकुट बनाया जाता है और इसका प्रयोग विभिन्न प्रकार के व्यंजनों में किया जाता है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Feb 17, 2020Updated at: Feb 17, 2020
कब्ज और इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम में फायदेमंद है मेटकुट खाना, न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर से जानें क्या है ये

दालें हमारे कई नियमित आहारों का हिस्सा हैं और इसके कई तरह के फायदे भी हैं। लेकिन प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत होने के बावजूद, बहुत से लोग दाल खाना पसंद नहीं करते हैं। क्या आप उस सूची में हैं? फिर आप इसे मेटकुट (Metkut) के रूप में अपनाना चाहिए। अब आप सोच रहे होंगे कि मेटकुट क्या है? मेटकुट दाल के सूखे मिश्रण जैसा है। जिस तरह आप हल्दी और सोंठ आदि को बनाकर सूखाकर रखते हैं, उसी तरह ये दाल, अनाज, मसाले को भुना कर और पीसकर तैयाक किया जाता है। घर पर मेटकुट बनाने के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि इसका स्वाद स्टोर से खरीदी मेटकुट की तुलना में कहीं अधिक ताजा होता है। यह मसाला मिश्रण स्वाद और स्वास्थ्य को संतुलित तरीके के संयोजित करता है। 

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सेलेब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने इंस्टाग्राम पर मेटकुट के फायदों के बारे में बात की। देश के विभिन्न हिस्सों में इसे बुकनू, मेन्थिटु या पारुपु पोडी के रूप में भी जाना जाता है। मेटकुट को चावल और घी के साथ मिलाया जा सकता है। आप इसे दही में भी मिला कर रोटी के साथ भी खा सकते हैं। जब चावल के साथ मिलाया जाता है, तो मेटकुट स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद हो जाता है। मेटकुट उन बच्चों के लिए अच्छा है जो दाल-चावल खाना पसंद नहीं करते हैं। वहीं पुरानी बीमारियों से पीड़ित रोगियों के लिए या कैंसर के उपचार से गुजर रहे लोगों के लिए, लंबी यात्रा में, दौड़ के बाह और कब्ज से पीड़ित लोगों के लिए कई तरह से फायदेमंद है।

 
 
 
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Have you tried Metkut yet? Also known as - buknu/ menthittu/ parupu podi across India. What is it? A dry mixture of pulses and spices like haldi, soonth, etc. How to eat? Sprinkle on hot rice, add ghee and enjoy. (Can also add in curd and eat with Bhakri/ roti.) - Why? When mixed with rice it provides a complete amino acid profile in a no-fuss, easy preparation. Used as a substitute when you can't eat or don't feel like eating regular dal-rice. - Who can eat? 1. kids - Especially in age group 2-5 years. They naturally don't feel like eating dal-rice and this is an age old recipe to ensure they get all the nutrition they need. More details in #Notesforhealthykids, age-wise section. 2. Patients - Those suffering from Chronic diseases or undergoing treatment for cancer e.g. Their appetite goes for a toss but this is easy on stomach and improves irritability and mood also. More details in Nutrition for cancer video on my FB or YouTube page. 3. Everyone - After long travel or when suffering from constipation, or just want a change. - Today is #worldpulsesday, a @unitednations global event to recognize the importance of Pulses. India had a rich diversity of Pulses (more than 65000 varieties) and an equally diverse methods of using them for different needs and occasions. They also fix Nitrogen back in the soil and prevents the usage of chemical fertilizers. Let's bring the Pulses back on our plate (atleast 12 different pulses every year) and celebrate them in all their glory. For recipe of Metkut, check my mother's post on her Insta page - @rekhadiwekar #pulses #metkut #riceisnice

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मेटकुट (Metkut) खाने के स्वास्थ्य लाभ:

  • -मेटकुट में कम मात्रा में कैलोरी होते हैं। साथ ही साथ इसमें आयरन, फोलेट, प्रोटीन और फाइबर आहार का एक अच्छी मात्रा होती है।
  • -यह कब्ज और बॉवेल सिंड्रोम जैसे अन्य पाचन विकारों को रोकने में मदद करता है।
  • -यह शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का एक उत्कृष्ट स्रोत है।
  • -मेटकुट का फाइबर ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और हृदय रोग के जोखिमों से भी लड़ने में मदद करता है।
  • - इसमें स्थित मैग्नीशियम हड्डियों और मांसपेशियों के निर्माण में मदद करने वाला खनिज है।
  • -यह चयापचय को बढ़ावा देने और रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
  • -इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो सूजन को कम करते हैं।
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मेटकुट (Metkut)बनाने की सामग्री:

  • 1 कटोरी चना दाल / स्प्लिट छोला दाल 
  • चावल ¼ कप
  • उड़द की दाल 3 बड़े चम्मच
  • मूंग दाल 3 बड़े चम्मच
  • गेहूं का आटा 3 बड़े चम्मच
  • धनिया पाउडर 1 चम्मच
  • जीरा पाउडर 1 चम्मच
  • सरसों 1 चम्मच
  • हल्दी 1 चम्मच
  • दालचीनी पाउडर ¼ छोटा चम्मच
  • लाल मिर्च पाउडर 1 बड़ा चम्मच
  • अदरक पाउडर छोटा चम्मच
  • नमक 1 चम्मच
  • वेजिटेबल ऑयल ½ छोटा चम्मच
  • जीरा ½ छोटा चम्मच
  • हींग 1 चुटकी
  • करी पत्ता 3 से 4 
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मेटकुट बनाने की विधि

  • -चना दाल, चावल, उड़द दाल, मूंग दाल, साबुत गेहूं का आटा और सरसों को मध्यम आंच पर 2-3 मिनट के लिए या खुशबूदार होने तक भूनें।
  • -पाउडर बनाने के लिए सभी सामग्री को एक साथ ठंडा और पीस लें।
  • -छलनी से इसे अच्छी तरह से छान लें और दोबारा बचे हुए मोटे कणों को पीस लें।
  • -फिर पाउडर में दही में मिलाए और सरसों-जीरा, करी पत्ता, और हींग के साथ तड़का लगाया लगाएं।
  • -फिर इसे रोटी और चावल के साथ खाएं।

मेटकुट (Metkut) के पौष्टिक तत्व

    • 2000 कैलोरी आहार के आधार पर, प्रति चमच मेटकुट में 40 कैलोरी होती है।
    • वहीं इसें 7.68 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है।
    • 1.3 ग्राम आहार फाइबर
    • 0.38 ग्राम फैट
    •  2.22 ग्राम प्रोटीन और साथ में आयरन 5.2 ग्राम, फोलेट 6 ग्राम, मैग्नीशियम 5.26 ग्राम और विटामिन ए 4.4 होता है।

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